Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है. 19 मार्च से शुरू हो रहे इन नौ पवित्र दिनों के लिए श्राइन बोर्ड ने अपनी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं. धर्मनगरी कटरा से लेकर अर्धकुंवारी और मुख्य भवन तक के पूरे मार्ग को विदेशी फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जा रहा है. प्रशासन का अनुमान है कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचेंगे.
सुरक्षा का मल्टी-लेयर ग्रिड
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है. सीईओ सचिन कुमार वैश्य की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 'मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड' को मंजूरी दी गई है. पूरे यात्रा मार्ग पर क्विक रिस्पॉन्स टीम्स (QRT) की तैनाती रहेगी. साथ ही, संवेदनशील इलाकों में हाईटेक सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
यह भी पढ़ें: Surya Dosh: ये 7 घटनाएं हो रही हैं, तो सूर्य दोष से पीड़ित हैं आप, करें ये असरदार ज्योतिष उपाय
बिना RFID कार्ड नहीं मिलेगी एंट्री
बोर्ड ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 'RFID' युक्त यात्रा कार्ड अनिवार्य होंगे. बिना वैध कार्ड के किसी भी यात्री को बाणगंगा से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह डिजिटल कार्ड यात्रियों की सटीक लोकेशन ट्रैक करने में मदद करेगा. इसके साथ ही, यात्रा मार्ग पर काम करने वाले पिट्ठू, पोनी और पालकी वालों का नए सिरे से वेरिफिकेशन किया जा रहा है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो.
आपदा प्रबंधन पर जोर
भवन और ट्रैक पर फायर सेफ्टी ऑडिट के कड़े निर्देश दिए गए हैं. अग्निशमन दल को हर समय मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके. गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पूरे मार्ग पर शुद्ध पेयजल और मेडिकल सुविधाओं का विस्तार किया गया है. भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को 'वैकल्पिक मार्गों' से भेजने की योजना भी तैयार है, जिससे मुख्य मार्ग पर दबाव कम किया जा सके.
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं
नवरात्रि के दौरान मां के दरबार में अटका आरती और विशेष पूजा का आयोजन होगा. श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह लंगर और फलाहार की व्यवस्था की जा रही है. दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए बैटरी कार सेवा और ऑनलाइन दर्शन बुकिंग की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. श्राइन बोर्ड का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले हर भक्त को सुलभ और सुरक्षित दर्शन प्राप्त हों.
यह भी पढ़ें: Kitchen Vastu Tips: किचन में जूते-चप्पल पहनकर खाना बनाना सही या गलत, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ने वाला है. 19 मार्च से शुरू हो रहे इन नौ पवित्र दिनों के लिए श्राइन बोर्ड ने अपनी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं. धर्मनगरी कटरा से लेकर अर्धकुंवारी और मुख्य भवन तक के पूरे मार्ग को विदेशी फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जा रहा है. प्रशासन का अनुमान है कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचेंगे.
सुरक्षा का मल्टी-लेयर ग्रिड
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है. सीईओ सचिन कुमार वैश्य की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में ‘मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड’ को मंजूरी दी गई है. पूरे यात्रा मार्ग पर क्विक रिस्पॉन्स टीम्स (QRT) की तैनाती रहेगी. साथ ही, संवेदनशील इलाकों में हाईटेक सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
यह भी पढ़ें: Surya Dosh: ये 7 घटनाएं हो रही हैं, तो सूर्य दोष से पीड़ित हैं आप, करें ये असरदार ज्योतिष उपाय
बिना RFID कार्ड नहीं मिलेगी एंट्री
बोर्ड ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए ‘RFID’ युक्त यात्रा कार्ड अनिवार्य होंगे. बिना वैध कार्ड के किसी भी यात्री को बाणगंगा से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह डिजिटल कार्ड यात्रियों की सटीक लोकेशन ट्रैक करने में मदद करेगा. इसके साथ ही, यात्रा मार्ग पर काम करने वाले पिट्ठू, पोनी और पालकी वालों का नए सिरे से वेरिफिकेशन किया जा रहा है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो.
आपदा प्रबंधन पर जोर
भवन और ट्रैक पर फायर सेफ्टी ऑडिट के कड़े निर्देश दिए गए हैं. अग्निशमन दल को हर समय मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके. गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पूरे मार्ग पर शुद्ध पेयजल और मेडिकल सुविधाओं का विस्तार किया गया है. भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को ‘वैकल्पिक मार्गों’ से भेजने की योजना भी तैयार है, जिससे मुख्य मार्ग पर दबाव कम किया जा सके.
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं
नवरात्रि के दौरान मां के दरबार में अटका आरती और विशेष पूजा का आयोजन होगा. श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह लंगर और फलाहार की व्यवस्था की जा रही है. दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए बैटरी कार सेवा और ऑनलाइन दर्शन बुकिंग की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. श्राइन बोर्ड का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले हर भक्त को सुलभ और सुरक्षित दर्शन प्राप्त हों.
यह भी पढ़ें: Kitchen Vastu Tips: किचन में जूते-चप्पल पहनकर खाना बनाना सही या गलत, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.