मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में भारतीय सेना ने एक बड़ी दुर्घटना को समय रहते टाल दिया. मौलसांग गांव के आसपास रूटीन गश्त के दौरान सेना के जवानों को एक संदिग्ध विस्फोटक सामग्री दिखाई दी. ये विस्फोटक अगर समय पर निष्क्रिय नहीं किया जाता, तो इलाके में रहने वाले लोगों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था. जानकारी मिलते ही सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया. इसके बाद रेड शील्ड डिवीजन के इंजीनियरों ने बिना समय गंवाए बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेजा. टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उस जगह को घेर लिया, जहां संदिग्ध विस्फोटक रखा हुआ था.
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सेना ने की पूरे इलाके की घेराबंदी
सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया. इसके साथ ही विस्फोटक के टाइप और खतरे का सही आकलन करने के लिए डिटेक्टर डॉग स्क्वाड की भी मदद ली गई. जांच के दौरान पता चला कि ये एक पुराना और खतरनाक अनएक्सप्लोडेड ऑर्डिनेंस (UXO) था, जो किसी भी समय फट सकता था. बम निरोधक टीम ने बेहद सावधानी और पेशेवर तरीके से काम करते हुए नियंत्रित विस्फोट की प्रक्रिया अपनाई. इस दौरान ये सुनिश्चित किया गया कि आसपास किसी भी तरह का नुकसान न हो. आखिर में टीम ने कामयाबी से उस विस्फोटक को निष्क्रिय कर दिया और इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया.
टल गया बड़ा हादसा
सेना की इस तुरंत और सतर्क कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया. स्थानीय लोगों ने भी सेना के इस प्रयास की सराहना की है. भारतीय सेना ने इस घटना के बाद इलाके के नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी सुरक्षा बलों को दें. समय पर दी गई जानकारी से कई बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है. इससे ये साफ है कि भारतीय सेना ना सिर्फ देश की सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है.










