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Chanakya Niti: सोते हुए इन 3 लोगों को जगाना दे सकता है भारी नुकसान, जानें कारण

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य ने जीवन में कई महत्वपूर्ण नीतियां बताई हैं जो हमारी सुरक्षा और शांति के लिए उपयोगी हैं, उनमें से एक है सोते हुए लोगों को जगाने से होने वाले गंभीर परिणाम। आइए जानते हैं, ये 3 लोग कौन हैं?

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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य, जो नीतियों और व्यवहार के ज्ञाता माने जाते हैं, ने जीवन में कई ऐसी बातें बताई हैं जिनसे हम अपने जीवन को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बना सकते हैं। उनमें से एक है सोते हुए लोगों को जगाने का तरीका। चाणक्य के अनुसार, कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें सोते समय जगाना गंभीर परिणाम दे सकता है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।

बच्चा

चाणक्य कहते हैं कि सोते हुए बच्चे को कभी नहीं जगाना चाहिए। बच्चे की नींद उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी होती है। अगर उन्हें बिना वजह उठाया गया तो वे गुस्सा हो सकते हैं, रो सकते हैं और घर में अशांति फैल सकती है। इसके अलावा, आधी नींद में उठने पर बच्चा असामान्य व्यवहार कर सकता है जो माता-पिता के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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मूर्ख व्यक्ति

चाणक्य के अनुसार, मूर्ख व्यक्ति को भी सोते समय मत जगाएं। ऐसे लोग अपने स्वभाव और निर्णयों में अस्थिर होते हैं। अगर उन्हें अचानक उठाया गया तो वे आपत्तिजनक या हानिकारक व्यवहार कर सकते हैं। समाज के लिए ऐसे लोगों का शांत रहना ही बेहतर होता है। उनकी नींद तोड़ने से विवाद या अनावश्यक परेशानी हो सकती है।

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राजा और उच्च अधिकारी

चाणक्य यह भी मानते हैं कि किसी देश के राजा को सोते समय जगाना खतरनाक हो सकता है। राजा की नींद में हस्तक्षेप उनके क्रोध को जन्म दे सकता है। अचानक उठने पर वे कठोर आदेश दे सकते हैं या अनुचित निर्णय ले सकते हैं। इसलिए राजा की नींद में शांति बनाए रखना समाज और राज्य दोनों के हित में है। आज के संदर्भ में यह बात पूरी तरह लागू नहीं होता है, लेकिन उच्च अधिकारी और बाहुबलियों को इस कैटेगरी में रख सकते हैं।

बाघ और सूअर

आचार्य चाणक्य ने जानवरों का भी उदाहरण दिया। सोते हुए बाघ और सूअर को जगाना आपके लिए खतरा बन सकता है। इनके जागने से शारीरिक नुकसान या जीवन में संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस प्रकार, चाणक्य नीति हमें यह सिखाती है कि हर जीव की नींद का सम्मान करना जरूरी है। यह केवल जीवन की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और घर-समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Feb 06, 2026 09:24 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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