---विज्ञापन---

बच्चे को प्ले स्कूल कितने साल की उम्र में भेजना चाहिए? डॉक्टर ने बताया क्यों और कब डे केयर भेजना है सही

Daycare For Babies: अगर बच्चा एक-डेढ़ साल का हो गया है और आप समझ नहीं पा रहे कि उसे डेकेयर में डालें या नहीं तो डॉक्टर की सलाह आपके काम आएगी. जानिए बच्चों के डॉक्टर मनीष मनन के अनुसार आपको बच्चों को कब डेकेयर या प्लेस्कूल में डालना चाहिए.

---विज्ञापन---

Parenting Tips: बच्चा डेढ़ या 2 साल को होता ही है कि पैरेंट्स को यह चिंता सताने लगती है कि उसे प्लेस्कूल (Play School) या डेकेयर में भेजें या नहीं. आस-पास के लोगों के भी इसपर अलग-अलग मत होते हैं. कोई कहता है कि बच्चे को डेकेयर में डालने पर उसका वृद्धि और विकास बेहतर होता है, तो वहीं कोई कहता है कि डेकेयर (Daycare) में जाकर बच्चा ना जाने कैसे-कैसे बच्चों से मिलेगा और बिगड़ने लगेगा. ऐसे में अगर आप भी यही सोच-सोचकर परेशान हैं कि बच्चे को कब डेकेयर में डालना चाहिए और उसे डेकेयर में डालना चाहिए भी या नहीं, तो पीडियाट्रिशियन डॉ. मनीष मनन की सलाह आपके काम आएगी. डॉक्टर बता रहे हैं किन बच्चों को डेकेयर में डालना चाहिए और क्यों.

यह भी पढ़ें – Gentle Parenting: जेंटल पैरेंटिंग बच्चे के लिए किस-किस तरह से फायदेमंद हो सकती है, जानिए कैसे होती है यह परवरिश

---विज्ञापन---

प्लेस्कूल या डेकेयर में बच्चे को भेजने की सही उम्र क्या है

डॉक्टर बताते हैं कि अक्सर पैरेंट्स को लगता है कि बहुत जल्दी बच्चे को प्लेस्कूल या डेकेयर में भेजने पर कहीं बच्चे को कोई इंफेक्शन ना हो जाए या कोई और दिक्कत ना हो. इसपर डॉक्टर कहते हैं कि अगर आपकी जॉइंट फैमिली है और परिवार में बहुत से लोग हैं या घर में 15-20 बच्चे हैं और आपके बच्चे की उम्र के बच्चे हैं, या फिर अगर आप ऐसे मोहल्ले में रहते हैं जहां एकसाथ बहुत से बच्चे खेलते हैं और घर में बच्चों का आना-जाना लगा रहता है तो आपको अपने बच्चे को प्लेस्कूल या डेकेयर भेजने की जरूरत नहीं है.

अगर आप बड़े शहर में रहते हैं, दोनों हस्बैंड वाइफ काम पर जाते हैं, घर में दादा-दादी या फिर मेड है तो आपको अपने छोटे बच्चे को प्लेस्कूल या डेकेयर जरूर भेजना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप बच्चे को पीछे छोड़कर जाते हैं तो बच्चा अकेला रहता है, चीजों को एक्सप्लोर करना चाहता है, खुद को एंटरटेन करना चाहता है और नई-नई चीजें सीखना चाहता है. इसीलिए बच्चा टीवी के सामने बैठ जाता है या अकेला बैठा रहता है. इससे बच्चे बोर हो जाते हैं, कई बार फ्रस्ट्रेट हो जाते हैं और बच्चे की लैंग्वेज भी डिले हो जाती है. डॉक्टर का कहना है कि ऐसे बच्चों को डेकेयर भेजने की जरूरत होती है. इसीलिए ताकि बच्चे का सोशल इंटरैक्शन बढ़े, बच्चे की लैंग्वेज डेवलप हो, बच्चे की सोशल स्किल्स बढ़ें और बच्चे की पर्सैनेलिटी इंप्रूव हो. यही बच्चा जब स्कूल जाएगा तो उसे सेप्रेशन एंजाइटी नहीं होगी.

---विज्ञापन---

डॉक्टर की सलाह है कि अगर आपके घर पर ही बहुत से बच्चे आ रहे हैं और खेल-कूद रहे हैं तो बच्चे को डेकेयर ना भेजें. लेकिन, अगर बच्चा डेढ़ साल का हो गया है और घर में अकेला रहता है, उससे बात करने के लिए उसकी ही उम्र के या आस-पास के बच्चे नहीं हैं तो बच्चे को डेढ़ से 2 साल की उम्र में ही प्लेस्कूल या डेकेयर जरूर भेजना चाहिए. डेढ़ साल बच्चे को डेकेयर में डालने की सही उम्र है.

यह भी पढ़ें – बच्चों का कॉन्फिडेंस कैसे बढ़ाएं? इन 5 तरीकों से स्टेज पर बेझिझक बोलने लगेगा आपका लाडला

---विज्ञापन---

First published on: Feb 02, 2026 12:11 PM

End of Article

About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. प्रिंट और मेनस्ट्रीम मीडिया के लिए डिजिटल में काम करने के बाद न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. सेहत और लाइफस्टाइल बीट पर लिखने के साथ ही सीमा बॉलीवुड वीडियो प्रोड्यूस करती रही हैं.

Read More

Seema Thakur

सीमा ठाकुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है. प्रिंट और मेनस्ट्रीम मीडिया के लिए डिजिटल में काम करने के बाद न्यूज 24 में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. सेहत और लाइफस्टाइल बीट पर लिखने के साथ ही सीमा बॉलीवुड वीडियो प्रोड्यूस करती रही हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola