आज के समय में बहुत से लोग महंगी क्रीम, सीरम और ट्रीटमेंट इस्तेमाल करते हैं, फिर भी झुर्रियां, ढीली स्किन और बेजान चेहरा उनकी चिंता का कारण बन जाती हैं. अक्सर हम मान लेते हैं कि स्किन एजिंग सिर्फ उम्र बढ़ने या गलत स्किनकेयर की वजह से होती है, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है. रोजमर्रा की जिंदगी में हम जो भी खाते हैं, उसका असर सीधे हमारी त्वचा पर भी पड़ता है. इसी को लेकर सोशल मीडिया पर शेयर एक वीडियो में बोर्ड-सर्टिफाइड डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पूजा रेड्डी बताती हैं कि कुछ आम फूड्स ऐसे हैं, जो अंदर से कोलेजन को नुकसान पहुंचाते हैं और स्किन को समय से पहले बूढ़ा बना देते हैं. आइए जानते हैं क्या कहती हैं डॉक्टर.
यह भी पढ़ें: भारतीय टूरिस्ट क्यों कर रहे हैं अजरबैजान का रुख? कम बजट में मिलेगा यूरोप जैसा मजा, जानिए 5 बड़ी खासियतें
AGEs क्या हैं और क्यों बढ़ाते हैं समय से पहले एजिंग?
सबसे पहले ये जानते हैं आखिर AGEs होता क्या है और बनता क्यों है? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि AGEs यानी एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स तब बनते हैं, जब खून में शुगर प्रोटीन या फैट के साथ मिल जाती है. ज्यादा तापमान पर पकाए गए फूड्स जैसे तलना, ग्रिल करना और टोस्ट करना भी इन्हें बढ़ाता है. शरीर इन्हें बाहर निकालने की कोशिश करता है, लेकिन ज्यादा सेवन से ये जमा होने के कारण इससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जो न सिर्फ स्किन एजिंग बल्कि कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है. अगर आप सच में जवान और हेल्दी स्किन चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी थाली पर ध्यान देना जरूरी है. अब सवाल उठता है कि आखिर हमारी थाली में ऐसा क्या है, जो स्किन के लिए ठीक नहीं है, आइए उसे नीचे समझते हैं.
हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप
डॉ. रेड्डी के अनुसार, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप को वह असली खाना तक नहीं मानतीं. यह सोडा, पैकेज्ड जूस, बिस्किट, केक, सॉस और ज्यादातर जंक फूड्स में छुपा होता है. यह एक सिंथेटिक स्वीटनर है, जो सामान्य चीनी की तुलना में त्वचा के प्रोटीन को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. इससे शरीर में AGEs बनते हैं, जो कोलेजन को कमजोर कर देते हैं और साथ ही इससे लिवर पर भी बुरा असर पड़ता है. हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप के सेवन के ही वजह से स्किन सख्त दिखने लगती है, झुर्रियां जल्दी आने लगती हैं और चेहरे की चमक कम हो जाती है.
बार-बार गर्म किया गया तेल
अक्सर बाहर मिलने वाले समोसे, कचौड़ी या पकौड़े एक ही तेल में कई बार तले जाते हैं. डॉ. रेड्डी बताती हैं कि तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें मौजूद विटामिन E खत्म हो जाता है और हानिकारक ऑक्सीडाइज्ड फैट्स बन जाते हैं. ये फैट्स शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिसका असर सीधा त्वचा पर दिखाई देता है. इससे स्किन डल लगने लगती है और एजिंग के संकेत जल्दी नजर आने लगते हैं.
ज्यादा तले-भुने और कुरकुरे फूड्स
साथ ही, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, पकौड़े और डीप फ्राइड स्नैक्स जितने ज्यादा टेस्टी और क्रिस्पी होते हैं, उतने ही ज्यादा नुकसानदेह हो सकते हैं. डॉ. रेड्डी के मुताबिक, जितना गहरा रंग और ज्यादा कुरकुरापन, उतने ज्यादा AGEs शरीर में जाते हैं. यही वजह है कि महंगी क्रीम लगान के बावजूद भी असर एक जरा दिखाई नहीं देता. अगर आप भी इस तरह की गलती कर रहे हैं, तो अब आपको रुकने की जरूरत है, ताकि आपकी स्किन हमेशा जवान और ग्लोइंग रहे.
यह भी पढ़ें: मूली खाने का सही समय क्या है? आचार्य बालकृष्ण ने बताया किस समय Radish खाने पर मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
आज के समय में बहुत से लोग महंगी क्रीम, सीरम और ट्रीटमेंट इस्तेमाल करते हैं, फिर भी झुर्रियां, ढीली स्किन और बेजान चेहरा उनकी चिंता का कारण बन जाती हैं. अक्सर हम मान लेते हैं कि स्किन एजिंग सिर्फ उम्र बढ़ने या गलत स्किनकेयर की वजह से होती है, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है. रोजमर्रा की जिंदगी में हम जो भी खाते हैं, उसका असर सीधे हमारी त्वचा पर भी पड़ता है. इसी को लेकर सोशल मीडिया पर शेयर एक वीडियो में बोर्ड-सर्टिफाइड डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पूजा रेड्डी बताती हैं कि कुछ आम फूड्स ऐसे हैं, जो अंदर से कोलेजन को नुकसान पहुंचाते हैं और स्किन को समय से पहले बूढ़ा बना देते हैं. आइए जानते हैं क्या कहती हैं डॉक्टर.
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AGEs क्या हैं और क्यों बढ़ाते हैं समय से पहले एजिंग?
सबसे पहले ये जानते हैं आखिर AGEs होता क्या है और बनता क्यों है? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि AGEs यानी एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स तब बनते हैं, जब खून में शुगर प्रोटीन या फैट के साथ मिल जाती है. ज्यादा तापमान पर पकाए गए फूड्स जैसे तलना, ग्रिल करना और टोस्ट करना भी इन्हें बढ़ाता है. शरीर इन्हें बाहर निकालने की कोशिश करता है, लेकिन ज्यादा सेवन से ये जमा होने के कारण इससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जो न सिर्फ स्किन एजिंग बल्कि कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है. अगर आप सच में जवान और हेल्दी स्किन चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी थाली पर ध्यान देना जरूरी है. अब सवाल उठता है कि आखिर हमारी थाली में ऐसा क्या है, जो स्किन के लिए ठीक नहीं है, आइए उसे नीचे समझते हैं.
हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप
डॉ. रेड्डी के अनुसार, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप को वह असली खाना तक नहीं मानतीं. यह सोडा, पैकेज्ड जूस, बिस्किट, केक, सॉस और ज्यादातर जंक फूड्स में छुपा होता है. यह एक सिंथेटिक स्वीटनर है, जो सामान्य चीनी की तुलना में त्वचा के प्रोटीन को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. इससे शरीर में AGEs बनते हैं, जो कोलेजन को कमजोर कर देते हैं और साथ ही इससे लिवर पर भी बुरा असर पड़ता है. हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप के सेवन के ही वजह से स्किन सख्त दिखने लगती है, झुर्रियां जल्दी आने लगती हैं और चेहरे की चमक कम हो जाती है.
बार-बार गर्म किया गया तेल
अक्सर बाहर मिलने वाले समोसे, कचौड़ी या पकौड़े एक ही तेल में कई बार तले जाते हैं. डॉ. रेड्डी बताती हैं कि तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें मौजूद विटामिन E खत्म हो जाता है और हानिकारक ऑक्सीडाइज्ड फैट्स बन जाते हैं. ये फैट्स शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, जिसका असर सीधा त्वचा पर दिखाई देता है. इससे स्किन डल लगने लगती है और एजिंग के संकेत जल्दी नजर आने लगते हैं.
ज्यादा तले-भुने और कुरकुरे फूड्स
साथ ही, फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, पकौड़े और डीप फ्राइड स्नैक्स जितने ज्यादा टेस्टी और क्रिस्पी होते हैं, उतने ही ज्यादा नुकसानदेह हो सकते हैं. डॉ. रेड्डी के मुताबिक, जितना गहरा रंग और ज्यादा कुरकुरापन, उतने ज्यादा AGEs शरीर में जाते हैं. यही वजह है कि महंगी क्रीम लगान के बावजूद भी असर एक जरा दिखाई नहीं देता. अगर आप भी इस तरह की गलती कर रहे हैं, तो अब आपको रुकने की जरूरत है, ताकि आपकी स्किन हमेशा जवान और ग्लोइंग रहे.
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