Rice Adulteration: क्या चावल में भी होती है मिलावट? ऐसे करें असली और नकली चावल की पहचान 

Real Vs Fake Rice: भारत एक ऐसा देश है जहां पर चावल बहुत ही शौक से खाया जाता है. अगर आप भी हर रोज चावल खाते हैं तो खरीदते वक्त ध्यान रखें कि इसमें कहीं मिलावट को नहीं की गई है. इस बात का पता इस लेख में बताए गए टिप्स से किया जा सकता है. 

Real Vs Fake Rice

क्या चावल में सच में मिलावट हो सकती है? Image Credit- Freepik

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चावल भारतीय थाली का अहम हिस्सा है. ऐसे में अगर चावल में मिलावट की खबर सामने आए तो ध्यान देना जरूरी है. कई बार सोशल मीडिया पर चावल को पानी में डालकर, जलाकर या पकाकर चेक करने के तरीके वायरल होते हैं, लेकिन हर नुस्खा सही तरीके से काम करे यह जरूरी नहीं है. इसलिए एफएसएसएआई ने हमें कुछ चीजें ऐसी बताई हैं जिनकी मदद से आप चावल में धूल, कंकड़, पत्थर, भूसी, खरपतवार के बीज, खराब दाने, कीड़े और मिलावट को देख सकते हैं. इसके बाद आपको यह समझ सकते हैं कि इस चावल का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं. कई बार चावल दिखने में अच्छा लगता है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर मिलावट की गई होती है. अगर लगातार नकली चावल का सेवन किया जाता है तो परेशानी बढ़ जाती है और पेट से संबंधित समस्याएं होने लगती हैं. 

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क्या चावल में सच में मिलावट हो सकती है?

चावल में कई तरह की मिलावट हो सकती हैं. एफएसएसएआई ने इसलिए कई टिप्स ऐसे बताए हैं जिनकी मदद से नकली चावल का टेस्ट किया जा सकता है. चावल में मिलाई गई चीजों की आसानी से जांच की जा सकती है. इसके लिए थोड़ी मात्रा में चावल एक साफ प्लेट में फैलाएं और ध्यान से देखें. अगर इसमें जरूरत से ज्यादा कंकड़ मौजूद हैं तो चावल मिलावटी हो सकते हैं, जिसे खरीदने से पहले सोचना चाहिए. 

किन चीजों की हो सकती है मिलावट? 

  • कंकड़ या छोटे पत्थर की मिलावट 
  • मिट्टी या धूल की मिलावट 
  • भूसी या तिनके की मिलावट
  • अलग तरह के बीज की मिलावट 
  • टूटे या खराब दाने की मिलावट
  • कीड़े या कीड़ों के दाने की मिलावट 
  • किसी दूसरे अनाज के दाने की मिलावट 

सेला चावल में रंग की मिलावट कैसे चेक करें? 

एफएसएसएआई का कहना है कि सेला चावल में हल्दी जैसी रंग की मिलावट की जा सकती है. इसके लिए एक चम्मच चावल को कांच की प्लेट में लें और उस पर थोड़ी मात्रा में भिगोया हुआ चूना डालें. एफएसएसएआई का कहना है कि असली चावल पर लाल रंग नहीं बनता, जबकि मिलावट वाले चावल पर रंग दिखाई देता है. 

क्या पानी में डालकर असली-नकली चावल की पहचान हो सकती है?

सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि नकली या प्लास्टिक चावल पानी में अलग तरह से दिखता है. लेकिन सिर्फ पानी में डालकर चावल के नकली होने का टेस्ट करना काफी नहीं है. इसलिए अच्छी जगह से चावल खरीदें और नकली चावल इस्तेमाल करने से बचें. 

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क्या चावल को जलाने पर प्लास्टिक की पहचान हो सकती है?

एफएसएसएआई ने प्लास्टिक चावल को लेकर बताया है कि चावल में स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है. अगर आप यह चावल जलाएंगे तो नॉर्मल चावल जलकर काला हो जाता है. वहीं, अगर चावल में मिलावट होगी तो यह पिघलने लगेगा. आप इस बात का पता आसानी से लगा सकते हैं.

खरीदते वक्त किन बातों का रखें ध्यान? 

  • अगर आप चाहते हैं कि चावल असली हो तो अच्छी क्वालिटी और जगह का ध्यान रखें. पैकेट वाले चावल बेस्ट हो सकते हैं, क्योंकि खुले चावल में मिलावट की जा सकती है.
  • ज्यादा चमकीले चावल न खरीदें, क्योंकि इसमें मिलावट हो सकती है. कई बार चावल को अच्छा दिखाने के लिए पॉलिश की जाती है. 
  • चावल को स्टोर करने से पहले ध्यान रखें कि इसमें कीड़े न हों, क्योंकि कीड़े चावल को और खराब कर सकते हैं. इससे परेशानी पैदा हो सकती है और यह खाने लायक भी नहीं रहते हैं.

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Source- FSSAI

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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