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Religion

Garuda Purana: भूलकर भी न खाएं इन 4 लोगों के घर खाना, वरना अनहोनी नहीं छोड़ेगी पीछा

Garuda Purana: गरुड़ पुराण में भोजन से जुड़े आचरण के नियम बताए गए हैं, जिनमें कुछ घरों का खाना वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं, किन 4 लोगों के घर खाना नहीं खाना चाहिए?

Garuda Purana: गरुड़ पुराण में जीवन के आचरण और सामाजिक व्यवहार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश मिलते हैं। इनमें भोजन से जुड़े नियम भी बताए गए हैं। मान्यता है कि कुछ लोगों के घर का भोजन नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए भोजन करते समय स्थान और व्यक्ति का चयन भी महत्वपूर्ण माना गया है। यह परंपरा केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और नैतिक संतुलन से भी जुड़ी मानी जाती है।

सूदखोर व्यक्ति का भोजन

गरुड़ पुराण के अनुसार सूदखोर यानी अत्यधिक ब्याज पर धन देने वाले व्यक्ति के घर भोजन से बचना चाहिए। ऐसे लोगों के व्यवहार में कठोरता और लालच की भावना मानी जाती है। कहा जाता है कि ऐसे घर का भोजन मन पर भी भारी प्रभाव डाल सकता है। इससे विचारों में अशांति और असंतोष बढ़ने की संभावना रहती है।

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बीमार व्यक्ति के घर

किसी गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति के घर भोजन करने से भी परहेज की सलाह दी गई है। मान्यता है कि रोगी वातावरण की ऊर्जा भोजन को भी प्रभावित कर सकती है। इससे व्यक्ति के स्वास्थ्य पर अप्रत्यक्ष असर पड़ने की संभावना बताई जाती है। इसलिए स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण में भोजन करना बेहतर माना गया है।

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चुगलखोर स्वभाव वाले लोग

गरुड़ पुराण में ऐसे लोगों से भी दूर रहने की सलाह दी गई है जो चुगली या नकारात्मक बातें करते हैं। भोजन के समय ऐसी बातें मन को विचलित कर सकती हैं। इसका असर मानसिक शांति पर पड़ सकता है। समय के साथ यह व्यवहार सोच और निर्णय क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है।

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दुख देने वाले लोग

जो व्यक्ति दूसरों को जानबूझकर कष्ट पहुंचाते हैं, उनके घर भोजन करना भी उचित नहीं माना गया है। ऐसी मान्यता है कि व्यक्ति के व्यवहार का प्रभाव भोजन की प्रकृति पर भी पड़ता है। इससे व्यक्ति के भीतर भी उसी तरह की नकारात्मक प्रवृत्तियां विकसित होने की आशंका बताई जाती है।

आपको बता दें, केवल गरुड़ पुराण ही नहीं अनेक शास्त्रों में भी यह संकेत मिलता है कि भोजन के समय जिस व्यक्ति के घर आप उपस्थित होते हैं, उसकी प्रवृत्ति का असर भी भोजन पर पड़ता है। इसलिए संयमित, सत्यवादी और धर्मनिष्ठ लोगों के घर भोजन को श्रेष्ठ माना गया है। इससे व्यक्ति के भीतर भी शुद्ध विचार और स्थिरता बनी रहती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Apr 21, 2026 01:36 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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