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भूल कर भी अनदेखी न करें ये 5 चीजें, आने वाली विपदा के बारे में पहले दे देती हैं संकेत

Vastu Shastra: वास्तु शास्त्र जीवन को उन्नत बनाकर सुख, शांति और समृद्धि को बढ़ाने वाला उपयोगी शास्त्र है। इस शास्त्र के मुताबिक कुछ चीजों और संकेतों को इग्नोर नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं, क्या हैं ये चीजें या घटनाएं?

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Vastu Shastra: भारतीय वास्तु शास्त्र की प्राचीन पुस्तकों में अनेक ऐसी चीजों और संकेतों की चर्चा की गई है, जिसे या तो हम भूल गए हैं या उसे इग्नोर कर देते हैं। लेकिन इस शास्त्र के अनुसार, ये चीजें और घटनाएं अशुभ होती हैं, जो आने वाली विपत्ति की ओर इशारा करती हैं। आइए जानते हैं, क्या हैं ये चीजें या घटनाएं?

चींटियों का झुंड

घर में चींटियों का आना-जाना सामान्य-सी बात है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में आने वाली चींटियों के झुंड के रंग पर ध्यान देना जरूरी है। इस शास्त्र के मुताबिक काली चींटियों का झुंड शुभ होता है, तो लाल चींटियों का झुंड घर में आना शुभ नहीं होता है। काली चींटियों के आने से धन में वृद्धि होती है, लेकिन चींटियों के झुंड के आने से हानि होती है।

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चूहों की संख्या में बढ़ोतरी

वास्तु शास्त्र के मुताबिक भगवान गणेश का वाहन होने के बावजूद घर में चूहों का होना अच्छी बात नहीं है। एक-दो चूहे कभी-कभार दिख जाए, तो वहां तक गनीमत है। लेकिन यदि घर में अचानक चूहों की संख्या बढ़ने लगे तो वह काफी चिंता की बात होती है। इस शास्त्र के मुताबिक, यह घर पर कोई कोई बड़ी विपदा आने का संकेत होता है।

खुदाई से जीव का अवशेष मिलना

यदि आप अपनी जमीन पर कोई निर्माण कार्य कर रहे हैं, तो खुदाई से निकली चीजों पर विशेष ध्यान रखें। किसी इंसान या जानवर के अवशेष मिलना काफी अशुभ संकेत होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शास्त्रोक्त विधि से इसका उपाय करना चाहिए।

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सांप का निकलना

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जमीन की खुदाई के समय जीवित सांप निकलना एक बड़ा अपशकुन होता है, जो किसी दुर्घटना की ओर इशारा करती है। ऐसे में सांपों के शांत होने के बाद ही उस स्थान पर काम को आगे बढ़ाना चाहिए। साथ ही, भगवान शिव और विष्णु की पूजा करनी चाहिए।

घर के मध्य में गड्ढा होना

वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि घर के मध्य भाग में कोई बड़ा गड्ढा हो जाए, तो उसे भूल कर भी इग्नोर न करें। यह एक गंभीर वास्तु दोष होता है। इसकी तत्काल मरम्मत करवाएं, क्योंकि यह घर के मुखिया के लिए हानिकारक होता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित हैं और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Jun 07, 2024 07:30 AM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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