मां वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाई गई 20 टन 'नकली चांदी' के मामले में जम्मू कोर्ट सख्त, पुलिस से तलब किया जांच रिकॉर्ड

राम मंदिर, बद्रीनाथ धाम के बाद वैष्णो देवी मंदिर में दान में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। विवाद करीब 20 टन चांदी को लेकर है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। इसे अशुद्ध चांदी बताया गया है और कैडमियम के साथ सस्ती धातुओं की मिलावट इसमें मिली है।

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मंदिर में दान की गई चांदी को लेकर धोखाधड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं।

श्री माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई कथित नकली चांदी के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कटरा की अदालत ने पुलिस से मामले की जांच से जुड़े रिकॉर्ड और अब तक की कार्रवाई का रिकॉर्ड अदालत में पेश करने को कहा है। मामला तब सामने आया जब श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा करीब 20 टन चांदी को सरकारी टकसाल में जांच और प्रसंस्करण के लिए भेजा गया। जांच में चांदी में मिलावट और गड़बड़ियां मिलीं।

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550 करोड़ की चांदी की कीमत सिर्फ 30 करोड़ आंकी

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अधिकांश धातु शुद्ध चांदी नहीं, बल्कि कैडमियम और अन्य सस्ती धातुओं की मिलावट वाली थी। अनुमानित 500 से 550 करोड़ रुपये की चांदी की वास्तविक कीमत 30 करोड़ रुपये ही आंकी गई। अदालत ने इस मामले की जांच की प्रगति पर सवाल उठाते हुए पुलिस से विस्तृत रिकॉर्ड मांगा है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि श्रद्धालुओं को कथित तौर पर नकली चांदी बेचने के पीछे किन लोगों या दुकानदारों की भूमिका रही।

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जांच में कैडमियम जैसी जहरीली धातु की मिलावट मिली

पूरे प्रकरण ने न केवल श्रद्धालुओं के साथ कथित धोखाधड़ी, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जांच में कैडमियम जैसी जहरीली धातु की मौजूदगी सामने आई है। मामले में अगली सुनवाई 29 जुलाई 2026 को होगी। वहीं जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुनीश कुमार मन्हास की अदालत ने क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को मांगे गए रिकॉर्ड के साथ फिजिकली अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

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क्राइम ब्रांच और पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप

एक वकील ने 9 मई 2026 को कोर्ट में याचिका दायर करके मामले में आरोप लगाए थे। उन्होंने याचिका में वैष्णो देवी मंदिर में दान से को लेकर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, गबन, रिकॉर्ड में हेरफेर के आरोप लगाए। याचिका में वकील ने बताया कि उन्होंने इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच जम्मू) और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच इकोनॉमिक ऑफेंस विंग जम्मू) को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस और क्राइम ब्रांच के द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं गई। इसलिए उन्होंने जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत का दरवाजा खटखटाया और FIR दर्ज करके मामले की जांच कराने की मांग की।

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लेखक के बारे में

Pankaj Sharma

Pankaj Sharma

पंकज शर्मा एक प्रतिष्ठित टीवी पत्रकार हैं, जिन्हें जम्मू, कश्मीर,लद्दाख, हिमाचल और पंजाब के गतिशील क्षेत्रों पर रिपोर्टिंग की 20 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में, न्यूज 24 के जम्मू-कश्मीर में जम्मू ब्यूरो के रूप में कार्यरत, पंकज शर्मा ने 2005 से अपने पत्रकारिता की शुरुआत की थी शुरुआत में विजन चैनल जो जम्मू कश्मीर का स्थानीय चैनल था उसमें काम किया उसके बाद न्यूज़ एक्सप्रेस में काम किया और 10 वर्षों से न्यूज़ 24 के साथ है पंकज शर्मा ने पत्रकारिता जगत में अपनी एक विश्वसनीय आवाज़ के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जो अपनी गहन कवरेज और सच्चाई को उजागर करने की प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। IGNOU से MBA और जर्नलिज्म पंकज के पास एक मज़बूत शैक्षणिक आधार है जो शोध और गहन कार्यों के प्रति उनके जुनून को और मज़बूत करता है। कहानी कहने और खोजी रिपोर्टिंग में उनकी कुशलता ने उन्हें इस क्षेत्र में पहचान दिलाई है, जिससे वे अपने साथियों और दर्शकों के बीच एक सम्मानित व्यक्ति बन गए हैं। क्षेत्र के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य की गहरी समझ के साथ पंकज शर्मा महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालते रहते हैं, ऐसी कहानियां सामने लाते हैं जो दर्शकों के साथ प्रतिध्वनित होती हैं और जम्मू-कश्मीर की गहरी समझ में योगदान देती हैं।
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