MEA India Statement: पाकिस्तान के कराची में सुरक्षा बलों के कैंप पर हुए आतंकी हमले को लेकर भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. भारत ने पाकिस्तान को कड़ा और दोटूक जवाब देते हुए कहा है कि आतंकवाद को पालने-पोसने वाले देश को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद अपने गिरेबान में झांकना चाहिए.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए पाकिस्तान के दावों की हवा निकाल दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, "हमने कराची में हुई घटना को लेकर भारत के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने वाली पाकिस्तान की रिपोर्टें देखी हैं. हम इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं."
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी संगठनों और उनके ठिकानों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए. भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान को अपनी राज्य नीति के एक हथियार के रूप में आतंकवाद का इस्तेमाल करने की आदत को अब छोड़ देना चाहिए.
क्या हुआ था कराची में?
दरअसल, शनिवार रात करीब 8:30 बजे पाकिस्तान के कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था. आतंकवादी एक गाड़ी से मुख्य गेट को तोड़ते हुए परिसर के अंदर घुसे और ताबड़तोड़ ग्रेनेड फेंके. इसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक भीषण मुठभेड़ चली.
इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 6 आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि एक घायल आतंकी को जिंदा पकड़ लिया गया. इस हमले में पाकिस्तान अर्धसैनिक बल के 4 रेंजर्स भी मारे गए. प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े चरमपंथी गुट 'जमात-उल-अहरार' ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
अपनी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की नाकामी को छिपाने के लिए पाकिस्तान ने हमेशा की तरह इस बार भी बिना किसी सबूत के भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की, जिसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने करारा जवाब देते हुए बेनकाब कर दिया है.
MEA India Statement: पाकिस्तान के कराची में सुरक्षा बलों के कैंप पर हुए आतंकी हमले को लेकर भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. भारत ने पाकिस्तान को कड़ा और दोटूक जवाब देते हुए कहा है कि आतंकवाद को पालने-पोसने वाले देश को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद अपने गिरेबान में झांकना चाहिए.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए पाकिस्तान के दावों की हवा निकाल दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, “हमने कराची में हुई घटना को लेकर भारत के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने वाली पाकिस्तान की रिपोर्टें देखी हैं. हम इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं.”
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी संगठनों और उनके ठिकानों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए. भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान को अपनी राज्य नीति के एक हथियार के रूप में आतंकवाद का इस्तेमाल करने की आदत को अब छोड़ देना चाहिए.
क्या हुआ था कराची में?
दरअसल, शनिवार रात करीब 8:30 बजे पाकिस्तान के कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था. आतंकवादी एक गाड़ी से मुख्य गेट को तोड़ते हुए परिसर के अंदर घुसे और ताबड़तोड़ ग्रेनेड फेंके. इसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक भीषण मुठभेड़ चली.
इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 6 आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि एक घायल आतंकी को जिंदा पकड़ लिया गया. इस हमले में पाकिस्तान अर्धसैनिक बल के 4 रेंजर्स भी मारे गए. प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े चरमपंथी गुट ‘जमात-उल-अहरार’ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
अपनी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की नाकामी को छिपाने के लिए पाकिस्तान ने हमेशा की तरह इस बार भी बिना किसी सबूत के भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की, जिसे भारतीय विदेश मंत्रालय ने करारा जवाब देते हुए बेनकाब कर दिया है.