संसद के मानसून सत्र का गुरुवार का दिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है. लगातार कई दिनों से जारी गतिरोध के बीच सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों का विस्तार से जवाब दे सकते हैं.
सूत्रों के अनुसार, सरकार विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से जुड़े प्रस्तावित संशोधनों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी में है. विपक्ष इस विधेयक को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है और सरकार से विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है. ऐसे में अमित शाह का जवाब केवल विधेयक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोपों का भी जवाब हो सकता है.
सरकार पर विपक्ष लगा रहा आरोप
दूसरी ओर, परिसीमन का मुद्दा भी संसद के भीतर और बाहर चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है. विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार इस विषय पर पर्याप्त संवाद नहीं कर रही, जबकि केंद्र का कहना है कि संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सभी आवश्यक पहलुओं पर विचार किया जाएगा. हालांकि सरकार ने परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संभावित विशेष सत्र की अटकलों को खारिज कर दिया है.
किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच हुई थी बैठक
बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच बैठक भी हुई थी. इस मुलाकात का उद्देश्य संसद में जारी गतिरोध को खत्म करना था, लेकिन दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम रहे. इसके बाद यह संकेत मिले कि अब सरकार सदन के भीतर ही विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रणनीति पर आगे बढ़ सकती है.
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