Kali Yuga Timeline: कब और कैसे शुरू हुआ कलियुग, अंत होने में कितना समय है शेष, जानें विस्तार से

Kali Yuga Timeline: हिंदू धर्म के चार युगों- सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग में वर्तमान युग कलियुग को पाप और अधर्म का काल माना गया है. पुराणों के अनुसार यह युग मानव समाज और प्रकृति में गहरे परिवर्तन लाएगा. आइए जानते हैं, कलियुग कब शुरू हुआ, कितने वर्षों तक चलेगा और इसके अंत के संकेत क्या हैं?

Kali-Yuga

Kali Yuga Timeline: हिन्दू धर्म में धरती पर मानव इतिहास के चार महान युगों, सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग और कलियुग, में से एक वर्तमान युग, कलियुग अब हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. इसे पाप, अधर्म और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का युग कहा गया है, लेकिन यही युग भक्ति और धर्म की प्राप्ति के लिए सबसे अनुकूल भी माना गया है. पुराणों और शास्त्रों के अनुसार यह युग न केवल मानव जीवन और समाज में बदलाव लाएगा, बल्कि पूरी प्रकृति और पृथ्वी की स्थिति भी बदल जाएगी. क्या आप जानते हैं कि कलियुग कब शुरू हुआ, कितने वर्षों तक चलेगा और इसके अंत के संकेत क्या हैं? आइए जानते हैं, विस्तार से…

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कब हुई कलियुग की शुरुआत?

कलियुग की शुरुआत भगवान कृष्ण के पृथ्वी पर अवतार लेने और उनका देहत्याग, लगभग 3102 ईसा पूर्व, के समय मानी जाती है. यही वह समय था जब द्वापर युग समाप्त हुआ और कलियुग प्रारंभ हुआ. कहते हैं, युग आरंभ होने से पहले कलियुग ने अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित से बात किया था.

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परीक्षित से मांगा रहने की 5 जगह

राजा परीक्षित ने जब कलियुग से संवाद किया, तब उन्होंने देखा कि धर्म और सत्य का स्थान घटता जा रहा है. परिक्षित ने चार प्रमुख अधर्मी क्षेत्रों में कलियुग को रहने की अनुमति दी – जुआ, मदिरापान, स्त्री-संसर्ग और हिंसा. इसके अतिरिक्त कलियुग ने स्वर्ण में निवास की मांग की. इसकी सहमति देने के बाद राजा परीक्षित की मति पर भी प्रभाव पड़ा. कहते हैं, कलियुग सूक्ष्म रूप में राजा परीक्षित के सोने के मुकुट में ही बैठ गया, जिससे राजा की मति भ्रष्ट हुई और उन्होंने ऋषि शमीक के गले में मृत सर्प डाल दिया था.

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अब कितना कलियुग है शेष?

कलियुग की कुल अवधि 4,32,000 वर्ष मानी गई है. अब तक लगभग 5,126 वर्ष बीत चुके हैं. शेष समय लगभग 4,26,874 वर्ष है. इसका मतलब यह है कि कलियुग का अंत लगभग 428,899 ईस्वी के आसपास होगा.

ऐसे होंगे कलियुग के अंत के संकेत

पुराणों में कलियुग के अंत के कुछ स्पष्ट संकेत बताए गए हैं. अंत के समय मानव जीवन बहुत छोटा हो जाएगा और नैतिक मूल्य गिरेंगे. महिलाओं और बच्चों की उम्र अत्यधिक कम हो जाएगी. प्राकृतिक आपदाएं, जैसे नदियों का सूखना, अन्न का न उगना और पेड़ों पर फल न लगना आम हो जाएगा. भविष्यमालिका पुराण में बताया गया है, स्त्रियां केवल 5 वर्षों में ही प्रेग्नेंट हो जाएंगी. मनुष्य के कुल आयु मात्र 20 साल की होगी.

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कल्कि अवतार और महाप्रलय

पुराणों के मुताबिक, अंत में भगवान विष्णु कल्कि अवतार के रूप में प्रकट होंगे. वे अपने सफेद घोड़े पर सवार होकर अधर्मी और दुष्टों का नाश करेंगे. इसके बाद महाप्रलय होगा- भारी बारिश और तेज गर्मी से पृथ्वी शुद्ध होगी. यही समय नया सतयुग प्रारंभ करने का संकेत है.

भविष्यवाणी और बदलाव

कुछ भविष्यवाणियों में कहा गया है कि युग परिवर्तन की प्रक्रिया बहुत पहले भी शुरू हो सकती है. उदाहरण के लिए, भविष्यमालिका में 2026-2032 के बीच युग परिवर्तन की झलक मिल सकती है. इसका अर्थ है कि कलियुग के प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगेंगे और धर्म पुनः स्थापित होगा.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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