Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
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Rajiv Gandhi 80th Birth Anniversary : भारत देश के सातवें प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिन के मौके पर उनकी स्मृति में पूरा देश 20 अगस्त को सद्भावना दिवस मनाता है। राजीव गांधी एक ऐसा नाम है भारत के साथ-साथ देश के बाहर भी गूंजता आया है। देश के इतिहास में अहम स्थान रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। आज 20 अगस्त को पूरा देश उनकी 80वीं जयंती मना रहा है।
इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी के सबसे बड़े बेटे राजीव पहले अपना करियर एविएशन में बनाना चाहते थे। उन्हें पॉलिटिक्स में कोई रुचि नहीं थी। लेकिन फिर भी उन्हें आगे चलकर राजनीति में शामिल होना पड़ा। पीएम रहते हुए टेक्नोलॉजी और इकोनॉमी में सुधार लाने वाले राजीव गांधी का जीवन कई हैरान करने वाली बातों से घिरा रहा था। आगे पढ़िए राजीव गांधी से जुड़ी ऐसी बातें जिनपर भरोसा करना भी मुश्किल है।
जब हमारा देश आजाद हुआ था तब राजीव गांधी की उम्र केवल 3 साल की थी। अंग्रेजों की दासता से मुक्ति मिलने के बाद राजीव के नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे। क्या आपको पता है कि राजीव गांधी का नाम राजीव पंडित नेहरू की पत्नी कमला नेहरू की वजह से पड़ा था। कमला का मतलब मां लक्ष्मी और राजीव का मतलब कमल होता है, जिसका इस्तेमाल मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना में किया जाता है।
राजीव गांधी कुछ समय के लिए देहरादून के वेलहम बॉयज स्कूल गए थे लेकिन जल्द ही उन्हें प्रतिष्ठित दून स्कूल भेज दिया गया था। उनके छोटे भाई संजय गांधी ने भी यहीं से पढ़ाई की थी। स्कूल से निकलने के बाद राजीव कैंब्रिज में स्थित ट्रिनिटी कॉलेज गए लेकिन यहां से भी जल्द ही लंदन के इंपीरियल कॉलेज शिफ्ट हो गए। उन्होंने वहां से मेकैनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी लेकिन किसी कारण से कोर्स पूरा नहीं कर पाए थे।
साल 1966 में राजीव गांधी भारत वापस लौटे थे। उस समय तक उनकी मां इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री बन चुकी थीं। राजीव का म्यूजिक में बहुत इंटेरेस्ट था। उन्हें वेस्टर्न, हिंदुस्तानी क्लासिकल और मॉडर्न म्यूजिक बहुत पसंद था। राजीव गांधी को रेडियो सुनने का बड़ा शौक था। उन्हें अक्सर रेडियो पर कुछ सुनते देखा जा सकता था। इसके साथ ही फोटोग्राफी में भी उनका हाथ बहुत साफ था। वह अक्सर फोटोग्राफी किया करते थे।
हायर एजुकेशन के लिए लंदन में रहने के दौरान राजीव गांधी की मुलाकात एडविग एंटोनियो माइनो से हुई थी। साल 1968 में दोनों ने दिल्ली आकर शादी रचा दी थी। इसके बाद माइनो ने अपना नाम बदल कर सोनिया गांधी कर लिया था। लंदन से भारत लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली फ्लाइंग क्लब से कॉमर्शियल पायलट का लाइंसेंस भी लिया था और इंडियन एयरलाइंस में पायलट बन गए थे। साल 1970 में वह इंडियन एयरलाइंस के साथ जुड़े थे।
राजीव गांधी को राजनीति में कोई रुचि नहीं थी, ये बात सबको पता है। लेकिन सवाल यह है कि जब पॉलिटिक्स पसंद नहीं थी तो राजीव बाद में राजनीति में क्यों उतरे थे? दरअसल, उनके छोटे भाई संजय गांधी की 23 जून 1980 को एक प्लेन हादसे में मौक हो गई थी। 23 जून 1980 को वह पॉलिटिक्स में आए और अपने भाई की सीट अमेठी से चुनाव लड़ा। साल 1981 में राजीव गांधी को इंडियन यूथ कॉंग्रेस का प्रेसीडेंट बना दिया गया था।
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