Vitamin D3: भारत में पहला मेड-इन-इंडिया प्लांट बेस्ड विटामिन डी3 लॉन्च किया गया है जिसका इस्तेमाल फोर्टिफाइड फूड्स, न्यूट्रासुटिकल्स और सप्लीमेंट्स में किया जाएगा. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) फर्मेंटा बायोटेक के Vitadee को मंजूरी दे दी है. यह एक प्लांट से तैयार किया गया विटामिन डी3 है जिसे सोया ऑयल वेस्ट स्ट्रीम के फाइटोस्टेरॉल्स से लिया गया है. लोगों के लिए यह ना सिर्फ विटामिन डी की कमी पूरी करने में महत्वपूर्ण साबित होगा बल्कि विटामिन डी के स्त्रोत भी बढ़ा देगा.
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विटामिन डी3 सप्लीमेंट की खासियत
विटामिन डी को सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है क्योंकि इसका मुख्य स्त्रोत सूरज की रोशनी है. लेकिन, इसके बावजूद बहुत से लोग विटामिन डी की कमी से दोचार होते हैं. विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में, मसल्स को मजबूत करने में और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है. ऐसे में विटामिन डी की कमी होने पर शरीर एक नहीं बल्कि कई तरह से प्रभावित होता है. इसीलिए पर्याप्त विटामिन डी शरीर को मिले यह सुनिश्चित करना जरूरी है. लेकिन, प्रदूषण, लंबे समय तक बंद दरवाजों के भीतर रहना और सुबह से शाम तक ऑफिस में काम करने के चलते बहुत से लोग पर्याप्त धूप नहीं ले पाते हैं जिस चलते वे विटामिन डी की कमी का शिकार हो जाते हैं.
ऐसे में अगर शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है तो डॉक्टर विटामिन डी के सप्लीमेंट्ल लेने की सलाह देते हैं. अब बाजार में नया प्लांट सोर्स आ गया है. विटामिन डी ज्यादातर मीट और अंडे में पाया जाता है या फिर विटामिन डी के सप्लीमेंट ज्यादातर एनिमल डिराइव्ड होते हैं यानी जानवरों से लिए जाते हैं. भेड़ के ऊन से निकलने वाले नेचुरल वैक्स लेनोलिन से दुनियाभर में विटामिन डी बनाया जाता है. लेकिन, अब इस नए लॉन्च के बाद भारत में पौधों से बनने वाला विटामिन डी3 उपलब्ध होगा.
क्या प्लांट बेस्ड विटामिन डी3 बेहतर है?
दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाला विटामिन डी3 हमेशा से सेफ रहा है. इस नए प्लांट बेस्ड विटामिन डी में सिर्फ यही अलग है कि इसे एनिमल से नहीं बल्कि प्लांट बेस्ड इंग्रीडिएंट से बनाया गया है. इसके अलावा, दोनों ही तरह के सप्लीमेंट्स सेहत के लिए फायदेमंद हैं. प्लांट बेस्ड विटामिन डी की यह फायदा है कि भारत के लोगों को एक नया ऑप्शन मिल गया है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Vitamin D3: भारत में पहला मेड-इन-इंडिया प्लांट बेस्ड विटामिन डी3 लॉन्च किया गया है जिसका इस्तेमाल फोर्टिफाइड फूड्स, न्यूट्रासुटिकल्स और सप्लीमेंट्स में किया जाएगा. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) फर्मेंटा बायोटेक के Vitadee को मंजूरी दे दी है. यह एक प्लांट से तैयार किया गया विटामिन डी3 है जिसे सोया ऑयल वेस्ट स्ट्रीम के फाइटोस्टेरॉल्स से लिया गया है. लोगों के लिए यह ना सिर्फ विटामिन डी की कमी पूरी करने में महत्वपूर्ण साबित होगा बल्कि विटामिन डी के स्त्रोत भी बढ़ा देगा.
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विटामिन डी3 सप्लीमेंट की खासियत
विटामिन डी को सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है क्योंकि इसका मुख्य स्त्रोत सूरज की रोशनी है. लेकिन, इसके बावजूद बहुत से लोग विटामिन डी की कमी से दोचार होते हैं. विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में, मसल्स को मजबूत करने में और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है. ऐसे में विटामिन डी की कमी होने पर शरीर एक नहीं बल्कि कई तरह से प्रभावित होता है. इसीलिए पर्याप्त विटामिन डी शरीर को मिले यह सुनिश्चित करना जरूरी है. लेकिन, प्रदूषण, लंबे समय तक बंद दरवाजों के भीतर रहना और सुबह से शाम तक ऑफिस में काम करने के चलते बहुत से लोग पर्याप्त धूप नहीं ले पाते हैं जिस चलते वे विटामिन डी की कमी का शिकार हो जाते हैं.
ऐसे में अगर शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है तो डॉक्टर विटामिन डी के सप्लीमेंट्ल लेने की सलाह देते हैं. अब बाजार में नया प्लांट सोर्स आ गया है. विटामिन डी ज्यादातर मीट और अंडे में पाया जाता है या फिर विटामिन डी के सप्लीमेंट ज्यादातर एनिमल डिराइव्ड होते हैं यानी जानवरों से लिए जाते हैं. भेड़ के ऊन से निकलने वाले नेचुरल वैक्स लेनोलिन से दुनियाभर में विटामिन डी बनाया जाता है. लेकिन, अब इस नए लॉन्च के बाद भारत में पौधों से बनने वाला विटामिन डी3 उपलब्ध होगा.
क्या प्लांट बेस्ड विटामिन डी3 बेहतर है?
दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाला विटामिन डी3 हमेशा से सेफ रहा है. इस नए प्लांट बेस्ड विटामिन डी में सिर्फ यही अलग है कि इसे एनिमल से नहीं बल्कि प्लांट बेस्ड इंग्रीडिएंट से बनाया गया है. इसके अलावा, दोनों ही तरह के सप्लीमेंट्स सेहत के लिए फायदेमंद हैं. प्लांट बेस्ड विटामिन डी की यह फायदा है कि भारत के लोगों को एक नया ऑप्शन मिल गया है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.