गर्मी शुरू होते ही लू का अलर्ट भी जारी कर दिया है। ऐसे में इसे नजरअंदार करना भारी पड़ सकता है। इसे लेकर डॉक्टर बताते हैं कि बाहर काम करने वाले लोग बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, हार्ट के मरीज और पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लू लगने का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए लू से सतर्क रहें और बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीते रहें। साथ ही धूप में ज्यादा निकलने से बचें।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
सफदरजंग अस्पताल के प्रिवेंटिव कम्युनिटी मेडिसिन के निदेशक प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है। शरीर का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस का मतलब कि तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट पहुंचना। 40 डिग्री सेल्सियस का मतलब होता है 104 डिग्री फारेनहाइट।
थर्मल सिस्टम तापमान को करता है कंट्रोल
शरीर का तापमान 104 डिग्री पहुंच जाने पर स्थिति खराब हो जाती है। शरीर का थर्मल सिस्टम तापमान को कंट्रोल करता है लेकिन देर तक ज्यादा तापमान में बाहर रहने से शरीर का तापमान कंट्रोल करने ठंडा रखने का सिस्टम खराब हो जाता है। यह लू लगने का कारण बनता है। लू चलने पर बच्चे थोड़ी देर या एक घंटे भी बाहर खेलें तो उन्हें लू लगने का खतरा बढ़ सकता है।
कैसे करें बचाव
1. हल्के रंग के कॉटन कपड़े पहने। बाहर निकलते समय पानी की बोतल, छाता, टोपी और गॉगल्स साथ रखें।
2. ताजे फल और सब्जियां खाएं, ओआरएस या होममेड ड्रिंक्स जैसे लस्सी, छाछ, लेमन वॉटर आदि का सेवन करें।
3. अगर आप धूप में बाहर निकल रहे हैं तो सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें।
4. बच्चों, बुजुर्गों, और बीमार लोगों को लू से बचने के लिए खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। ऐसे लोग घर से बाहर निकलने से बचे।
5. अपने शरीर के तापमान को कम करने के लिए ठंडे कंप्रेस या तौलिये का इस्तेमाल करें। साथ ही आप आइस पैक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है