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धर्मेंद्र प्रधान राजनीति छोड़ेंगे या मुख्यमंत्री बनेंगे? सियासी गलियारों में 3 अटकलों से खलबली, पूर्व शिक्षा मंत्री के लिए क्या हैं विकल्प‌?

केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान के लिए क्या विकल्प हैं? वे ओडिशा की संबलपुर सीट से लोकसभा सांसद हैं और ओडिशा के सियासी गलियारों में उनके मुख्यमंत्री बनने की चर्चा है. इसके लिए समर्थन और खाली होने वाली सीटों को लेकर तर्क दिए जा रहे हैं.

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक भविष्य क्या है? सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और अटकलों ने खलबली मचाई हुई है. हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञों को अब उनका राजनीतिक भविष्य धूमिल होता नजर आ रहा है, बावजूद इसके भाजपा के सियासी गलियारों में उन्हें लेकर खूब चर्चा हो रही है. हो सकता है कि धर्मेंद्र प्रधान राजनीति से कुछ समय के लिए निष्क्रिय रहें. हो सकता है कि भाजपा उन्हें संगठन में कोई पद दे. एक अटकल उनके मुख्यमंत्री बनने की लगी है, हालांकि विशेषज्ञ इससे इनकार करते हैं, लेकिन समीकरण और समर्थन तो इशारा कर रहे हैं.

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ओडिशा की राजनीति में धर्मेंद्र प्रधान बड़ी ताकत

इंडिया टूडे की रिपोर्ट के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य को लेकर चल रही अटकलें ओडिशा का ‘मुख्यमंत्री’ बनने की इसलिए हैं, क्योंकि बेशक ओडिशा में नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजू जनता दल का प्रभुत्व है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान ने ABVP नेता से लेकर ओडिशा में भाजपा संगठन के प्रमुख वास्तुकारों में से एक बनने तक का सफर तय किया है. हालांकि धर्मेंद्र प्रधान लंबे समय से नई दिल्ली में हैं. वे पहले साल 2004 से सांसद और 2014 से केंद्रीय मंत्री रहे. धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा की राजनीति में बड़ी ताकत हैं. उनको ओडिशा में 79 में से 40 भाजपा विधायकों का समर्थन प्राप्त है.

ओडिशा में धर्मेंद्र प्रधान का संगठनात्मक प्रभाव आज भी काफी मजबूत है. ओडिशा भाजपा धर्मेंद्र प्रधान के चुनाव लड़ने के लिए खाली होने वाली विधानसभा सीटों पर चर्चा कर चुकी है. वह सीट बरगढ़ लोकसभा क्षेत्र की झारसुगुड़ा हो सकती है. भाजपा नेतृत्व भी लंबे समय में ओडिशा में धर्मेंद्र प्रधान को सत्ता में देखना चाहता है, हालांकि तत्काल ओडिशा में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन भविष्य में ऐसा हो सकता है, ऐसी चर्चा सियासी गलियारों में है. क्योंकि दिल्ली में राजनीति करके धर्मेंद्र प्रधान अनुभवी हो गए हैं, लेकिन वर्तमान में माहौल उनके खिलाफ है, इसलिए फायदा होता नजर नहीं आ रहा.

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धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत में बड़ा राजनीतिक संदेश

शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार बतौर सांसद ओडिशा पहुंचे, जहां भुवनेश्वर में एयरपोर्ट पर उनका शानदार स्वागत हुआ. उन्हें लेने के लिए मोहन चरण मांझी के नेतृत्व वाली सरकार के 16 मंत्रियों में से 4 और पार्टी के 21 विधायक एयरपोर्ट पहुंचे. इस स्वागत ने प्रदेश की सियासत को एक राजनीतिक संदेश दिया कि ओडिशा भाजपा में धर्मेंद्र प्रधान का कद अभी भी बेहद अहम और मजबूत है. भुवनेश्वर में उनके भव्य स्वागत ने ही उनके ओडिशा का मुख्यमंत्री बनने की अटकलों को फिर से हवा दी कि क्या भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक धर्मेंद्र प्रधान मुख्यमंत्री बनेंगे?

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इन अटकलों ने मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची में धर्मेंद्र प्रधान के नाम की एंट्री ने ओडिशा के राजनीतिक हलकों में कुछ लोगों को चिंतित कर दिया है. लेकिन इस मामले में भाजपा हाईकमान का फैसला ही सर्वोपरि और मान्य होगा.

First published on: Aug 03, 2026 01:42 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग में बतौर चीफ सब एडिटर सेवाएं दे रही हैं। यहां की कोर टीम का हिस्सा हैं और नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ रखती हैं।

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