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हरिवंश नारायण सिंह फिर बने राज्यसभा सदस्य, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया नॉमिनेट

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को फिर से राज्यसभा सदस्य के रूप में नामित किया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ये फैसला उनके संसदीय अनुभव और योगदान को देखते हुए खास माना जा रहा है.

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राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर राज्यसभा का सदस्य नामित किया गया है. उनका राज्यसभा कार्यकाल हाल ही में खत्म हुआ था, जिसके बाद अब उन्हें दोबारा नॉमिनेट किया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ये फैसला उनके लंबे संसदीय अनुभव, संतुलित कार्यशैली और सदन को चलाने में निभाई गई खास भूमिका को ध्यान में रखते हुए लिया है. हरिवंश नारायण सिंह पिछले कई सालों से भारतीय राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने एक पत्रकार से राजनेता तक का सफर तय किया है. पत्रकारिता से वो राजनीति में आए और जेडीयू का हिस्सा बने. हरिवंश नारायण 2014 में बिहार से राज्यसभा सदस्य बने और साल 2018 में पहली बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए थे. इसके बाद 2020 में उन्हें दोबारा इस पद पर चुना गया.

ये भी पढ़ें: अलविदा बिहार! दिल्ली के हुए नीतीश कुमार, आज राज्यसभा सदस्य की शपथ करेंगे ग्रहण, बताया आगे क्या रहेगा प्लान?

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खास है राज्यसभा उपसभापति का पद

राज्यसभा के उपसभापति का पद बेहद अहम माना जाता है. ये व्यक्ति सदन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और सभापति (उपराष्ट्रपति) की गैरमौजूदगी में कार्यवाही मैनेज करता है. ऐसे में हरिवंश का दोबारा नामित होना राजनीतिक रूप से भी अहम संकेत देता है. दरअसल, हाल ही में उनका कार्यकाल खत्म होने वाला था और ये चर्चा चल रही थी कि उन्हें आगे मौका मिलेगा या नहीं. कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि उनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है और नए नामों पर विचार किया जा रहा है. लेकिन राष्ट्रपति मुर्मू के उन्हें फिर से नामित किए जाने से इन अटकलों पर विराम लग गया है.

पत्रकारिता से खास लगाव

हरिवंश नारायण सिंह को एक शांत और संतुलित नेता के रूप में जाना जाता है. उन्होंने राज्यसभा में कई बार कठिन हालातों में भी सदन को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश की है. विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका की सराहना की जाती रही है. हरिवंश नारायण सिंह ने अपने करियर की शुरुआत टाइम्स ग्रुप से की. इसके बाद उन्होंने 1981 से 1984 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इंडिया में भी जॉब की. लेकिन वो ज्यादा दिन पत्रकारिता से दूर नहीं रह पाए. साल 1984 में वो बिहार के जाने-माने अखबार ‘प्रभात खबर’से जुड़ गए. यहां उन्होंने लंबे समय तक काम किया. इसी दौरान उनकी नजदीकियां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बढ़ीं. बाद में नीतीश कुमार ने उन्हें राजनीति में लाते हुए जनता दल (यूनाइटेड) का महासचिव बनाया.

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ये भी पढ़ें: CM नीतीश को लेकर बाहुबली नेता के बेबाक बोल, बिहार में सियासी भूचाल मचना तय

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First published on: Apr 10, 2026 11:30 AM

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Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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