Why Petrol Diesel Price Stable: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग को एक महीना हो गया है। इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले किए। ईरान ने जवाबी हमले करते हुए होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करके कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई में बाधा डाली। कच्चे तेल के सप्लाई बाधित होने से भारत में कुकिंग गैस का संकट गहरा गया था, लेकिन पेट्रोल और डीजल का संकट नहीं गहराया और न ही पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाने की जरूरत पड़ी।
नोएडा रैली में प्रधानमंत्री मोदी की शानदार स्पीच
प्रधानमंत्री मोदी ने खुद तेल संकट न गहराने की वजह बताई और यह भी बताया है कि आखिरी भारत में तेल की कीमतें स्थिर कैसे हैं? प्रधानमंत्री मोदी ने बीते दिन नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में शानदार स्पीच दी। उन्होंने बताया कि एथेनॉल के उत्पादन ने देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई। किसानों की आय भी बढ़ी। इसके जरिए भारत के पास करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की सेविंग भी संभव हुई।
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एथेनॉल के उत्पादन से कच्चे तेल पर निर्भरता घटाई
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जंग का सीधा असर होर्मुज स्ट्रेट पर पड़ा, जिस रास्ते से अरब देशों से कच्चा तेल भारत तक पहुंचता है। लेकिन भारत सरकार ने कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने का प्लान बनाया। इसके लिए एथेनॉल मिक्सचर को रणनीति बनाया। अगर पेट्रोल में एथेनॉल न मिलाया जाए तो भारत को प्रति वर्ष अतिरिक्त 4.5 करोड़ बैरल यानी 700 करोड़ लीटर कच्चा तेल आयात करना पड़ेगा, लेकिन किसानों के प्रयास से राहत मिली।
रेलवे के विद्युतीकरण और मेट्रो नेटवर्क से ईंधन बचा
प्रधानमंत्री मोदी ने किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादक इलाकों में एथेनॉल बनाने के लिए कच्चा माल आसानी से मिल जाता है। पिछले 10 साल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 1-1.5 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत पहुंच गई है। भारत ने साल 2025 में ही 20 प्रतिशत एथेनॉल (E20) बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके अलावा रेलवे के विद्युतीकरण से हर साल 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से भी ईंधन की खपत कम हुई।
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एथेनॉल युक्त पेट्रोल की सप्लाई से संकट नहीं गहराया
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वर्तमान में भारत में 2000 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन हो रहा है और जिसमें से 1000 करोड़ लीटर से अधिक एथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जा रहा है। यही कारण है कि जब जंग के कारण विश्व स्तर पर कच्चा तेल महंगा हुआ तो भारत सरकार एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सप्लाई किया, जिस वजह से इसकी कीमतें बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी। इसलिए लोग टेंशन न लें, क्योंकि कच्चे तेल की कमी नहीं है और एथेनॉल वाला पेट्रोल भी है तो ईंधन महंगा नहीं होगा।
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नोएडा रैली में प्रधानमंत्री मोदी की शानदार स्पीच
प्रधानमंत्री मोदी ने खुद तेल संकट न गहराने की वजह बताई और यह भी बताया है कि आखिरी भारत में तेल की कीमतें स्थिर कैसे हैं? प्रधानमंत्री मोदी ने बीते दिन नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में शानदार स्पीच दी। उन्होंने बताया कि एथेनॉल के उत्पादन ने देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई। किसानों की आय भी बढ़ी। इसके जरिए भारत के पास करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की सेविंग भी संभव हुई।
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एथेनॉल के उत्पादन से कच्चे तेल पर निर्भरता घटाई
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जंग का सीधा असर होर्मुज स्ट्रेट पर पड़ा, जिस रास्ते से अरब देशों से कच्चा तेल भारत तक पहुंचता है। लेकिन भारत सरकार ने कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने का प्लान बनाया। इसके लिए एथेनॉल मिक्सचर को रणनीति बनाया। अगर पेट्रोल में एथेनॉल न मिलाया जाए तो भारत को प्रति वर्ष अतिरिक्त 4.5 करोड़ बैरल यानी 700 करोड़ लीटर कच्चा तेल आयात करना पड़ेगा, लेकिन किसानों के प्रयास से राहत मिली।
रेलवे के विद्युतीकरण और मेट्रो नेटवर्क से ईंधन बचा
प्रधानमंत्री मोदी ने किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादक इलाकों में एथेनॉल बनाने के लिए कच्चा माल आसानी से मिल जाता है। पिछले 10 साल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 1-1.5 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत पहुंच गई है। भारत ने साल 2025 में ही 20 प्रतिशत एथेनॉल (E20) बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया। इसके अलावा रेलवे के विद्युतीकरण से हर साल 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से भी ईंधन की खपत कम हुई।
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एथेनॉल युक्त पेट्रोल की सप्लाई से संकट नहीं गहराया
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वर्तमान में भारत में 2000 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन हो रहा है और जिसमें से 1000 करोड़ लीटर से अधिक एथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जा रहा है। यही कारण है कि जब जंग के कारण विश्व स्तर पर कच्चा तेल महंगा हुआ तो भारत सरकार एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सप्लाई किया, जिस वजह से इसकी कीमतें बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी। इसलिए लोग टेंशन न लें, क्योंकि कच्चे तेल की कमी नहीं है और एथेनॉल वाला पेट्रोल भी है तो ईंधन महंगा नहीं होगा।