हरिवंश नारायण सिंह फिर बने राज्यसभा सदस्य, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया नॉमिनेट

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को फिर से राज्यसभा सदस्य के रूप में नामित किया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ये फैसला उनके संसदीय अनुभव और योगदान को देखते हुए खास माना जा रहा है.

Harivansh Narayan Singh Re-Nominated to Rajya Sabha by President

Credit: News24

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर राज्यसभा का सदस्य नामित किया गया है. उनका राज्यसभा कार्यकाल हाल ही में खत्म हुआ था, जिसके बाद अब उन्हें दोबारा नॉमिनेट किया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ये फैसला उनके लंबे संसदीय अनुभव, संतुलित कार्यशैली और सदन को चलाने में निभाई गई खास भूमिका को ध्यान में रखते हुए लिया है. हरिवंश नारायण सिंह पिछले कई सालों से भारतीय राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने एक पत्रकार से राजनेता तक का सफर तय किया है. पत्रकारिता से वो राजनीति में आए और जेडीयू का हिस्सा बने. हरिवंश नारायण 2014 में बिहार से राज्यसभा सदस्य बने और साल 2018 में पहली बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए थे. इसके बाद 2020 में उन्हें दोबारा इस पद पर चुना गया.

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खास है राज्यसभा उपसभापति का पद

राज्यसभा के उपसभापति का पद बेहद अहम माना जाता है. ये व्यक्ति सदन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और सभापति (उपराष्ट्रपति) की गैरमौजूदगी में कार्यवाही मैनेज करता है. ऐसे में हरिवंश का दोबारा नामित होना राजनीतिक रूप से भी अहम संकेत देता है. दरअसल, हाल ही में उनका कार्यकाल खत्म होने वाला था और ये चर्चा चल रही थी कि उन्हें आगे मौका मिलेगा या नहीं. कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि उनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है और नए नामों पर विचार किया जा रहा है. लेकिन राष्ट्रपति मुर्मू के उन्हें फिर से नामित किए जाने से इन अटकलों पर विराम लग गया है.

पत्रकारिता से खास लगाव

हरिवंश नारायण सिंह को एक शांत और संतुलित नेता के रूप में जाना जाता है. उन्होंने राज्यसभा में कई बार कठिन हालातों में भी सदन को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश की है. विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका की सराहना की जाती रही है. हरिवंश नारायण सिंह ने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ग्रुप से की. इसके बाद उन्होंने 1981 से 1984 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इंडिया में भी जॉब की. लेकिन वो ज्यादा दिन पत्रकारिता से दूर नहीं रह पाए. साल 1984 में वो बिहार के जाने-माने अखबार ‘प्रभात खबर’से जुड़ गए. यहां उन्होंने लंबे समय तक काम किया. इसी दौरान उनकी नजदीकियां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बढ़ीं. बाद में नीतीश कुमार ने उन्हें राजनीति में लाते हुए जनता दल (यूनाइटेड) का महासचिव बनाया.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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