‘बप्पा’ की शरण में पीएम मोदी, गणेश चतुर्थी के मौके पर पीयूष गोयल के घर पर की आरती
PM Narendra Modi: महाराष्ट्र समेत पूरे देश में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है, वहीं दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को इस पर्व की शुभमानाएं दीं, साथ ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की घर 'बप्पा' की पूजा भी की.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Sep 14, 2026 23:07
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Sep 14, 2026 23:07
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नरेंद्र मोदी (Photo-X/@narendramodi)
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PM Modi Offers Prayers on Ganesh Chaturthi: पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के दिल्ली स्थित आवास का दौरा किया और गणेश चतुर्थी की पूजा में शामिल हुए. ये विजिट ऐसे टाइम में हुई जब पूरे भारत में भक्त धार्मिक अनुष्ठानों, मंदिरों के दर्शन और बड़े सामुदायिक पंडालों में उत्सव के साथ ये त्योहार मना रहे हैं. गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्म का प्रतीक है, जिन्हें बाधाओं को दूर करने वाले और शुभ शुरुआत के देवता के रूप में पूजा जाता है. देश के कई हिस्सों में ये त्योहार पारंपरिक रीति-रिवाजों और भक्ति कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है.
Went for Ganpati Darshan at the residence of Union Minister Shri Piyush Goyal Ji.
दिन की शुरुआत में मोदी ने इस मौके पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि ये त्योहार नया उत्साह और सकारात्मकता लाएगा. ‘एक्स’ पर अपने संदेश में, प्रधानमंत्री ने लोगों के प्रयासों की सफलता और देश की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की. उन्होंने भगवान गणेश को समर्पित एक भक्ति श्लोक भी शेयर किया, जिसमें देवता का आशीर्वाद मांगा गया और दुर्भाग्य से सुरक्षा की कामना की गई. प्रधानमंत्री के संदेश में त्योहार के आध्यात्मिक महत्व और नई शुरुआत से इसके जुड़ाव पर प्रकाश डाला गया.
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देशवासियों को गणेश चतुर्थी की अनंत शुभकामनाएं। विघ्नहर्ता के दर्शन और पूजन का यह पावन पर्व सबके जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करे। उनके दिव्य आशीर्वाद से सभी के प्रयास सफल हों और राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे, यही कामना है। गणपति बाप्पा मोरया!… pic.twitter.com/5biHnkWHJ4
गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी या विनायक चविथी के नाम से भी जाना जाता है, पारंपरिक रूप से हिंदू चंद्र कैलेंडर के चौथे दिन शुरू होती है और अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होती है. इस दौरान प्रार्थनाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक उत्सव आयोजित किए जाते हैं. परिवार अक्सर घरों में गणेश की मूर्तियां स्थापित करते हैं, धार्मिक अनुष्ठान करते हैं और विशेष भोग तैयार करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में भक्त सजाए गए पंडालों और मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं.
उत्सव में शामिल हुए नेता
कई दलों के राजनीतिक नेता भी उत्सव में शामिल हुए, उन्होंने पार्टी कार्यालयों में आरती की और पूजा-अर्चना की. उन्होंने त्योहार की शुभकामनाएं दीं और लोगों के लिए खुशी और समृद्धि की कामना की. पूरे देश में हजारों मंदिरों, आवासीय सोसायटियों और सार्वजनिक मंडलों में उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं, जहां भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है.