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कार्गो शिप के कैप्टन की कितनी होती है सैलरी? होर्मुज जैसे खतरनाक रास्तों के लिए दी जाती है स्पेशल ट्रेनिंग

मिडिल ईस्ट के समुद्री मार्ग होर्मुज से वैश्विक कच्चे तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां से होकर गुजरने वाले विशाल कार्गो जहाजों और उन पर तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी भी कई गुना बढ़ जाती है.

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ईरान-इजरायल तनाव के बीच एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं. बीते दिनों ईरान ने यूएई के एक कार्गो शिप पर हमला किया, जिसमें एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गए. इस हमले के बाद भारत सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया है. होर्मुज जैसे खतरनाक समुद्री रास्तों पर जहाज लेकर जाना अपना जान जोखिम में डालने के बराबर है, ऐसे में क्या आप जानते हैं कि जहाज के कर्मचारियों और कैप्टन को खतरनाक रास्तों के लिए कैसी ट्रेनिंग और कितनी सैलरी दी जाती है.

क्रू को दी जाती है स्पेशल ट्रेनिंग


मिडिल ईस्ट के समुद्री मार्ग होर्मुज से वैश्विक कच्चे तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में यहां से होकर गुजरने वाले विशाल कार्गो जहाजों और उन पर तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी भी कई गुना बढ़ जाती है. यही वजह है कि मर्चेंट नेवी में कैप्टन और अन्य अधिकारियों को नॉर्मल ट्रेनिंग के अलावा स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाती है. कैप्टन के ऊपर ही जहाज की सुरक्षा, क्रू मैनेजमेंट, अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पालन और अंतिम निर्णय लेने की जिम्मेदारी भी उसी की होती है.

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कितनी होती है कैप्टन और कर्मचारियों की सैलरी?


आपको बता दें कि मर्चेंट नेवी को देश की सबसे ज्यादा सैलरी वाले जॉब्स में गिना जाता है. जॉब की स्टार्टिंग में डेक कैडेट या ट्रेनी इंजीनियर को लगभग 40 हजार से 80 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिल सकता है. एक्सपीरिएंस के साथ सेकंड ऑफिसर या थर्ड इंजीनियर जैसे पदों पर सैलरी डेढ़ लाख से तीन लाख रुपये तक पहुंच जाती है.

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चीफ ऑफिसर और चीफ इंजीनियर को आमतौर पर 5 से आठ 8 रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलता है, जबकि किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्गो जहाज के कैप्टन की मासिक आय 10 लाख से 20 लाख रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है. हालांकि क्रू और कैप्टन की सैलरी जहाजों के प्रकार, कंपनी, एक्सपीरिएंस और कॉन्ट्रैक्ट पर भी निर्भर करती है.

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First published on: Jul 14, 2026 03:05 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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