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राजस्थान की ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी की क्या है खासियत? जिसका उद्घाटन पीएम मोदी ने किया

Pachpadra Refinery Rajasthan: भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने 4 जून 2026 को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा इलाके में भारत के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया है, आखिर ये विकास के नजरिए से कैसे एक बड़ा कदम है.

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मुख्य बिंदु

  • पीएम नरेंद्र मोदी ने पचपदरा रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया.
  • यह प्रोजेक्ट ₹79,450 करोड़ से ज्यादा के निवेश से तैयार किया गया है.
  • रिफाइनरी की क्षमता 9 MMTPA है और पेट्रोकेमिकल आउटपुट 2.4 MMTPA है.
  • इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है, जो भारत में सबसे ज्यादा रेटिंग्स में से एक है.
  • इस प्रोजेक्ट से रोजगार, औद्योगिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

Greenfield Integrated Refinery Rajasthan: पीएम नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया है. ये बड़े पैमाने का इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के बीच एक जॉइंट वेंचर के जरिए 79,450 करोड़ रुये से ज्यादा के निवेश से तैयार किया गया है.

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कितना तेल होगा रिफाइन?

नई शुरू की गई इस फैसिलिटी में एक ही इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में कच्चे तेल की रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल मैन्युफैक्चरिंग दोनों शामिल हैं. इसकी सालाना कच्चा तेल रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन (MMTPA) है और ये हर साल 2.4 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट बना सकती है.

सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी

ये रिफाइनरी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाई गई है और इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है, जो इसे देश की सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वाली रिफाइनरियों में से एक बनाता है. ये कॉम्प्लेक्स 26 फीसदी से ज्यादा पेट्रोकेमिकल यील्ड भी देता है, जो ऑपरेशनल एफिशिएंसी के इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स से मेल खाता है.

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बेहतरीन डिजाइन

इस इंटीग्रेटेड फैसिलिटी में 29 मेन प्रोसेस यूनिट्स शामिल हैं, जिनमें क्रूड डिस्टिलेशन, वैक्यूम डिस्टिलेशन और कई पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन प्लांट शामिल हैं. इन यूनिट्स को फ्यूल प्रोडक्शन को बेहतर बनाने और वैल्यू-एडेड पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स का आउटपुट बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है.

देर से हुआ उद्घाटन

इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन असल में अप्रैल में होना था, लेकिन क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में आग लगने की घटना के कारण इसमें देरी हुई. डीटेल्ड सेफ्टी इंस्पेक्शन और जरूरी सुधारात्मक उपायों के बाद, रिफाइनरी ने अपने औपचारिक उद्घाटन से पहले ही सफलता के साथ कमर्शियल ऑपरेशन शुरू कर दिया.

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बढ़ेगा मैन्युफैक्चरिंग में इंवेस्टमेंट?

अधिकारियों का मानना ​​है कि ये प्रोजेक्ट घरेलू रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाकर और इम्पोर्टेड पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर निर्भरता कम करके भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा. उम्मीद है कि ये रिफाइनरी इस इलाके में प्रपोज्ड पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक पार्क के लिए आधार बनेगी, जिससे डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्रीज और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश को बढ़ावा मिलेगा.

रोजगार के मौके बढ़ेंगे

इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ावा देने के अलावा, इस प्रोजेक्ट से हजारों डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. इससे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में भी मदद मिलने और नए बिजनेस को अट्रैक्ट करके तथा इलाके के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम का विस्तार करके पश्चिमी राजस्थान की आर्थिक प्रगति में योगदान मिलने की संभावना है.

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निष्कर्ष

पचपदरा इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भारत के औद्योगिक और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर में एक अहम पड़ाव है. एडवांस्ड रिफाइनिंग टेक्नोलॉजी, पेट्रोकेमिकल उत्पादन की ज्यादा क्षमता और बड़े निवेश के साथ, इस प्रोजेक्ट से घरेलू ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे, डाउनस्ट्रीम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और पश्चिमी राजस्थान में आर्थिक विकास में तेजी आएगी, जिससे ये देश के सबसे अहम एनर्जी और पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट्स में से एक बन जाएगा.

Frequently Asked Questions

ये इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा में स्थित है.
इस प्रोजेक्ट को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार ने मिलकर विकसित किया है.
ये रिफाइनरी सालाना 9 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) को प्रोसेस कर सकती है और 2.4 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोकेमिकल्स का उत्पादन कर सकती है.
ये भारत का पहला ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जो एक ही जगह पर रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन की सुविधा देता है.
इस रिफाइनरी से राजस्थान और आस-पास के इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा होने, उद्योगों को आकर्षित करने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
First published on: Jul 04, 2026 05:41 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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