दुनिया की वो रहस्यमयी झील जहां पक्षी पानी छूते ही बन जाते हैं पत्थर, वैज्ञानिक भी दंग

The Red Lake: क्या आप जानते हैं दुनिया की एक ऐसी भी झील है जिसका जल जीवन नहीं देता बल्कि जिंदगी को खींच लेता है. यहां जानिए कौन सी है यह झील जिसका पानी पशु-पक्षियों को पत्थर बना देता है.

Lake

खून की तरह लाल पानी और पत्थर बने परिंदे.

The Red Lake: कहते हैं जल ही जीवन है, लेकिन आज हम जिस झील के बारे में बात कर रहे हैं उसका पानी इंसान को मिनटों में लाश और पक्षियों को पत्थर बना देता है. यह है लेक नाट्रॉन (Lake Natron) जो प्रकृति का घातक रूप दर्शाती है. तंजानिया (Tanzania) में स्थित लेक नाट्रॉन दुनिया की सबसे रहस्यमयी और खतरनाक झीलों में से एक मानी जाती है. इसे पत्थर बना देने वाली झील के नाम से भी जाना जाता है. यहां जानिए इस झील का रहस्य.

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जीव-जंतुओं को पत्थर बना देती है यह झील

लेक नाट्रॉन के बारे में कहा जाता है कि इसके पानी को अगर कोई जीव-जंतु छू ले तो वह पत्थर बन जाता है. असल में इस झील का पानी अत्यधिक क्षारीय यानी अल्कलाइन है जिसका पीएच लेवल 10.5 से 12 तक पहुंच जाता है जोकि अमोनिया जितना होता है. पानी में सोडियम कार्बोनेट और बेकिंग सोडा की भी मात्रा अधिक है. यह वो तत्व हैं जो प्राचीन मिस्र में ममी बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे. ऐसे में इस झील में कोई जीव गिरता है तो उसका शरीर कैल्शियम में बदल जाता है और पत्थर जैसा दिखने लगता है. असल में जीव-जंतु का शरीर लेक नाट्रॉन में प्रीजर्व हो जाता है और यह मूर्ति की तरह पत्थर नहीं बनता बल्कि कैल्शियम में बदलकर पत्थर की तरह कड़ा हो जाता है.

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लेक नाट्रॉन का रंग लाल क्यों है

तंजानिया का लेक नाट्रॉन खूनी लाल रंग या गहरे गुलाबी रंग की तरह दिखाई पड़ता है. इसका कारण इस झील के खारे पानी में पनपने वाले हेलोफाइल्स नामक सूक्ष्मजीव हैं. ये सूक्ष्मजीव लाल रंग का पिग्मेंट छोड़ते हैं जिससे झील का रंग खूनी लाल रंग की तरह दिखाई पड़ता है.

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तापमान भी है खौफनाक

इस झील का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस या 140 फेरेनाइट तक पहुंच सकता है. यह गर्म और रसायनिक पानी चंद मिनटों में किसी भी जीवित कोशिका को जलाने के लिए काफी होता है.

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एक और विरोधाभास: इन पक्षियों का घर है यह झील

खतरनाक नेट्रॉन झील जो किसी भी जीव को पत्थर बना देती है, लेसर फ्लेमिंगो पक्षियों के लिए सबसे प्रजनन वाला स्थल है. इस झील के बीच में बनने वाले नमक के टापू पर ये पक्षी रहते हैं जोकि इन्हें शिकारियों से बचाते हैं. इन पक्षियों की त्वचा सख्त होती है जिसकी वजह से यह झील के जहरीले पानी से बच जाते हैं.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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