नीट पेपर लीक को लेकर करीब एक महीने तक दिल्ली के जंतर मंतर पर चला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रोटेस्ट अब खत्म हो चुका है. केंद्र सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों की तीन प्रमुख मांगों को मानते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद स धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी लिया. हालांकि सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने बिना नाम लिए कहा कि केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनका भरोसा तोड़ा है. आपको बता दें कि प्रोटेस्ट खत्म होने से कुछ दिन पहले ही सोनम वांगचुक ने अपनी मांगे पूरी होने और जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की अपील पर अनशन खत्म कर दिया था.
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राजनीतिक नेताओं से उठ गया भरोसा
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के मंत्रियों पर वादा तोड़ने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि 26 दिन के आमरण अनशन को समाप्त करने से पहले उनकी केंद्रीय मंत्रियों के साथ जो सहमति बनी थी, उसका पालन नहीं किया गया. उन्होंने दावा किया कि अनशन खत्म करने की फोटो को पब्लिक नहीं करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन कुछ ही मिनटों में सारी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गईं. फोटो अपलोड होने के अब एक हफ्ते बाद सोनम वांगचुक का कहना है कि इस घटना के बाद से उनका राजनीतिक नेताओं पर से भरोसा उठ गया है.
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सोनम वांगचुक नहीं देना चाहते थे ये संदेश
सोनम वांगचुक ने बताया कि जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह आधी रात के बाद उनसे मिलने पहुंचे, तब उनके बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि अनशन समाप्त करने की जानकारी तब तक सार्वजनिक नहीं की जाएगी, जब तक विपक्षी दलों के नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों को भी इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनाया जाता. उनका कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि यह संदेश जाए कि अनशन केवल सत्तारूढ़ दल के साथ हुई बातचीत के बाद समाप्त हुआ. इसलिए उनकी सलाह थी कि सभी पक्षों की मौजूदगी में संयुक्त रूप से इसकी घोषणा की जाए. वांगचुक का दावा है कि दोनों मंत्रियों ने उनकी इस शर्त को स्वीकार कर लिया था.