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देश

कपास किसानों को राहत: MSP सपोर्ट पर कैबिनेट की मुहर, ₹11,712 करोड़ के पैकेज को मंजूरी

केंद्र सरकार ने कपास सीजन 2023-24 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत किसानों को बड़ी राहत दी है. कैबिनेट ने इस मद में कुल ₹11,712 करोड़ के समर्थन को मंजूरी दी है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 सीजन में देश में करीब 325 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ. इस दौरान बाजार में कीमतें MSP से नीचे जाने पर सरकार की एजेंसी CCI ने किसानों से MSP पर खरीद की.

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Written By: Kumar Gaurav Updated: Mar 18, 2026 18:58

केंद्र सरकार ने कपास सीजन 2023-24 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत किसानों को बड़ी राहत दी है. कैबिनेट ने इस मद में कुल ₹11,712 करोड़ के समर्थन को मंजूरी दी है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 सीजन में देश में करीब 325 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ. इस दौरान बाजार में कीमतें MSP से नीचे जाने पर सरकार की एजेंसी CCI ने किसानों से MSP पर खरीद की.

इस प्रक्रिया में करीब 33 लाख गांठ कपास की खरीद की गई, जिससे लगभग 7.25 लाख किसानों को सीधा फायदा मिला.

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साथ ही कैबिनेट ने कपास सीजन 2023-24 के दौरान MSP ऑपरेशन में हुए ₹1,718 करोड़ के खर्च की भरपाई को भी मंजूरी दे दी है.

  1. भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) – ₹33,660 करोड़- मंजूरी दी.
  2. कपास सीजन 2023-24 के लिए MSP – ₹11,712 करोड़ मंजूर हुआ.
  3. NH-927 के बाराबंकी से बहराइच सेक्शन का 4-लेन निर्माण – ₹6,969 करोड़)-approved by cabinet)
  4. लघु जलविद्युत विकास योजना – ₹2,585 करोड़ – मंजूरी दी गई.

भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)

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  • कैबिनेट ने भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को मंजूरी दी
    •निवेश के लिए तैयार (Investment-ready) प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों के विकास हेतु केंद्रीय क्षेत्र की योजना
    •कुल प्रावधान: ₹33,660 करोड़
    •विकसित किए जाने वाले औद्योगिक पार्कों की संख्या: 100
    •केंद्र सरकार की सहायता: प्रति एकड़ अधिकतम ₹1 करोड़
    •अवधि: 6 वर्ष (वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक)
    •पात्रता: न्यूनतम 100 एकड़ क्षेत्र (पूर्वोत्तर/पहाड़ी क्षेत्रों में 25 एकड़)
    •परियोजनाएं राज्य सरकारों, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और निजी डेवलपर्स के साथ मिलकर विकसित होंगी.
    •परियोजनाओं का चयन चैलेंज मोड में किया जाएगा
    •पीएम गतिशक्ति के सिद्धांत
    •भूमिगत यूटिलिटी कॉरिडोर
    •हरित ऊर्जा
    •कारोबार में सुगमता (Ease of Doing Business) सुधार
    •लगभग 34,000 एकड़ में निवेश-तैयार, प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक सुविधाएं प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी.
    •आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा.
    •युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

First published on: Mar 18, 2026 06:58 PM

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