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हनुमान जी के स्वरूप बंदर कभी मरते हुए क्यों नहीं दिखाई देते? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

Monkey Death Mystery: क्या आपने कभी किसी बंदर को मरते हुए देखा है? शायद नहीं. आमतौर पर बंदर अपने अंतिम समय में दिखाई नहीं देते हैं, जिसके पीछे धार्मिक मान्यताएं और वैज्ञानिक कारण हैं. चलिए जानते हैं आखिर क्यों बंदर मरते हुए नजर नहीं आते हैं.

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Monkey Death Mystery: सनातन धर्म में बंदरों को भगवान हनुमान का स्वरूप माना गया है, जो कि बुद्धिमत्ता, साहस, शक्ति और दिव्य शक्तियों के प्रतीक हैं. कुछ शास्त्रों में हनुमान जी को वानर जाति का वंशज भी बताया गया है. हालांकि, धर्मग्रंथों में बंदरों से जुड़ी कई रोचक कथाएं प्रचलित हैं, जिनमें से एक उनकी मृत्यु से जुड़ी भी है. मान्यता है कि आम व्यक्ति बंदर को मरते हुए देख नहीं पाता है. हालांकि, इससे जुड़ी धार्मिक मान्यता के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी है.

बंदर मरते हुए क्यों नहीं दिखाई देते?

  • धार्मिक मान्यता-

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रामायण काल में वानर सेना के मुखिया ने भगवान श्रीराम से वरदान मांगा था कि उन्हें और उनकी आगे आने वाली पीढ़ी को कभी भी कोई व्यक्ति मरते हुए न देखे. कहा जाता है कि राम जी ने वानर सेना को ये वरदान दिया था कि आम व्यक्ति उनकी मौत नहीं देख पाएगा. इसी के साथ वानर सेना ने राम जी से वरदान मांगा था कि उन्हें अपनी मृत्यु से 7 दिन पहले अपनी मौत का आभास हो जाए. इसलिए कहा जाता है कि जब कभी भी किसी बंदर की मृत्यु होने वाली होती है तो उससे 7 दिन पहले उसे अपनी मौत का आभास हो जाता है और वो घने जंगलों में चला जाता है.

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वहीं, कुछ बंदर एकांत में जाकर दीमक के पेड़ के पास लेट जाते हैं और देह त्याग देते हैं, जिसके बाद दीमक उनका शरीर खा जाती है. इसी वजह से बंदरों के अवशेष आसानी से नहीं मिलते हैं. बता दें कि यदि किसी दुर्घटना में कोई बंदर मर जाता है तो अन्य बंदर उसे दीमक के पेड़ के पास छोड़ देते हैं.

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  • वैज्ञानिक कारण-

बंदर अपनी मौत से पहले अपने झुंड से अलग होकर जंगल में सुरक्षित स्थान पर चले जाते हैं ताकि कोई अन्य जानवर उनका शिकार न कर सके. साथ ही इससे उनके झुंड के अन्य बंदर सुरक्षित रहते हैं.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Apr 02, 2026 09:22 AM

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About the Author

Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में न्यूज राइटिंग से की थी, जिसके बाद देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर व्यापक अध्ययन किया. अब पिछले 4 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन में काम कर रही हैं.

📧 Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

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Nidhi Jain

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