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Netaji Subash Chandra Bose Jayanti 2026: सभी को भेजिए नेताजी के ये 10 अनमोल वचन

Netaji Subash Chandra Bose Jayanti: नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म आज ही के दिन 1897 में हुआ था. नेताजी का जीवन सभी के लिए प्रेरणादायक रहा है. ऐसे में नेताजी की कही प्रेरणादायक और जोश से भरी ये बातें आप भी सभी से शेयर कर सकते हैं.

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Netaji Subash Jayanti Bose Jayanti 2026: नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 में उड़ीसा के शहर कटक में हुआ था. आज नेताजी की 130वीं जयंती मनाई जा रही है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने ब्रिटिश हुकुम के खिलाफ जाते हुए अपनी सिविल की नौकरी छोड़ दी थी. उन्होंने देश को ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का अमर नारा भी दिया था. नेताजी का जीवन युवाओं में देशभक्ति की लहर दौड़ाता है, साहस की परम गाथा गाता है और देश के हर व्यक्ति को अपने देश के लिए आगे आने का जज्बा देता है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों की गुलामी के बजाय देश सेवा का रास्ता चुना था और आजाग हिंद फौज को फिर से खड़ा किया था. आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस के आप भी पढ़िए और सभी को भेजिए नेताजी के कहे प्रेरणादायक और जोश से भरे अनमोल वचन.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 10 अनमोल वचन

  • एक व्यक्ति किसी विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद हजारों लोगों के जीवन में अवतरित होगा.
  • मैंने जीवन में कभी भी खुशामद नहीं की है. दूसरों को अच्छी लगने वाली बातें करना मुझे नहीं आता.
  • हमारा सफर कितना ही भयानक, कष्टदायी और बदतर हो, लेकिन हमें आगे बढ़ते रहना ही है. सफलता का दिन दूर हो सकता है, लेकिन उसका आना अनिवार्य ही है.
  • अगर जीवन में संघर्ष न रहे, किसी भी भय का सामना न करना पड़े, तो जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है.
  • आशा की कोई न कोई किरण होती है, जो हमें कभी जीवन से भटकने नहीं देती.
  • समय से पूर्व की परिपक्वता अच्छी नहीं होती, चाहे वह किसी वृक्ष की हो या व्यक्ति की और उसकी हानि आगे चल कर भुगतनी ही होती है.
  • मुझे यह नहीं मालूम कि स्वतंत्रता के इस युद्ध में हम में से कौन-कौन जीवित बचेंगे! परन्तु मैं यह जानता हूँ, अंत में विजय हमारी ही होगी!
  • सफलता हमेशा असफलता के स्तंभ पर खड़ी होती है. इसलिए किसी को भी असफलता से घबराना नहीं चाहिए.
  • संघर्ष ने मुझे मनुष्य बनाया, मुझमें आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ, जो पहले मुझमें नहीं था.
  • याद रखिए सबसे बड़ा अपराध, अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है.

इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य: नेताजी की मृत्यु

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस का निधन कैसे हुआ था यह इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य बन चुका है. 18 अगस्त, 1945 में नेताजी का ताइवान के ताइपे में एक विमान हादसे में निधन हुआ था. उड़ान भरने के बाद ही विमान में आग लग गई थी. इसके बाद अस्पताल में उन्होंने अतिंम सांसें लीं. हालांकि, परिवार और करीबी इस थ्योरी को सच नहीं मानते हैं.

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First published on: Jan 23, 2026 09:37 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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