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बंगाल चुनाव के चौंकाएंगे परिणाम, कालीघाट से लीक हुई TMC की ‘सीक्रेट रिपोर्ट’ ने उड़ाए होश!

West Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों से पहले सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है. एग्जिट पोल जहां भाजपा की बढ़त दिखा रहे हैं, वहीं टीएमसी की एक लीक हुई आंतरिक रिपोर्ट ने बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है. जानिए क्या है कालीघाट और कैमक स्ट्रीट का वो गणित जो सबको हैरान कर रहा है.

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Edited By : Vijay Jain Updated: May 2, 2026 14:25
West Bengal Elections, Record Turnout, 2011 Assembly Elections, Mamata Banerjee, Election Commission

West Bengal Election Result 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के लिए 4 मई की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, दावों और प्रति-दावों का बाजार गर्म हो गया है. एक तरफ ‘टुडेज चाणक्य’ के एग्जिट पोल ने 192 सीटें देकर भाजपा की सरकार बनने की भविष्यवाणी की है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खेमे से एक ऐसी ‘सीक्रेट रिपोर्ट’ लीक हुई है जिसने सबको चौंका दिया है. मीडिया हाउस ‘The Wall’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ममता बनर्जी (कालीघाट) और अभिषेक बनर्जी (कैमक स्ट्रीट) के रणनीतिकारों ने एक इंटरनल सर्वे किया है. इस सर्वे का दावा है कि बंगाल में न सिर्फ ममता सरकार की वापसी हो रही है, बल्कि पार्टी कई जिलों में क्लीन स्वीप करने जा रही है.

कालीघाट का गणित: 174 सीटों पर पक्की जीत का भरोसा

‘The Wall’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कालीघाट सूत्रों के हवाले से टीएमसी ने राज्य की सभी 294 सीटों का बारीकी से विश्लेषण किया है. इस आंतरिक सर्वे में करीब 43 सीटों को ‘ग्रे ज़ोन’ या संदेहास्पद माना गया है, जहां मुकाबला बेहद कड़ा है. पार्टी का मानना है कि अगर माहौल थोड़ा भी पक्ष में रहा, तो ये सीटें टीएमसी के खाते में जा सकती हैं. सर्वे के अनुसार, सबसे खराब स्थिति में भी टीएमसी 174 सीटों का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी, जबकि भाजपा को 71 सीटों तक सिमटने का अनुमान लगाया गया है.

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कैमक स्ट्रीट का दावा: 200 के पार जाएगी दीदी!

‘The Wall’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी के कैंप यानी ‘कैमक स्ट्रीट’ का सर्वे और भी ज्यादा चौंकाने वाला है. अभिषेक के करीबियों का दावा है कि टीएमसी 209 से 229 सीटों के बीच बड़ी जीत दर्ज करेगी. इस सर्वे के मुताबिक, मुर्शिदाबाद और बीरभूम जैसे जिलों में विपक्ष का सूपड़ा साफ हो सकता है. रणनीतिकारों का मानना है कि ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं की वजह से ‘साइलेंट वोटर’ (खासकर महिलाएं) पूरी मजबूती से ममता बनर्जी के साथ खड़ी रही हैं.

शहरी इलाकों में ढीली हुई भाजपा की पकड़?

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बार शहरी इलाकों में भाजपा की पकड़ ढीली हुई है और मुस्लिम बहुल इलाकों में अल्पसंख्यक वोटों का बिखराव नहीं हुआ है. कालीघाट और कैमक स्ट्रीट के रणनीतिकारों का मानना है कि बंगाल की जनता ने एक बार फिर बाहरी बनाम स्थानीय की लड़ाई में ‘अपनी बेटी’ पर ही भरोसा जताया है. फिलहाल, इन दावों में कितनी सच्चाई है, यह 4 मई को नतीजों के साथ साफ हो जाएगा.

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गढ़ बचाने में कामयाब रही टीएमसी?

  • हुगली का ‘उम्मीदवार बदलो’ फॉर्मूला: हुगली में 10 विधायकों के टिकट काटने का दांव सही बैठता दिख रहा है. सर्वे के मुताबिक, यहां की 18 में से 15 सीटों पर टीएमसी जीत रही है.
  • गढ़ों में दबदबा: दक्षिण 24 परगना की 31 में से 30 और कोलकाता की 11 में से 10 सीटों पर टीएमसी की जीत का दावा किया गया है.
  • मुस्लिम वोट बैंक: मुर्शिदाबाद की सभी 17 सीटों पर पार्टी अपनी जीत मानकर चल रही है, जिससे ध्रुवीकरण की कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं.

ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे एग्जिट पोल के आंकड़ों से विचलित न हों और मतगणना केंद्रों पर डटे रहें. अब असली हकीकत क्या है, यह 4 मई को ही साफ होगा.

नोट: यह खबर पूरी तरह से ‘The Wall’ (thewall.in) की मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है. इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और यह टीएमसी का आंतरिक अनुमान बताया जा रहा है.

First published on: May 02, 2026 02:20 PM

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