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Shravan Purnima Vrat 2025: हर माह शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। इस दिन चंद्र देव अपने पूर्ण स्वरूप में प्रकट होते हैं। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु और शिव जी के साथ चंद्र देव की पूजा करना अत्यन्त शुभ माना जाता है। इस वक्त श्रावण यानी सावन का महीना चल रहा है। ऐसे में अगस्त माह में 9 तारीख को श्रावण पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग सच्चे मन से श्रावण पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, उन्हें पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य प्राप्त होता है। इसके अलावा घर-परिवार में खुशियों का वास होता है। हालांकि कुछ लोग चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए भी ये व्रत रखते हैं। आइए अब जानते हैं श्रावण पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि, नियम और पारण के सही समय आदि के बारे में।
श्रावण पूर्णिमा के व्रत को लेकर विभिन्न मत प्रचलित हैं। जहां कुछ लोग इस उपवास के दौरान जल, फल और सात्विक भोजन करते हैं, वहीं कुछ लोग केवल जल ही लेते हैं। हालांकि व्रत के दौरान तामसिक भोजन, मांस-मदिरा और अनाज खाना वर्जित है। इसके अलावा क्रोध, जलन, मोह और नकारात्मक चीजों को अपने ऊपर हावी न होने दें। बल्कि ज्यादा से ज्यादा नाम जाप करें।
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शाम में चंद्र देव को अर्घ्य देने के बाद पूर्णिमा के व्रत का पारण किया जा सकता है। पूर्णिमा के व्रत का पारण देवी-देवताओं को चढ़ाए हुए फल से किया जाता है। 9 अगस्त 2025 को शाम 7 बजकर 21 मिनट के आसपास चन्द्रोदय होगा, जिसके बाद आप व्रत का पारण कर सकते हैं।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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