असम में चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। चुनाव से पहले नेताओं में दल बदल का सिलसिला जारी है। अब पूर्व मंत्री नंदिता गोरलोसा ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है। नंदिता ने कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई हैं। असम में 9 अप्रैल को विधान सभा चुनाव होने हैं।
कांग्रेस ने जानकारी देते हुए कहा कि हमें यह घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि नंदिता गार्लोसा कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। पिछले पांच वर्षों से वे दीमा हसाओ की आवाज रही हैं और हमेशा अपने विश्वासों और सिद्धांतों के लिए खड़ी रही हैं। भाजपा में उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी क्योंकि हिमंता बिस्वा शर्मा को आदिवासियों की जमीनें बड़ी कंपनियों को बेचने में ही दिलचस्पी है। कांग्रेस कल उन्हें हाफलोंग सीट से अपना उम्मीदवार घोषित करेगी।
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कांग्रेस ने कहा कि भाजपा मंत्री ने हाफलोंग से उम्मीदवार श्री निर्मल लंगथासा, एपीसीसी महासचिव की उपस्थिति में कांग्रेस में प्रवेश किया। श्रीमती गार्लोसा हाफलोंग सीट से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ेंगी क्योंकि श्री लंगथासा ने जनहित में स्वेच्छा से अपनी सीट खाली करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी औपचारिकताएं शीघ्र ही पूरी कर ली जाएंगी।
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बता दें कि 9 अप्रैल को असम विधानसभा के 126 सदस्यों के चुनाव के लिए होने हैं। 4 मई को वोटों की गिनती होगी और चुनावी परिणाम घोषित किए जाएंगे। असम में विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त होने वाला है। पिछले विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल 2021 में हुए थे। चुनाव के बाद, सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन ने विधानसभा की 126 सीटों में से 75 सीटें जीतकर राज्य सरकार का फिर से गठन किया , जिसमें हिमंता बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बने।










