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Bada Mangal 2026 Date: ज्येष्ठ माह में बजरंगबली बरसाएंगे विशेष कृपा, नोट कर लें ‘बुढ़वा मंगल’ की सभी तिथियां

Bada Mangal 2026 Date: ज्येष्ठ माह का हर मंगलवार को आस्था का सागर माना जाता है, क्योंकि इस दिन बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल पर मंदिरों में उमड़ती भीड़, सेवा और दान की परंपरा को खास बनाती है. आइए जानते हैं, इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है और 2026 यह कब-कब है?

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Written By: Shyamnandan Updated: Mar 21, 2026 16:56
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Bada Mangal 2026 Date: गर्मी के बीच जब ज्येष्ठ का महीना आता है, तब उत्तर भारत में भक्ति का एक अलग ही रंग दिखाई देता है. खासकर मंगलवार को मंदिरों में असाधारण भीड़ उमड़ती है. इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. यह केवल पूजा का दिन नहीं, बल्कि सेवा, दान और सामाजिक एकता का भी खास अवसर बन जाता है.

आपको बता दें, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में यह परंपरा नवाबी दौर से जुड़ी मानी जाती है. यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय मिलकर भंडारे लगाते हैं. वाराणसी के घाटों पर भी भक्तों की भारी भीड़ दिखाई देती है. यह पर्व सामाजिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बन चुका है.

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2026 में कब-कब है बड़ा मंगल?

साल 2026 के ज्येष्ठ मास में कुल 5 मंगलवार पड़ने वाले हैं, जो हनुमान जी की आराधना के लिए बेहद खास माने जा रहे हैं. इनकी तिथियां इस प्रकार हैं:

पहला बड़ा मंगल: 5 मई, 2026
दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई, 2026
तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई, 2026
चौथा बड़ा मंगल: 26 मई, 2026
पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून, 2026

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इन दिनों को लेकर भक्त पहले से तैयारी करते हैं. मंदिरों में विशेष सजावट होती है और सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं.

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क्यों खास है यह दिन?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी काल में हनुमान जी की पहली भेंट प्रभु श्रीराम से हुई थी. यही वजह है कि इन मंगलवारों को शक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. यह भी विश्वास है कि सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन की कठिनाइयां कम होती हैं और मन में साहस बढ़ता है.

पूजा विधि और सरल नियम

इस दिन सुबह जल्दी उठना शुभ माना जाता है. साधक स्नान के बाद लाल या केसरिया वस्त्र पहनते हैं और हनुमान मंदिर जाकर चोला चढ़ाते हैं. हनुमान जी के आगे चमेली के तेल का दीपक जलाते हैं. इस दिन मंत्र जाप विशेष फल देता है. हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करते हैं.

दान और सेवा का महत्व

बड़ा मंगल केवल पूजा तक सीमित नहीं है. इस दिन दान करना विशेष पुण्य देता है. लोग सड़कों पर पानी के स्टॉल लगाते हैं. राहगीरों को शरबत और भोजन कराया जाता है. बंदरों को गुड़ और चना खिलाना भी शुभ माना जाता है. पक्षियों के लिए पानी रखना भी इस मौसम में जरूरी सेवा है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Mar 21, 2026 04:56 PM

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