तमिलनाडु में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलपति विजय) की नवजातों को सोने की अंगूठी देने वाली चर्चित योजना की शुरुआत फिलहाल टल गई है. राज्य सरकार ने नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने वाली योजना के शुभारंभ को आगे खिसका दिया है. पहले इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत 15 सितंबर से होनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री की व्यस्तता के चलते अब यह तय तारीख पर शुरू नहीं हो सकेगी.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने इस फैसले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि योजना में कोई नीतिगत बदलाव नहीं किया गया है और न ही इसे रद्द किया गया है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विजय राज्य में निवेश लाने के मकसद से जरूरी विदेश दौरे पर जा रहे हैं. 15 सितंबर के दौरान सीएम देश में मौजूद नहीं रहेंगे, इसलिए इस महत्वाकांक्षी योजना के उद्घाटन की तारीख को थोड़ा आगे बढ़ाया गया है. नई तारीख की घोषणा जल्द ही आधिकारिक रूप से की जाएगी.
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क्या नियमों में हुआ है कोई बदलाव?
तारीख आगे बढ़ने के बाद कई तरह की चर्चाएं थीं, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों और शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. योजना के अनुसार 22 जून 2026 को सीएम विजय के जन्मदिन से सरकारी अस्पतालों में जन्मे सभी बच्चों को इसका लाभ मिलेगा. प्रत्येक नवजात शिशु को 1 ग्राम वजन की हॉलमार्क सोने की अंगूठी दी जाएगी.
सरकारी अस्पतालों और ‘मामा’ वाली छवि पर जोर
‘थाइमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ (मामा की तरफ से सोने की अंगूठी योजना) का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना और संस्थागत डिलीवरी को प्रोत्साहित करना है. इसके साथ ही, इस योजना के जरिए मुख्यमंत्री विजय की जनता के बीच एक स्नेही ‘मामा’ वाली पहचान को भी मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है. तारीख टलने के बावजूद पात्र परिवारों को तय नियमों के तहत इसका लाभ दिया जाएगा.
CM विजय की मीटिंग में पहुंचे टीवीके नीत गठबंधन के नेता
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन के नेता बुधवार को पनैयूर में आयोजित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में शामिल हुए. इसमें कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के वरिष्ठ नेता शामिल हैं. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) बैठक में शामिल नहीं हुए.
माकपा पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि टीवीके सरकार को उसका समर्थन मुद्दा-आधारित और बाहर से दिया जाने वाला समर्थन है. पार्टी का राज्य के मंत्रिमंडल में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है. बुधवार की बैठक में सत्तारूढ़ गठबंधन की संरचना को औपचारिक रूप देने पर चर्चा होने की उम्मीद है. इस महत्वपूर्ण बैठक में साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करने, संयुक्त संचालन समिति गठित करने और गठबंधन के लिए आधिकारिक पहचान तय करने पर चर्चा होगी.
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