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शरीर को अंदर से साफ और स्वस्थ रखने का योगिक तरीका! जानिए पतंजलि की षट्कर्म क्रियाएं, जिसकी मदद से लोगों की बेहतर हो रही है जिंदगी

अक्सर हम लोग अपने शरीर को ऊपर से तो साफ कर लेते हैं, लेकिन अंदरूनी सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं, जबकि वह बहुत जरूरी है. ऐसे में हम आपको आयुर्वेद में मौजूद ऐसा नेचुरल उपचार बताएंगे, जिसकी मदद से आप अपनी शरीर को अंदर से भी साफ रख सकेंगे.

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने घर की सफाई तो नियमित करते हैं, लेकिन शरीर की अंदरूनी सफाई को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. धीरे-धीरे गलत खानपान, तनाव, कम नींद और प्रदूषण के कारण शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं. इसका असर पाचन, सांस, त्वचा और मानसिक शांति पर भी पड़ता है, जिससे कई खतरनाक बीमारियों को पनपने का मौका मिलता है. ऐसे में योग और आयुर्वेद में बताई गई प्राचीन शुद्धि क्रियाएं, जिन्हें पतंजलि Patanjali ने भी महत्व दिया है, आज फिर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं. इन उपचारों का मकसद शरीर को कठोर तरीके से नहीं बल्कि प्राकृतिक तरीके से साफ करना है, ताकि शरीर हल्का, मन शांत हो सके और कई समस्याओं से बचाव हो सके.

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षट्कर्म क्या है और इसके छह प्रकार

षट्कर्म छह प्रकार की योगिक शुद्धि क्रियाएं हैं, जो शरीर के अलग-अलग अंगों की सफाई पर ध्यान देती हैं.

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नेति :

इसमें गुनगुने नमक पानी से नाक की सफाई की जाती है. इससे साइनस, एलर्जी, जुकाम और नाक बंद होने की समस्या में राहत मिल सकती है और सांस लेने की प्रक्रिया बेहतर होती है.

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धौति (कुंजल क्रिया):

इस क्रिया में नमक मिला गुनगुना पानी पीकर पेट की सफाई की जाती है. इससे एसिडिटी, गैस और पाचन से जुड़ी समस्याओं में सुधार हो सकता है और पेट हल्का महसूस होता है.

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नौली :

यह पेट की मांसपेशियों को नियंत्रित तरीके से घुमाने की प्रक्रिया है. इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और पेट की मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं.

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बस्ती (एनिमा):

यह बड़ी आंत की सफाई की प्रक्रिया है, जिससे कब्ज और पेट की गंदगी को बाहर निकालने में मदद मिलती है. इससे शरीर हल्का महसूस करता है.

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त्राटक :

इसमें बिना पलक झपकाए किसी एक बिंदु या दीपक की लौ को देखा जाता है. इससे एकाग्रता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं.

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कपालभाति:

यह तेज गति से सांस छोड़ने की प्रक्रिया है, जिससे फेफड़े मजबूत होते हैं, ऑक्सीजन का स्तर बेहतर होता है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है.

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आयुर्वेदिक उपचार क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद

बीते कुछ सालों में लोगों का रुझान एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद और योग की ओर तेजी से बढ़ा है. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि आयुर्वेद बीमारी की जड़ पर काम करने की बात करता है, जबकि आधुनिक चिकित्सा अक्सर लक्षणों को कंट्रोल करती है. लोग अब साइड इफेक्ट से बचने और प्राकृतिक तरीके अपनाने के लिए हर्बल उपचार, पंचकर्म और षट्कर्म जैसी प्रक्रियाओं को अपना रहे हैं. सोशल मीडिया और वेलनेस एक्सपर्ट भी प्राकृतिक जीवनशैली के फायदे बता रहे हैं. यही कारण है कि आज युवा पीढ़ी भी योग, प्राणायाम और डिटॉक्स प्रक्रियाओं को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बना रही है.

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पंतजलि वेलनेस सेंटर दे रहा है आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा

लोगों तक इन प्राचीन योग और आयुर्वेदिक उपचारों का लाभ पहुंचाने के लिए पतंजलि वेलनेस सेंटर Patanjali Wellness Center लंबे समय से काम कर रहा है. यहां विशेषज्ञों की देखरेख में पंचकर्म और अन्य प्राकृतिक उपचार कराए जाते हैं. अगर कोई व्यक्ति सुरक्षित तरीके से इन क्रियाओं का लाभ लेना चाहता है तो मशहूर योग गुरु बाबा रामदेव का पतंजलि वेलनेस सेंटर एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं, जहां सही मार्गदर्शन के साथ उपचार मिल सके.

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षट्कर्म के फायदे और जरूरी सावधानियां

अगर इन क्रियाओं को सही तरीके और विशेषज्ञ की देखरेख में किया जाए तो कई फायदे मिल सकते हैं:

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  • सांस की समस्या और साइनस में राहत.
  • पाचन और मेटाबॉलिज्म में सुधार.
  • मानसिक तनाव और चिंता में कमी.
  • नींद की गुणवत्ता बेहतर होना.
  • शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना.

दिमाग को देना चाहते हैं सुकून तो अपनाए ये उपचार

षट्कर्म के साथ योगनिद्रा और त्राटक जैसी प्रक्रियाएं भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी मानी जाती हैं. योगनिद्रा में व्यक्ति गहरी शांति की अवस्था में पहुंचता है, जिससे तनाव और अनिद्रा की समस्या कम हो सकती है. वहीं त्राटक से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है. नियमित अभ्यास से मन शांत रहता है और भावनात्मक संतुलन भी बेहतर होता है. अगर इन प्रक्रियाओं को संतुलित आहार, नियमित डेली-रूटीन और के साथ जोड़ा जाए तो लाइफस्टाइल में बड़ा पॉजिटिव बदलाव देखा जा सकता है.

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यह भी पढ़ें:गमले की मिट्टी खराब होने के क्या संकेत हैं? यहां जानिए सही मिट्टी की पहचान करने के 5 आसान टिप्स

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Mar 28, 2026 02:36 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. इससे पहले वह India.com में ट्रेनी के रूप में जुड़े थे, जहां उन्होंने ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखा. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें India News और Khabar Fast जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. इससे पहले वह India.com में ट्रेनी के रूप में जुड़े थे, जहां उन्होंने ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखा. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें India News और Khabar Fast जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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