अमेरिका और ईरान के बीच बिचौलिया बना पाकिस्तान, भारत के लिए क्यों है ये चिंता का विषय?

अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल युद्ध विराम है, लेकिन इस युद्ध में नाटो देश ने खुद को अलग करके रख तो वहीं भारत की तरफ से भी प्रतिकिर्या नहीं दी गई. लेकिन इन सभी के बीच पाकिस्तान ने अपना खेला कर दिया है, कभी अमेरिका ने भी पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित किया था, आज वही पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए बिचौलिया बनकर ईरान के सामने खड़ा है.

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अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल युद्ध विराम है, लेकिन इस युद्ध में नाटो देश ने खुद को अलग करके रख तो वहीं भारत की तरफ से भी प्रतिकिर्या नहीं दी गई. लेकिन इन सभी के बीच पाकिस्तान ने अपना खेला कर दिया है, कभी अमेरिका ने भी पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित किया था, आज वही पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए बिचौलिया बनकर ईरान के सामने खड़ा है.

भारतीय रक्षा के सूत्रों ने न्यूज24 से जानकारी साझा करते हुए बताया कि पाकिस्तान के बिचौलिया बनने के बाद भारत की सुरक्षा को लेकर चिंता सामने आ गई है. मेजर जनरल एसके सिंह के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच अगर परमानेंट तरीके से युद्ध विराम हो गया तो असीम मुनीर जो कि वर्तमान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख हैं, वे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के करीब हो सकते हैं और इसका परिणाम यह होगा कि ट्रम्प की दोस्ती का फायदा लेकर असीम मुनीर भारत के खिलाफ कई तरह की साजिश रच सकता है.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने कई कार्यक्रम में कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और आतंक को पनाह देने वाले देश पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है और दिया जाता रहेगा.

डिफेंस एक्सपर्ट दिनाकरन पेरी के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की संधि सफल होती है तो पाकिस्तान को ट्रम्प का पूरा सहयोग मिलेगा और इसका भरपूर फायदा उठाकर भारत के खिलाफ आतंकी साजिश करने की फिराक में लग जाएगा. क्योंकि अमेरिका-ईरान के समझौते के बाद अमेरिका की तरफ से यह पूरी संभावना है कि अमेरिका पाकिस्तान की आर्थिक मदद जरूर करेगा.

अगर पिछले एक साल की बात करें यानी ऑपेरशन सिंदूर के बाद कितनी घुसपैठ हुई और किस तरह से पाकिस्तान के नापाक मंसूबे को भारतीय सेना ने नाकाम किया इसकी पूरी जानकारी सुरक्षा के लिहाज से भारतीय सेना ने साझा तो नहीं की लेकिन हमारे जम्मू ब्यूरो चीफ पंकज शर्मा के मुताबिक, इस साल यानी 2026 जनवरी से लेकर अभी तक यानी 10 अप्रैल 2026 तक कठुआ, उधमपुर, किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों के हाथ बेहद बड़ी कामयाबी लगी.

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सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर किया है और ऐसी जानकारी सूत्रों से मिल रही है कि सीमा पर बने लॉन्च पैड्स में आतंककियों की मौजूदगी है, जिनकी संख्या 100 से 120 के करीब है जो अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के जरिए घुसपैठ की फिराक में हैं.

खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की एक नई साजिश के प्रति आगाह किया है. इस साजिश के तहत, संगठन केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सोने की तस्करी करके आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने और सुनियोजित हमलों को अंजाम देने के लिए एंटी-पर्सनल (AP) माइंस लाने की फिराक में है.

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न्यूज 24 को रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने सटीक जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुनीर के कान भरने पर खुद को खुद ही दुनिया का ताकतवर राष्ट्रपति कहने वाले ट्रम्प भारत पर कई दबाव बना सकते हैं, क्योंकि ट्रम्प ने तेल के मुद्दे पर भारत की हामी करा ली थी. इसलिए ट्रंप प्रशासन मुनीर के कहने पर भारत पर कई मोर्चों पर दबाव बना सकता है.

इनमें शामिल हैं:
सिंधु नदी के जल बंटवारे पर नया विवाद खड़ा करना
पाकिस्तान पर लगी क्रिकेट प्रतिबंध हटवाना
बलूचिस्तान समस्या को सुलझाने के नाम पर भारत को मजबूर करना
कश्मीर का राग फिर से अलापना
हालांकि भारत की तीनों सेना हर मोर्चे पर दुश्मन को ढेर करने के लिए तैयार है.

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद सक्रिय हुए आतंकी ठिकानों पर नजर रखी जा रही है.

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