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सरकार ने बताया भारत के पास कितने दिन का बचा है पेट्रोल-डीजल? खाद संकट पर भी दिया जवाब

पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों की प्रस्तुति पर विपक्ष ने कई बार सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार के पास आगे की स्थिति से निपटने का कोई स्पष्ट रोडमैप नजर नहीं आया.

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पर असर को लेकर संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से संबंधित विभागीय स्थायी समिति की अहम बैठक हुई. बैठक में पोत, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव ने समिति के सामने प्रस्तुति दी. बैठक का मुख्य एजेंडा पश्चिम एशिया संकट का भारत के समुद्री व्यापार, शिपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा करना था. इस दौरान विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

कितना है तेल का स्टॉक?


सरकार ने समिति को बताया कि यह एक वैश्विक संकट है, लेकिन भारत स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक रास्तों और रणनीतियों पर काम कर रहा है. सरकार के मुताबिक देश में 78 दिनों का क्रूड ऑयल स्टॉक मौजूद है और रूस, अफ्रीका, अल्जीरिया तथा ओमान जैसे देशों से सप्लाई के विकल्प भी तैयार हैं. सूत्रों के अनुसार बैठक में यह भी बताया गया कि हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के निकलने के बाद अमेरिकी सुरक्षा बैरियर और बढ़े हुए इंश्योरेंस प्रीमियम के कारण शिपिंग कंपनियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

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खाद आपूर्ति को लेकर भी दिया जवाब


सरकार ने खाद आपूर्ति को लेकर भी आश्वस्त किया और कहा कि देश में इस समय 80 लाख टन खाद का स्टॉक उपलब्ध है, जो पिछली बार के 74 लाख टन से ज्यादा है. हालांकि बैठक में विपक्षी दलों ने सरकार की तैयारियों और जानकारी पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना था कि उनके कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए गए. पेट्रोल-डीजल की संभावित राशनिंग, हॉर्मुज खुलने के बाद की रणनीति और हालात सामान्य होने की समयसीमा पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा.

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विपक्ष ने कई बार उठाए सवाल


सूत्रों के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों की प्रस्तुति पर विपक्ष ने कई बार सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार के पास आगे की स्थिति से निपटने का कोई स्पष्ट रोडमैप नजर नहीं आया. माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक समुद्री मार्गों, तेल आपूर्ति और भारत की व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले असर को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों ही चिंतित हैं.

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First published on: May 25, 2026 11:16 PM

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