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तकनीक क्षमता को पहले ही भांप गए थे राजीव गांधी, लोकतंत्र व्यवस्था में युवाओं को दी थी प्राथमिकता

Rajiv Gandhi Jayanti: 20 अगस्त भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि 20 अगस्त 1944 के दिन ही भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्म हुआ था. उन्होंने भारत के भविष्य के लिए कई बड़े कदम उठाए, यही कारण हैं कि उनकी याद में हर साल 20 अगस्त को सद्भावना दिवस है.

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हर साल 20 अगस्त भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के रूप में मनाया जाता है. राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को बंबई (अब मुंबई) में हुआ था. इस दिन उनको और उनके द्वारा देश की तरक्की में दिए गए योगदान को याद किया जाता है. भारतीय राजनीति में कई प्रधानमंत्री आए और गए, लेकिन इनमें राजीव गांधी एक ऐसी प्रधानमंत्री थे, जिन्हें लेकर माना जाता है कि वह देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिन्होंने देश के भविष्य की सुरक्षा पर अपना चुनाव लड़ा था. अपने कार्यकाल में कई ऐसे बड़े फैसले लिए, जिसने आज भारत के विकास में रफ्तार देने का काम किया. आपको शायद मालूम न हो, जब देश की राजनीति ग्रामीण विकास, गरीबी आदि विषयों पर ही ध्यान दे रही थी, उस वक्त दुनिया तेजी से बदल रही थी. उस समय राजीव गांधी ने समझ लिया कि अगर अभी से दुनिया में हो रहे बदलावों (तकनीक विकास, दूरसंचार, कंप्यूटर और विज्ञान) दशकों की अर्थव्यवस्था बदलने वाले थे. इन्हीं बदलावों को समझकर उन्होंने देश में लाया, ताकि भारत के विकास में तेजी आए और भारत आने वाले समय में बदलती दुनिया के साथ आगे बढ़ते रहे.

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राजीव गांधी ने बदल दी भारत छवि

साल 1984 में राजीव गांधी ने देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कंप्यूटर क्रांति की शुरुआत की थी. उनकी इस क्रांति का परिणाम यह निकला कि भारत के लोग न सिर्फ इस नई तकनीक के बारे में जानें, बल्कि कंप्यूटर जो सिर्फ कुछ ही जगहों पर था, वह लोगों के घरों और दफ्तरों तक पहुंच गया. राजीव गांधी की ओर कंप्यूटर क्रांति की शुरुआत करने के बाद साल 1991 में भूमंडलीकरण (Globalization) के दौर में सरकार की मदद से निजी क्षेत्र की कंपनियों ने सॉफ्टवेयर बनाना शुरू किया और इसमें काफी प्रगति भी देखने को मिली. साल 1998 में सूचना तकनीक को ‘भारत का भविष्य’ घोषित कर दिया.

राजीव गांधी के दौर में ही, स्वदेशी तकनीक विकसित करने और उसे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया था. आपको शायद मालूम ने हो, रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीक तभी भारत में आई थी और आज रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट के रूप में देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

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भारत के युवा ही देश का भविष्य

राजीव गांधी की राजनीति के लेकर आज भी माना जाता है कि, उस समय उनका पूरा फोकस भारतीय युवाओं को आगे बढ़ाने पर रहा. राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल के दौरान इस बात को समझा कि भारत में सिर्फ बड़े कारखाने से तरक्की नहीं होगी, बल्कि सूचनाओं तक अच्छी पहुंच, तेज संचार, आधुनिक शिक्षा और तकनीकी क्षमता में विकास जरूरी है. साल 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी शिक्षा को स्थान दिया गया. उनके इसी नजरिये ने उन्हें युवाओं से जोड़ने का काम किया, क्योंकि देश के युवा ही भारत का कल है.

उन्होंने युवाओं के अधिकार को मजबूती और भारत की राजनीति में सही फैसले लेने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया. उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने का निर्णय लिया.

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उनकी याद में मनाया जाता है सद्भावना दिवस

20 अगस्त को राजीव गांधी की याद में सद्भावना दिवस नाम दे दिया गया. इस दिन उन्हें याद किया जाता है कि कैसे उनकी एकजुट और प्रगतिशील भारत के विजन ने देश का बेहतर कल की ओर कदम रखने में मदद किया. उनकी लीडरशिप में युवाओं के सशक्तिकरण, तकनीकी प्रगति और सांप्रदायिक सद्भाव पर जोर दिया गया. हमें चाहिए कि हम उनकी इस मेहनत को याद करें और अपने आपको इतना बेहतर बनाएं कि हमारा योगदान भारत और उसमें रहने वाले लोगों के भविष्य को बेहतर रोशनी की तरफ ले जाए, जहां हर तरफ खुशियां और विकास हो.

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First published on: Aug 20, 2026 01:03 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.

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