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नीम करौली बाबा के कैंची धाम समेत इन मंदिरों को करें एक्सप्लोर, हर धाम की अपनी है खास कहानी

नीम करौली बाबा से जुड़े इन स्थानों की खासियत सिर्फ इनके मंदिर या आश्रम नहीं हैं. हर जगह बाबा की जिंदगी और उनके सेवा के संदेश से जुड़ा हुआ है. यही वजह है कि इन स्थानों पर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग पहुंचते हैं. 

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भारत एक ऐसी जगह है जहां पर हर चीज का अपना अलग इतिहास रहा है. यहां लोग सिर्फ पूजा-पाठ के लिए नहीं, बल्कि शांति और सुकून पाने के लिए भी जाते हैं. इन्हीं में से एक है उत्तराखंड का कैंची धाम, जो नीम करौली बाबा से जुड़ा हुआ है. पहाड़ों के बीच बना यह आश्रम आज देश-विदेश के श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है. उत्तराखंड सरकार के अनुसार, कैंची धाम नैनीताल-अल्मोड़ा रोड पर भवाली से करीब 9 किलोमीटर और नैनीताल से करीब 17 किलोमीटर दूर है. आप यहां पर वीकेंड पर भी जा सकते हैं, ताकि सभी जगहों को अच्छी तरह से एक्सप्लोर किया जा सके. यहां पर नीम करौली बाबा से जुड़े कई दूसरे धार्मिक स्थल भी हैं, जिनकी अपनी अलग कहानी और खासियत है. 

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कैंची धाम, उत्तराखंड

नीम करौली बाबा का नाम आते ही सबसे पहले कैंची धाम का नाम आता है. यह नैनीताल-अल्मोड़ा मार्ग पर पहाड़ों के बीच मौजूद है. यहां भगवान हनुमान का मंदिर और नीम करौली बाबा से जुड़ा आश्रम है. इस स्थान की स्थापना 1960 के दशक में बाबा नीम करौली से जुड़ी मानी जाती है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. कैंची धाम की एक खास बात यह है कि इसका नाम किसी कैंची की वजह से नहीं पड़ा है. 

हनुमानगढ़ी, नैनीताल

नैनीताल का हनुमान गढ़ी मंदिर भगवान हनुमान के लिए बनाया गया है. नैनीताल जिला प्रशासन की जानकारी के अनुसार, इस मंदिर परिसर का निर्माण नीम करौली बाबा की प्रेरणा से करीब 1950 के आसपास कराया गया था. मंदिर पहाड़ी इलाके में मौजूद और यहां से आसपास का सुंदर नजारा भी देखने को मिलता है. धार्मिक आस्था के साथ-साथ शांत वातावरण इसे खास बनाता है.

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वृंदावन आश्रम, उत्तर प्रदेश

वृंदावन भी नीम करौली बाबा से जुड़े प्रमुख स्थानों में से एक है. यहां उनका आश्रम और समाधि मंदिर है. यह जगह बाबा के जीवन से जुड़ी यादों की वजह से भक्तों के लिए खास महत्व रखती है. वृंदावन वैसे भी भगवान कृष्ण की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है, इसलिए यहां धार्मिक यात्रा करने वाले लोग नीम करौली बाबा के आश्रम के साथ दूसरे मंदिरों के दर्शन भी कर सकते हैं. यकीनन सबको बहुत ही अच्छा लगेगा. 

काकड़ीघाट, उत्तराखंड 

उत्तराखंड में ही काकड़ीघाट भी नीम करौली बाबा से जुड़ा एक जरूरी स्थान है. यह भवाली से अल्मोड़ा जाने वाले रास्ते पर स्थित है. यहां प्राचीन शिव मंदिर और आश्रम से जुड़ी परंपरा मिलती है. बाबा ने यहां मंदिर की स्थापना कराई थी. यह जगह पहाड़ों की शांति के बीच मौजूद होने की वजह से भी खास लगती है. अगर आप कैंची धाम की यात्रा पर जा रहे हैं तो काकड़ीघाट को भी  ट्रिप में शामिल किया जा सकता है. 

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First published on: Sep 06, 2026 09:51 AM

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