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बेटे अपने पिता से क्या सीखते हैं? पैरेटिंग कोच ने बताया ये 3 चीजें पापा को देखकर करने लगते हैं बॉयज

Things Sons Learn From Their Fathers: पिता जाने-अनजाने बेटों को कई तरह से प्रभावित करते हैं. ऐसे में आइए पैरेंटिंग कोच से जानें वो कौनसी चीजें है जो बेटे अपने पितो को देखकर सीखते हैं.

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Parenting Tips: पिता बेटे के रोल मॉडल होते हैं. अक्सर कहा जाता है कि बेटियां पिता की लाडली होती हैं, लेकिन बेटे भी पिता को उतना ही चाहते हैं जितना कि बेटियां और पिता भी बेटे से उतना ही प्यार करते हैं जितना अपनी बिटिया से. लेकिन, बेटों की परवरिश में अक्सर ही पिता सख्त होते हैं. वहीं, पिता का बेटे पर खूब इंफ्लुएंस होता है. अपने पिता को देखकर ही बेटे बहुत सी चीजें सीख जाते हैं. ऐसे में पिता को खासतौर से ध्यान रखना चाहिए कि उनका व्यवहार और अच्छी-बुरी आदतें बेटे में आ सकती हैं. इसी बारे में बता रही हैं सर्टिफाइड पैरेंटिंग कोच रेणु गिरधर. पैरेंटिंग कोच (Parenting Coach) ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट करके बताया है कि वो कौनसी चीजें हैं जो बेटा अपने पिता से सीखता है.

पिता से क्या सीखते हैं बेटे | What Things Sons Learn From Fathers

औरतों की इज्जत करना

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जब बेटा देखता है कि उसके पापा मम्मी को अच्छे से ट्रीट करते हैं उनके काम में हेल्प करते हैं, अच्छे से बात करते हैं, रिस्पेक्ट देते हैं और कोई भी सलाह लेनी हो उनसे बात करते हैं, तो बेटा (Son) भी सीखता है कि उसे औरतों की इज्जत किस तरह करनी है. पैरेंटिक कोच का कहना है कि घर का माहौल जैसा होता है बच्चे भी वही सब सीखते हैं.

अपनी जिम्मेदारी निभाना

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अगर पिता (Father) अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाते हैं तो बेटा भी जिम्मेदार बनता है और जिम्मेदारियों को बेहतर तरह से समझता है. वह सीखता है कि कैसे उसे हर चीज के लिए रिस्पोंसिबल बनना है.

अपने इमोशंस को एक्सप्रेस करना

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लड़कों को आमतौर पर सिखाया जाता है कि वे अपने इमोशंस को एक्सप्रेस ना करें और अंदर ही अंदर दबा लें. लेकिन, जब बेटे देखते हैं कि पिता अपनी फीलिंग्स या इमोशंस को कैसे एक्सप्रेस करते हैं तो वो भी सीखते हैं कि उन्हें भी अपनी फींलिग्स को एक्सप्रेस करना चाहिए. इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि बेटे के मन में कभी यह ना आए कि लड़के कभी रोते नहीं है. पिता को अपने बेटे को यह जरूर सिखाना चाहिए कि अगर बेटा कुछ फील करता है और तो उसे उन भावनाओं को बाहर आने देना चाहिए.

पैरेंटिंग कोच का कहना है कि ये सभी चीजें पिता ही बेहतर तरह से अपने बेटे को सिखा सकते हैं. इससे बेटा ना सिर्फ एक अच्छा इंसान बनेगा बल्कि खुश भी रहेगा. बेटे की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं पिता से सीखी गईं ये चीजें.

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First published on: Nov 01, 2025 12:42 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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