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‘कांग्रेस का विश्वासघात देखा’, कार्यकाल के 12 वर्ष पर क्या बोले PM मोदी? पॉइन्टर्स में जानें बड़ी बातें

12 वर्षों की एनडीए सरकार के सफलता पूर्ण जारी रहने के अवसर पर भारत मंडपम में एनडीए की बैठक में पीएम मोदी ने अपने सहयोगियों की जमकर तारीफ की और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने हजारों करोड़ का घोटाला किया.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 11 जून को पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का दशकों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. पूर्व पीएम नेहरू के नाम 4,398 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड रहा, जबकि प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर लिया है. 12 वर्षों की एनडीए सरकार के सफलता पूर्ण जारी रहने के अवसर पर भारत मंडपम में एनडीए की बैठक में पीएम मोदी ने अपने सहयोगियों की जमकर तारीफ की और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने हजारों करोड़ का घोटाला किया.

संबोधन में और क्या बोले पीएम मोदी?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, ‘आज मैं अपनी इस पूरे सफर में शामिल सभी सहयोगियों के प्रति अपना आभार भी व्यक्त करता हूं, इस अवसर पर एनडीए परिवार के सदस्यों ने भी एक प्रस्ताव लाया है. यह आपकी गर्मजोशी और दयालुता को दर्शाता है, क्योंकि मैं इस सफर को व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानता. हर पहलू में यह हमारी सामूहिक उपलब्धि है, इसलिए मैं इस प्रस्ताव को आप सभी को, हमारे एनडीए परिवार के हर कार्यकर्ता को समर्पित करता हूं, जिसमें भाजपा भी शामिल है. भारत के लोगों की अंतर्निहित बुद्धि सदैव शानदार रही है.’
  • ‘…2014 के पहले के कई दशक बहुत अस्थिरता और उथल-पुथल से भरे हुए थे. इसका देश को बहुत नुकसान भी उठाना पड़ा लेकिन अब देश की जनता एक स्थिर सरकार का काम भी देख रही है और उसकी निर्णायक क्षमताओं की प्रशंसक भी है. मैं आज देश की महान जनता को नमन करता हूं, जनता-जनार्दन का आभार व्यक्त करता हूं.’
  • ‘…NDA के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता ये भी है कि देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ है. कांग्रेस ने देश को लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना के गर्त में गिरा दिया था. देश को यही एहसास कराया जाता था कि भारत में विकास धीरे-धीरे ही होता है, भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है और बड़ी ही चतुराई से धीमी विकास को एक नाम दिया था, ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ यानी कार्यशैली कांग्रेस की, दायित्व कांग्रेस का, विफलता कांग्रेस की लेकिन कलंक देश की बड़ी हिंदू आबादी के नाम लगाया गया जबकि असल में इस कुसंस्कृति का नाम होना चाहिए था कांग्रेस ग्रोथ रेट.’
  • ‘इस कांग्रेस ग्रोथ रेट में न सुशासन था, न नीति, न नीयत और ना निर्णय. पहली बार अटल जी के नेतृत्व में NDA सरकार आई तब जाकर हमें एक झलक दिखी कि विकास में गति कैसे आती है लेकिन दुर्भाग्य से 2004 में देश फिर से अस्थिरता के बवंडर में और कांग्रेस के शिकंजे में फंस गया. विकास तो दूर की बात है, देश को कांग्रेस ने एक के बाद एक हजारों करोड़ों रुपये के घोटालों में घसीट दिया. देश का भाग्य फिर तब बदला जब 2014 में NDA की सरकार बनी, देश ने देखा कि जब नीयत, नीति और निर्णय तीनों एक साथ काम करते हैं तो विकास की गति कैसी होती है…’
  • ‘सवाल ये है कि अगर 12 साल में इतना कुछ हो सकता है तो फिर दशकों तक क्यों नहीं हुआ? ये ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ और ‘NDA ग्रोथ रेट’ का अंतर है. एक व्यवस्था लोगों को इंतजार कराती थी. आज की व्यवस्था परिणाम दिखाती है. एक व्यवस्था काम अटकाती-भटकाती थी. आज की व्यवस्था कहती है, काम अभी होगा, समय पर होगा और बड़े पैमाने पर होगा और इसलिए 2014 से 2026 की कहानी केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, ये उस भारत की कहानी है जिसने पहली बार अपनी पूरी क्षमता के साथ दौड़ना तय किया है…’
  • ‘आज दुनिया के बड़े-बड़े देशों की अर्थव्यवस्था संघर्ष कर रही है तब भी 2025-26 में भारत ने 7.7 प्रतिशत की ग्रोथ रेट हासिल की है और पिछला क्वाटर तो, जो 31 मार्च को खत्म हुआ है, उसमें भी भारत की ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही है. ये सफलता इतनी आसान नहीं है… हम आज दुनिया की तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुके हैं.’
  • ‘कल के विकसित भारत की गारंटी है,आज का आकांक्षी भारत. आकांक्षी भारत के गर्भ में विकसित भारत पल रहा है. आज के भारत की आकांक्षाएं बड़ी हैं, सपने बड़े हैं इसलिए उसके संकल्प और लक्ष्य भी उतने ही बड़े हैं. देश की आकांक्षाओं का वाहक हमारा मध्यम वर्ग है, नींव मध्य वर्ग है. इसलिए हमारी सरकार मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करने में लगी है… 2014 से पहले मध्यम वर्ग कानून की उलझनों का सबसे बड़ा शिकार हुआ करता था.’
  • ‘जटिल टैक्स सिस्टम, आमदनी के सीमित स्रोत और टैक्स का बड़ा बोझ, ये सब सामान्य व्यक्ति के रोजमर्रा के जीवन की चुनौती होती थी… हमने मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को समझा इसलिए आज 12 लाख रुपये तक की आमदनी पूरी तरह से टैक्स फ्री है. आज देश में सरल और फेस लेस टैक्स सिस्टम है. अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर से उनका जीवन आसान हुआ है…’

यह भी पढ़ें: 10 जनपथ पर 90 मिनट की बैठक में तय हुआ कांग्रेस-TMC का विलय? 

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First published on: Jun 10, 2026 08:08 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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