Ganesh Chaturthi Date: सावन की ठंडी फुहारें अब विदा ले रही हैं और भादो का महीना आज से शुरू हो गया है और आज भादो माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है. यह महीना हिन्दू धर्म में बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसी माह में भगवान श्रीकृष्ण और गणेश जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है. हर तरफ 'जय कन्हैया लाल की' और 'गणपति बाप्पा मोरया' की गूंज सुनाई देगी. लेकिन इस बार जन्माष्टमी की तारीख को लेकर थोड़ी उलझन है. कोई 3 सितंबर को व्रत रखेगा तो कोई 4 सितंबर को. आइए ज्योतिषाचार्य और पंडित हर्षवर्द्धन शांडिल्य से जानते हैं कि भादो महीने में पड़ने वाले इन दोनों महापर्वों की सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और इस महीने का धार्मिक महत्व क्या है?
क्यों खास है भादो महीना?
भाद्रपद यानी का महीना भक्ति और व्रतों के लिए बहुत स्पेशल माना गया है. इस महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था. इस दिन व्रत रखने और मध्यरात्रि में पूजा करने से सभी दुख-कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है. वहीं, इसी महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र गणेश जी का प्राकट्य हुआ था. गणेश जी विघ्नहर्ता हैं, जिनकी आराधना करने से बुद्धि, विवेक, ज्ञान और हर काम में सफलता मिलती है.
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 कब है?
इस साल भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव 3 और 4 सितंबर को मनाया जाएगा. स्मार्त संप्रदाय यानी गृहस्थ लोग गुरुवार 3 सितंबर को व्रत रखेंगे और पूजा करेंगे. वहीं वैष्णव संप्रदाय और इस्कॉन जैसे संगठन शुक्रवार 4 सितंबर को यह पर्व मनाएंगे. दोनों ही तिथियां शास्त्र सम्मत हैं, क्योंकि दोनों संप्रदायों की मान्यताएं अलग हैं. असली पूजा मध्यरात्रि में होती है, क्योंकि भगवान कृष्ण का जन्म रात में हुआ था. 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक का समय सबसे शुभ रहेगा. इसी मुहूर्त में बाल गोपाल को जन्मोत्सव अर्पित करें और विधिवत पूजा करें. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और श्रद्धा से पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है.
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गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
बुद्धि और समृद्धि के देवता भगवान गणेश का जन्मोत्सव यानी गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी. इसी दिन से दस दिनों का भव्य गणेशोत्सव शुरू होगा. घर-घर में बप्पा की मूर्ति स्थापित की जाएगी, मंदिरों और पंडालों में रौनक होगी और "गणपति बाप्पा मोरया" के जयकारे लगेंगे. गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है, इसलिए इनकी आराधना से सभी बाधाएं दूर होती हैं और बुद्धि, विवेक व ज्ञान की प्राप्ति होती है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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