हम रोजाना कई नोटों का लेनदेन करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी उनके पीछे छिपी तस्वीरों पर गौर किया है? अगर आपको पुरानी 10 रुपये की नोट याद हो, तो उसके पीछे तीन शानदार जानवर बने होते थे- हाथी, एक सींग वाला गैंडा और हिरण.
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता था कि 10 रुपये की नोट पर यही तीन जानवर क्यों चुने गए? दरअसल, यह सिर्फ कोई सजावट या डिजाइन नहीं थी, बल्कि भारत की समृद्ध जैव विविधता (Biodiversity) और प्राकृतिक विरासत को सलाम करने का एक तरीका था.
नोट पर छपे इन 3 जानवरों का क्या था मतलब?
एक सींग वाला गैंडा (Rhino):
नोट पर दिखने वाला यह गैंडा असम के प्रसिद्ध काजीरंगा नेशनल पार्क का प्रतीक था. यह पूरी दुनिया में भारत के एक सींग वाले गैंडों की अनूठी पहचान और वन्यजीव संरक्षण को दर्शाता है.
हाथी (Elephant):
हाथी को भारत का राष्ट्रीय विरासत पशु (National Heritage Animal) माना गया है. यह न केवल सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारे जंगलों के पारिस्थितिकी संतुलन (Ecological Balance) को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है.
हिरण (Deer):
हिरण भारत के विभिन्न जंगलों और राष्ट्रीय उद्यानों में पाए जाने वाले जीव-जंतुओं की विविधता का प्रतिनिधित्व करता है. यह भारतीय वन्यजीवन का एक बेहद खूबसूरत और अभिन्न हिस्सा है. इन तीनों जानवरों को एक साथ दिखाकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश के समृद्ध जंगलों और पर्यावरण का संदेश हर नागरिक तक पहुंचाना चाहता था.
अब पुरानी नोट की जगह क्या आ गया है?
साल 2018 में महात्मा गांधी सीरीज के तहत 10 रुपये का नया नोट जारी किया गया. इस नई चॉकलेट ब्राउन रंग की नोट के पीछे इन जानवरों की जगह ओड़िशा के कोणार्क सूर्य मंदिर (Konark Sun Temple) के चक्र की तस्वीर छापी गई, जो हमारी सांस्कृतिक और स्थापत्य कला (Architecture) को दर्शाती है. हालांकि, पुराना 10 रुपये वाला नोट आज भी पूरी तरह से कानूनी रूप से मान्य (Legal Tender) है और कभी-कभी बाजार में देखने को मिल ही जाता है. अगली बार जब भी आपके हाथ में वो पुरानी नोट आए, तो समझ जाइएगा कि यह सिर्फ 10 रुपये की कागजी कीमत नहीं, बल्कि भारत की प्राकृतिक सुंदरता की एक छोटी सी झलक है.