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Masik Kalashtami Vrat 2026: 7 या 8 जून, अधिकमास की कालाष्टमी कब? जानें तिथि से लेकर शुभ मुहूर्त-विधि

Masik Kalashtami 2026 Date: हर महीने काल भैरव को समर्पित कालाष्टमी का व्रत रखा जाता है, जिसे मासिक कालाष्टमी कहते हैं. यहां पर आप जानेंगे कि अधिकमास यानी जून 2026 में 7 या 8 तारीख, किस दिन कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा. साथ ही मासिक कालाष्टमी की पूजा के शुभ मुहूर्त और विधि के बारे में आप यहां पर जानेंगे.

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Masik Kalashtami 2026 Date, Shubh Muhurat & Puja Vidhi: प्राचीन काल में मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव का जन्म हुआ था, जिसके बाद से प्रत्येक माह की इस तिथि पर मासिक कालाष्टमी का व्रत रखने की परंपरा शुरू हो गई. इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की पूजा और व्रत रखने का विधान है, जिनकी कृपा से भय, दोष, संकट और शत्रु आदि से मुक्ति मिलती है. गौरतलब है कि जब व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त हो जाता है तो वो सही मार्ग पर चलता है और जीवन में अच्छा स्थान हासिल करता है. साथ ही गृह क्लेश, खराब सेहत और ग्रहों के अशुभ प्रभाव आदि का भी उसे सामना नहीं करना पड़ता है.

चलिए अब जानें जून 2026 में किस दिन कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा और इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त-विधि क्या है.

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मासिक कालाष्टमी जून में कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस समय अधिकमास चल रहा है, जिसे पुरुषोत्तम मास और मलमास के नामों से भी जाना जाता है. इस बार अधिकमास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 8 जून 2026 की सुबह 3 बजकर 24 मिनट से हो रहा है, जो कि 9 जून 2026 की सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि की मानें तो अधिकमास में 8 जून 2026, वार सोमवार को मासिक कालाष्टमी का व्रत रखना शुभ रहेगा.

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मासिक कालाष्टमी की पूजा के शुभ मुहूर्त

  • सूर्योदय- सुबह 05:23
  • चन्द्रास्त- दोपहर 12:06
  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह में 04:02 से 04:42
  • अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:52 से दोपहर 12:48
  • प्रदोष काल- शाम में 06:30 से 07:30
  • सायाह्न सन्ध्या- शाम 07:18 से रात 08:18
  • निशिता मुहूर्त- 9 जून 2026 को सुबह में 12 बजे से 12:40 मिनट तक

मासिक कालाष्टमी की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी ब्रह्म मुहूर्त में उठें और काले-नीले रंग के कपड़े धारण करें.
  • घर के मंदिर में एक चौकी रखकर उसके ऊपर लाल या काले रंग का कपड़ा बिछाकर काल भैरव की मूर्ति स्थापित करें.
  • हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें.
  • प्रतिमा का गंगाजल से अभिषेक करें. साथ ही बाबा को चंदन, वस्त्र, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें.
  • सरसों के तेल का दीपक जलाने के बाद मंत्र जाप करें.
  • मासिक कालाष्टमी व्रत की कथा पढ़ने के बाद आरती करें.
  • प्रदोष काल में पानी पीकर व्रत का पारण करें.

ये भी पढ़ें- Masik Krishna Janmashtami 2026: 8 या 9 जून, कब है पुरुषोत्तम मास की जन्माष्टमी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Jun 01, 2026 04:53 PM

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About the Author

Nidhi Jain

निधि की पढ़ने और लिखने में हमेशा से रुचि रही है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में न्यूज राइटिंग से की थी, जिसके बाद देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर व्यापक अध्ययन किया. अब पिछले 4 साल से वह डिजिटल मीडिया से जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन में काम कर रही हैं.

📧 Email: nidhi.jain@bagconvergence.in

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