इस साल मई का महीना तपती दोपहरों वाला नहीं, बल्कि बारिश की फुहारों वाला होने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भविष्यवाणी की है कि मई 2026 में पूरे देश में सामान्य से अधिक बारिश होगी. प्री-मानसून सीजन की यह असामान्य शुरुआत न केवल बढ़ती गर्मी से राहत देगी, बल्कि लू के प्रकोप को भी कम करेगी.
औसत से 110% ज्यादा बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के मुताबिक, इस महीने होने वाली वर्षा लंबी अवधि के औसत के 110% से अधिक रहने की उम्मीद है. आमतौर पर मई के लिए LPA 64.1 मिमी होता है, लेकिन इस बार बादल इससे कहीं ज्यादा मेहरबान रहेंगे.
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कहीं राहत, तो कहीं ‘आफत’ की चेतावनी
आईएमडी ने साफ किया है कि बारिश का वितरण पूरे देश में एक समान नहीं होगा. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में 5 मई तक तेज गरज और 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ भारी बारिश हो सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों और मध्य भारत में 3 से 6 मई के बीच गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. देश के बड़े हिस्से भीगेंगे, लेकिन पूर्व, पूर्व-मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा सकती है.
खेती और तापमान पर असर
सामान्य से अधिक बारिश होने से शुरुआती गर्मियों में चलने वाली ‘लू’ का असर काफी कम हो जाएगा. समय से पहले बारिश मिट्टी की नमी बढ़ाएगी, लेकिन तेज हवाओं और अचानक होने वाली भारी बारिश से खड़ी फसलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान भी पहुंच सकता है. एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि कम समय में होने वाली अत्यधिक बारिश से शहरी इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां बन सकती हैं.
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प्रशासन ने जारी की सलाह
मौसम में इस बड़े बदलाव और भारी गरज-चमक की तीव्रता को देखते हुए आईएमडी ने राज्य अधिकारियों और नागरिकों को स्थानीय मौसम चेतावनियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है.










