PM Narendra Modi 10 Points on Independence Day 2026: पीएम नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया, उन्होंने इस मौके पर देश के विकास और संस्कृति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने अपने भाषण में वंदे मातरम्, विकसित भारत, महिला आरक्षण, टेक्नोलॉजी, नक्सलवाद और खेलों के विकास पर बात की. आइए जानते हैं उनके भाषण की 10 बड़ी बातें.
पीएम मोदी के भाषण के मुख्य बिंदु
1. विकसित भारत का लक्ष्य
पीएम ने विकसित भारत के लक्ष्य को भी दोहराया, उन्होंने कहा, ‘भारत का एक बड़ा सपना है: 2047 तक विकसित भारत बनाना, जो 140 करोड़ भारतीयों की ताकत और संकल्प से प्रेरित हो. जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश एक विकसित देश बनने का लक्ष्य तय करता है, तो ये दुनिया को एक मजबूत संदेश देता है और दुनिया के भारत को देखने के नज़रिए को बदल रहा है.’ मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में देश के करोड़ों नागरिकों ने, चाहे वो दलित, पीड़ित, वंचित, आदिवासी, गांव या शहर में रहने वाले, गरीब या मध्यम वर्ग के हों और देश के किसी भी हिस्से से आते हों, एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगदान दिया है.
2. नक्लवाद मुक्त भारत
पीएम नरेंद्र मोदी ने नक्लवाद को लेकर कहा, ’21वीं सदी में दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना बहुत अनिवार्य है. नक्सलवाद, माओवाद लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया, अनेक माताओं के नौजवान बच्चों को छीन लिया, बर्बाद कर दिया और मां-बाप के सपनों को चूर-चूर कर दिया. इस नक्सलवाद ने 4 दशक तक हिंदुस्तान के बहुत बड़े हिस्से को, वहां की बड़ी आबादी को दबोचकर रखा था, बंदूक की नोंक पर दबोचकर रखा ता और संविधान की धज्जियां उड़ा दी थीं और देश के सामान्य नागरिकों की रक्षा में 3500 से ज्यादा हमारे पुलिस सुरक्षा बल के जवान शहीद हो गए. युद्ध के अंदर जितने सैनिक मरते हैं, उससे ज्यादा हमारे पुलिस-जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी ताकि देश के सामान्य मानवी को सुरक्षा मिले. 2014 में आपने हमें जब मौका दिया, उसी दिन हमने संकल्प लिया था कि हम देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे और आज मुझे खुशी है कि नक्सली-माओवादी हिंसा, आखिरी सांस भी शायद रहने की ताकत नहीं रही. हथियारी नक्सल तो गए लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं, हिंसा और अराजकता के वो रास्ते खोज रहे हैं. समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए, भांति-भांति के दांव खेल रहे हैं, इन दिमागी नक्सलों को पहचानना होगा.’
3. AI टेक्नोलॉजी पर जोर
पीएम नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास पर भी बात की. उन्होंने कहा, ‘पूरी टेक्नोलॉजी क्रिटिकल मिनरल्स पर निर्भर है. भारत इसमें भी अपने आपको सुरक्षित करने में जुटा हुआ है. नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन लॉन्च किया गया है. अब एनर्जी के बिना नई दुनिया को चलाना भी मुश्किल है. इसलिए हमें चिप हो, AI हो, डेटा सेंटर हो- बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी. और इसलिए हमने पहले से ही इस दिशा में एक के बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं. एनर्जी सिक्योरिटी का एक बड़ा माध्यम है परमाणु ऊर्जा, न्यूक्लियर एनर्जी. हमने संसद में शांति एक्ट पारित करके एक नए लक्ष्य की तरफ जाने का रास्ता तय कर लिया है. 2047 तक हम 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.’
4. ओलंपिक 2036 की मेजबानी का लक्ष्य
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2036 के ओलंपिक की मेजबानी करना है और उसे उन खेलों में भी क्वालिफाई करना होगा जिनमें देश अब तक क्वालिफाई नहीं कर पाया है. उन्होंने कहा, ‘हम स्पोर्ट्स टैलेंट की पहचान करने और उन्हें निखारने के लिए गांवों में टैलेंट हंट चलाएंगे. खेलों में क्षमता रखने वाले बच्चों की पहचान करने और उन्हें खेलों की तैयारी के लिए बेहतरीन ट्रेनिंग और मदद देने के लिए एक टैलेंट हंट शुरू किया जाएगा जिससे नए खिलाड़ी तैयार होंगे. भारत को अपने खेल के दायरे को बढ़ाने और ये एनश्योर करने की जरूरत है कि खिलाड़ी 2036 के खेलों में अलग-अलग तरह के खेलों में मुकाबला करने के लिए तैयार हों, कम उम्र में ही खिलाड़ियों की पहचान करने और उन्हें तैयार करने की उस बड़ी कोशिश का एक हिस्सा ‘टैलेंट हंट’ भी होगा.’
5. ‘बड़े सपने देखने होंगे’
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला. हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं. आज भारत ने भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है, दृढ़ संकल्प के साथ देखा है, नई ऊंचाइयों को छूने के लिए देखा है. वो सपना है कि जब 1947 में आजादी के 100 साल होंगे, तो हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे. 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हमें हासिल करना है. जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है, तो ये दुनिया की नजरों में भी हमारे साहस का परिचायक बन जाता है. दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने के लिए मजबूर हो जाती है.
6. डिफेंस प्रोडक्शन पर जोर
हमारा देश रक्षा के क्षेत्र में न सिर्फ आगे बढ़ रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भी बनता जा रहा है. इसको लेकर पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछले 12 सालों में डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना बढ़ा है. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है. मॉडर्न रेलवे कोच का प्रोडक्शन 21 गुना बढ़ा है. इंटरनेट यूज़र्स की संख्या चार गुना बढ़ी है. डिजिटल ट्रांज़ैक्शन 100 गुना बढ़े हैं.’
7. ‘नशामुक्त भारत’ का सपना
भारत में युवाओं को नशे की लत से आजादी दिलाना एक बड़ी चुनौती बन चुका है, इसी मुद्दे को हाइलाइट करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, देश के सामने, देश के नौजवानों के सामने नशा आज एक बहुत बड़ा संकट बनता जा रहा है. ‘नशामुक्त भारत’ ये हम सबका सामूहिक दायित्व होना चाहिए. हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारी युवा पीढ़ी मजबूत हो, हमारा युवा सामर्थ्य हमारे देश के लिए काम आए, इसलिए ‘नशामुक्त भारत’ बहुत जरूरी है.’
8. फॉर्च्यून 500 कंपनियों पर जोर
पीएम मोदी ने कहा, ‘कुछ चीजें मैंने बताई है लेकिन मैं इससे भी आगे सोचता हूं. मैं जरा देश को झकझोरना चाहता हूं, मैं देश की शक्ति को भी झकझोरना चाहता हूं. देश यानी सिर्फ सरकार नहीं होती है, देश का मतलब हर नागरिक जुड़ता है. क्या हम सोच नहीं सकते कि फॉर्च्यून 500 की चर्चा तो हम बहुत सुनते हैं, आने वाले 1 दशक में इन फॉर्च्यून 500 में 50 कंपनियां भारत की क्यों न हों, ये लक्ष्य हमारा क्यों न होना चाहिए. भारत का भी एक बैंक टॉप 5 बैंकों में भी होना चाहिए. समय की मांग है कि दुनिया की 5 बड़ी फार्मा कंपनियों में भारत की भी 1-2 फार्मा कंपनियों का नाम गूंजना चाहिए. क्या समय की मांग नहीं है कि ग्लोबल लीडरशिप अब हमारे हाथ में होनी चाहिए? सामर्थ्य है, हमारा लंबा इतिहास भी है, भाषाओं पर हमारा प्रभुत्व है, हमें विश्व में पहुंचना चाहिए. हमारे ऐसे ब्रांड हों, जिससे दुनिया आकर्षित होती है. हमारे ब्रांड हमारी पहचान हो और विश्व के लिए एक डेस्टिनेशन बन जाए, हमें इसके लिए काम करना होगा. मैं राज्य सरकारों को कहना चाहता हूं, मैं स्थानीय स्वराज्य की संस्थाओं को कहना चाहता हूं, भारत सरकार का भी ये दायित्व है कि हमें अपने सुधारों की गति बढ़ानी होगी. हम बीते हुए काल के नीति नियमों पर नहीं चल सकते हमें आने वाले काल के अनुसार नीति नियमों को गढ़ना होगा.’
9. ‘शक्ति की सप्त धारा’
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा, ‘आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सामने ‘शक्ति की सप्त धारा’ का आह्वान करता हूं. आने वाले 5-7 साल में, जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ उस ‘सप्त धारा’ के सामर्थ्य से, उसकी शक्ति से हम देश को नई ऊंचाई और गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाले सामर्थ्य देंगे. इसके साथ-साथ देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य का भी भरपूर राष्ट्र निर्माण में उपयोग होगा, उनकी शक्ति जोड़ी जाएगी. आने वाले दिनों में जब मैं सप्त धारा की बात करता हूं तो उसकी पहली शक्ति है मैन्यूफैक्चरिंग पावर. इस सप्त धारा की दूसरी शक्ति है, कृषि और खाद्य उत्पादन, मेरी सप्त धारा की तीसरी शक्ति है, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन. सप्त धारा की चौथी शक्ति है गति शक्ति, हमारी पांचवी सप्त धारा की शक्ति रक्षा बल है, हमारी सप्त धारा की छठी शक्ति है, ग्रीन इकॉनमी और ब्लू इकॉनमी, हमारी सप्त धारा की सांतवीं धारा है और दुनिया के लिए इसका अपना भी महत्व है जो है, भारत की सॉफ्ट पावर.’
10. सेमीकंडक्टर प्लांट का लक्ष्य
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘देश आजाद होने के बाद विश्व में सेमीकंडक्टर की चर्चा हो चुकी थी. हमारे यहां भी बातें होती थी लेकिन सेमीकंडक्टर का कोई बड़ा प्लान हम आगे नहीं बढ़ा पाए. आज की डिजिटल दुनिया और तकनीक में हम चिप की अहमियत समझते हैं. कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान होगा, हर किसी में चिप अनिवार्य है. इसके बिना दुनिया थम जाए ऐसी स्थिति पैदा होती है. इसलिए भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में अपना सेमीकंडक्टर प्लांट लगाया है. 3 प्लांट शुरू हो गए हैं. आने वाले 7-8 साल में और प्लांट शुरू होने वाले हैं.’