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मानसून में हुआ फसलों, कारों, घरों का नुकसान तो क्या सरकार देती है मुआवजा? जानें कैसे कर सकते हैं क्लेम

देश में मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है. ऐसे में कई स्थानों पर ज्यादा बारिश होने के कारण किसानों की फसलें, घर और कई लोगों की कार तक भी खराब हुई है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इन सबका इंश्योरेंस क्लेम कैसे किया जा सकता है और कैसे इसका मुआवजा मिलेगा?

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देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई जगह घरों में पानी भर गया, जबकि सड़कों पर खड़ी और चलती गाड़ियां भी बाढ़ के पानी में फंस गईं. ऐसे हालात में लोगों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि, सही इंश्योरेंस पॉलिसी होने पर घर और वाहन को हुए नुकसान की भरपाई का दावा किया जा सकता है.

कैसे मदद करता है घर का इंश्योरेंस?

मान लीजिए कि अगर बाढ़ या फिर किसी भी प्राकृतिक आपदा से आपके घर को नुकसान पहुंचा है तो होम इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत इसकी भरपाई हो सकती है. सिर्फ मकान ही नहीं बल्कि बिजली के उपकरण, फर्नीचर, गहने, कपड़े और दूसरे कीमती सामानों को भी इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल कराया जा सकता है.

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क्लेम करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

अगर आपके घर में पानी भर जाए या फिर घर का कोई सामान खराब हो जाए तो सबसे पहले खराब सामान की फोटो और वीडियो बनाकर अपने पास रख लीजिए. इसके बाद जल्द से जल्द बीमा कंपनी को इसकी जानकारी दे दीजिए. घर में मौजूद कीमती सामान की सूची, खरीददारी के बिल और पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज पहले से संभालकर रखना भी आपके लिए मददगार साबित होगा. इससे क्लेम करने का प्रोसेस आसान होगा और मुआवजा कम समय में भी मिलेगा.

मानसून में वाहन खराब होने पर मिलता है मुआवजा?

अगर बाढ़ के पानी में आपकी कार या बाइक खराब हो जाती है, तो कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस के जरिए आप क्लेम कर सकते हैं. अगर आपने इंजन प्रोटेक्शन कवर लिया है, तो आपको इंजन में पानी जाने से हुए नुकसान पर भी अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकती है. अगर वाहन पूरी तरह खराब हो जाए, तो पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक आपको मुआवजा दिया जा सकता है.

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बारिश में खराब हुई फसल का भी मिलेगा मुआवजा

मानसून की बारिश शुरू होने के बाद कई जगहों पर हालात बुरे हैं. कई स्थानों में किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ कटाई के बाद रखी गई उपज भी खराब हो गई. जिसके कारण किसान अपनी कमाई को लेकर काफी परेशान हैं. फसल बर्बादी के बाद किसानों के सामने भी यही सवाल खड़ा हो जाता है कि आखिर इस नुकसान की भरपाई कैसे होगी.

तो ऐसी स्थिति में सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है. इसके तहत फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक मदद दी जाती है.

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किन हालातों में मिलता है किसानों को मुआवजा?

फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है. अगर किसानों की फसल बाढ़, सूखा, कीट या बीमारी, आंधी या फिर ओलावृष्टि में खराब हो जाती है तो किसान इस नुकसान के लिए मुआवजे का दावा कर सकते हैं. इसके अलावा अगर खराब मौसम की वजह से बुवाई ही नहीं हो पाई या खड़ी फसल नष्ट हो जाती है तब भी किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

इसके अलावा कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखी गई फसल में भी 14 दिनों तक बीमा कवर मिलता है. इस दौरान अगर बारिश या दूसरी प्राकृतिक कारणों से नुकसान होता है तो किसान मुआवजे के लिए क्लेम कर सकते हैं.

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यह भी पढ़ें- उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू कश्मीर में मानसून की बारिश से कैसे हालात? इस हफ्ते तीनों राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?

कैसे कर सकते हैं क्लेम?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होता है. खरीफ फसल के लिए दो प्रतिशत, रबी फसल के लिए 1.5 प्रतिशत और बागवानी या व्यावसायिक फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम तय होता है. बाकी राशि सरकार वहन करती है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बहुत कम हो जाता है.

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वहीं, फसल खराब होने पर किसानों को 72 घंटे के अंदर इसकी सूचना देनी होती है. यह जानकारी बीमा कंपनी, बैंक, नजदीकी सीएससी सेंटर या कृषि विभाग के जरिए दी जा सकती है. इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 14447 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. किसान ऑनलाइन भी मुआवजे के लिए क्लेम कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें ऑफिशियल पोर्टल pmfby.gov.in पर जाकर रिपोर्ट क्रॉप लॉस या रजिस्टर्ड क्लेम ऑप्शन चुनना होता है. इसके बाद नाम, मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल और फसल नुकसान की जानकारी भरकर आवेदन किया जा सकता है.

कैसे मिलता है मुआवजा?

जब किसान अपनी फसल के लिए क्लेम दर्ज कर देते हैं तो संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर जाकर नुकसान हुई फसला का आकलन करते हैं. इसके बाद इसके आधार पर रिपोर्ट तैयारी की जाती है और बीमा कंपनी मुआवजे को मंजूरी देती है. आमतौर पर 1 से 2 महीने के अंदर मुआवजे की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.

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First published on: Jul 12, 2026 12:22 PM

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