Deepak Lightning Rules: क्या आप भी जलाते हैं 'सांझ का दीया', भूल से भी न करें ये 5 गलतियां, नहीं मिलेगा देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद

Deepak Lightning Rules: संध्या के समय दीपक जलाना सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने का पवित्र अनुष्ठान है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन 5 छोटी-छोटी गलतियों से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी नहीं मिलता है? आइए जानते हैं, क्या हैं ये भूलें, जिनसे बच के पूजा का पूरा फल पा सकते हैं?

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Deepak Lightning Rules: घर में संध्या के समय दीपक जलाना केवल परंपरा नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने का एक पवित्र अनुष्ठान माना जाता है. लेकिन अक्सर लोग दीपक जलाते समय कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं. इससे पूजा का फल नहीं मिलता और मां लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होती हैं. आइए जानते हैं, दीपक जलाते समय कौन-सी गलतियों से बचना चाहिए?

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दीपक जलाते समय न करें ये गलतियां

पुराना या गंदा दीपक न इस्तेमाल करें: टूटे, फटे या गंदे दीपक का उपयोग कभी न करें. हमेशा साफ और नए मिट्टी या धातु के दीपक ही चुनें.
फूंक मारकर न बुझाएं: दीपक को मुंह से बुझाना अशुभ माना जाता है. इसे बुझाने के लिए फूल या हाथ की हवा का उपयोग करें.
दीपक से दीपक न जलाएं: कभी भी एक जलते दीपक से दूसरे को न जलाएं. माचिस या नए फूंकने वाली बत्ती का इस्तेमाल करें.
जमीन पर सीधे न रखें: दीपक को सीधे फर्श पर न रखें. इसे प्लेट, रेत, चावल या किसी पत्ते के ऊपर ही रखें.
गलत दिशा से बचें: पूजा का मुख्य दीपक कभी भी दक्षिण दिशा की ओर न रखें. दक्षिण दिशा केवल यम दीपक के लिए विशेष होती है.
बीच में न बुझने दें: दीपक बीच में बुझना अशुभ है. हमेशा पर्याप्त घी या तेल रखें.
गलत तेल का प्रयोग न करें: मूंगफली या सूरजमुखी का तेल दैनिक पूजा में न जलाएं. इससे घर में कलह और कर्ज बढ़ सकता है.

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सही तेल और बत्ती का चुनाव

घी का दीपक: मां लक्ष्मी की कृपा और सुख-समृद्धि के लिए उत्तम माना गया है.
तिल का तेल: शनि दोष और बाधाएं दूर करने के लिए श्रेष्ठ होता है.
सरसों का तेल: नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों को दूर करने के लिए उपयुक्त है.
रुई की बत्ती: सामान्य पूजा और दिनचर्या के लिए उपयुक्त है.
लाल बत्ती: मां लक्ष्मी और दुर्गा की विशेष कृपा के लिए श्रेष्ठ है.
पीली बत्ती: यह भगवान विष्णु की पूजा में सर्वोत्तम है.

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दीपक का सही स्थान और समय

दायां और बायां: घी का दीपक हमेशा बाईं ओर और तेल का दीपक दाईं ओर रखें.
मुख्य द्वार: दक्षिणी कोने में चौमुखी दीपक जलाने से बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं करतीं हैं.
सही समय: सुबह 5 से 10 बजे और शाम 5 से 7 बजे के बीच दीपक जलाना उत्तम माना गया है.

करें ये भी काम

पूजा के दौरान दीपक जलाते समय हल्की सुगंधित धूप या फूल भी रखें. इससे घर में सकारात्मक वाइब और मानसिक शांति बढ़ती है. दीपक के आस-पास सफाई और शांति बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है. नियमित पूजा और सही नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि, धन और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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