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दुनिया में कई ऐसे लोग हैं जो ज्यादा सालों तक जीना चाहते हैं. जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी शामिल है. आजकल पुतिन उम्र बढ़ाने वाली एक नई दवा पर बहुत ही ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. बता दें कि कुछ महीने पहले नवंबर में एक एआई समिट में 73 साल के पुतिन ने कहा था कि इंसान 150 साल तक जी सकता है. अब रूस के विज्ञान और शिक्षा मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने एक चौंकाने वाला दावा पेश किया है. उनका कहना है कि उनके देश के वैज्ञानिक दुनिया की पहली जीन थेरेपी दवा बना रहे हैं जो बूढ़ा होने के प्रोसेस को रोक सकती है.
दवा करेगी RAGE नाम के जीन को ब्लॉक

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यह दवा RAGE नाम के जीन को ब्लॉक करेगी जो कोशिशकाओं को बूढ़ा बनाने का काम करती है. सेकिरिंस्की ने कहा कि इस जीन के सक्रिय होने से कोशिकाएं बूढ़ी हो जाती हैं लेकिन इसे रोकने से कोशिकाओं की जवानी लंबी हो सकती है. अब यह खबर पुतिन के लिए खुशखबरी है और उनकी उम्र बढ़ाने की चाहत से भी जुड़ी हुई साबित हो रही है.
क्या है RAGE जीन?

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RAGE का पूरा नाम रिसेप्टर फॉर एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंडप्रोडक्ट्स है. यह एक रिसेप्टर है जो कोशिकाओं में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया शुरू कर देता है रूस के वैज्ञानिकों का लक्ष्य है कि जीन थेरेपी से इस रिसेप्टर को ब्लॉक किया जाए ताकि कोशिकाएं ज्यादा समय तक युवा रहें. सेकिरिंस्की ने सरांस्क शहर में लॉन्गेविटी मेडिसिन फोरम में यह बात कही. उन्होंने आगे कहा कि यह जीन थेरेपी उम्र बढ़ने के खिलाफ लड़ाई में सबसे आशाजजनक क्षेत्र है. यह दवा बायोलॉजी ऑफ एजिंग एंड मेडिसिन इंस्टीट्यूट में विकसित की जा रही है. अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया है लेकिन यह पुतिन के लंबे समय के लक्ष्यों से मेल खाता है.
पुतिन और शी जिनपिंग के बीच क्या हुई थी बात?

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एक बार राष्ट्रपति पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत के दौरान कहा था कि इंसान के अंगों को बार-बार ट्रांसप्लांट किया जा सकता है. जितना ज्यादा जीएंगे उतने ज्यादा युवा लगेंगे. दोनों नेताओं की यह बातचीत सुन ली गई थी. पुतिन लंबे समय से उम्र बढ़ाने के शौकीन हैं. उनके दुश्मन इसलिए भी उनसे डरते हैं क्योंकि पुतिन लंबे समय तक सत्ता में बने रहना चाहते हैं. फिर अपनी सबसे बड़ी बेटी या बेटे इवान स्पिरोडोनोव को सत्ता सौंपेंगे. इवान अभी सिर्फ 11 साल के हैं.
रूसी वैज्ञानिकों पर है दबाव

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रूसी वैज्ञानिकों को हाल ही में आदेश दिया गया है कि वे उम्र बढ़ाने से लड़ने वाली अपनी सारी रिसर्च तुरंत सरकार को सौंप दें. एक सूत्र ने बताया कि सबसे बड़े बॉस यानी पुतिन ने टास्क दिया और अधिकारी हर तरह से इसे लागू कर रहे हैं. वैज्ञानिकों को कहा गया कि कोशिकाओं के खराब होने को रोकने की नई तकनीक, दिमाग और इंद्रियों की कमजोरी रोकने वाले उपाय, इम्यून सिस्टम सुधारने के तरीके और बायोप्रिंटिंग जैसी नई मेडिकल टेक्नोलॉजी के प्रपोजल भेजें.
पुतिन की बड़ी बेटी भी है इस रिसर्च का हिस्सा?

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पुतिन ने रूस में एक नेशनल मिशन शुरू किया है जिसका लक्ष्य नागरिकों की सेहत बचाना और उम्र बढ़ने से लड़ना है. 2030 तक 1 लाख 75 हजार जानें बचाने का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन वहीं यूक्रेन युद्ध में लाखों जानें जा चुकी हैं. पुतिन के सभी महलों में आधुनिक अस्पताल बने हैं ताकि उनकी सेहत हमेशा अच्छी रहे. उनकी सबसे बड़ी बेटी मारिया वोरोन्त्सोवा जो 40 साल की एंडोक्रिनोलॉजिस्ट हैं वे भी इस उम्र बढ़ाने वाली रिसर्च में शामिल बताई जाती हैं.