जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। आतंकी हमले के बाद भारत ने कूटनीतिक और राजनयिक स्तर पर कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनसे पाकिस्तान डरा हुआ है। इस बीच भारत की तरफ से संभावित हमले के खतरे को देखते हुए पाकिस्तान ने परमाणु बम की गीदड़भभकी देने के साथ-साथ मिसाइल परीक्षण शुरू कर दिया है। आतंक को पनाह देने वाले इस पड़ोसी मुल्क ने तीन दिन के भीतर दूसरी बार मध्यम रेंज की मिसाइल के सफल परीक्षण की बात कही है। पाकिस्तान ने सोमवार को इंडस अभ्यास के तहत 120 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली फतह श्रृंखला की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण करने का दावा किया है। इससे पहले शनिवार को 450 किलोमीटर रेंज वाले 'अब्दाली' बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। आइए जानते हैं पाकिस्तान की इन मिसाइलों की क्या है क्षमता और भारत के सामने कितना है कारगर।
क्या है फतह मिसाइल की क्षमता?
- पाकिस्तानी मिसाइल फतह की बात करें तो यह कम दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल है।
- यह ठोस ईंधन आधारित मिसाइल है, जिसकी वजह से इसकी लॉन्चिंग में कम समय लगता है।
- यह पारंपरिक और गैर-पारंपरिक (न्यूक्लियर) हथियारों को ले जाने में सक्षम मानी जाती है।
- पाकिस्तान का दावा है कि इसमें आधुनिक नेविगेशन प्रणाली लगी है, जो इसे ज्यादा सटीक बनाती है।
- इस मिसाइल की मारक क्षमता सिर्फ 120 किलोमीटर है।
- पाकिस्तान ने यह कदम ‘इंडस एक्सरसाइज’ के तहत उठाया है।
- यह मिसाइल खासकर शॉर्ट-रेंज, हाई-प्रिसीजन अटैक के लिए डिजाइन की गई है। फतह मिसाइल पाकिस्तान द्वारा विकसित की गई एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली है, जिसे हाल के वर्षों में बनाया गया है।
- फतह-1 को एलओसी या इंटरनेशनल बॉर्डर के पास तैनात भारतीय टुकड़ियों को टारगेट करने के लिए विकसित किया गया है।
क्या है अब्दाली बैलिस्टिक मिसाइल की रेंज और ताकत ?
- फतह से पहले पाकिस्तान ने 3 अप्रैल को अब्दाली मिसाइल (जो हत्व-2 के नाम से भी जानी जाती है) का परीक्षण किया था, यह एक सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल है।
- यह सतह से सतह तक मार करने वाली एक मिसाइल है। पाकिस्तान दावा कर रहा है कि इस मिसाइल की रेंज 450 किलोमीटर है, लेकिन यह न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम नहीं है।
- इसको पाकिस्तान के अंतरिक्ष अनुसंधान आयोग ने बनाया है। आधुनिक नैविगेशन सिस्टम से लैस यह मिसाइल सटीक निशाना लगाने में सक्षम बताई जा रही है।
- यह मिसाइल उच्च क्षमता वाले विस्फोटकों और पारंपरिक वॉरहेड को लॉन्च कर सकती है। यह मिसाइल 250 से 450 किलोग्राम तक के पेलोड को एक बार में ले जा सकती है। इसे छोटी दूरी तक मार करने वाली यानी शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल की श्रेणी में रखा गया है।
भारतीय मिसाइलों के आगे कहां ठहरती है पाकिस्तान बैलिस्टिक मिसाइल?
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग के अनुसार, सैन्य शक्ति और हथियार प्रणाली के मामले में दुनिया के 145 देशों में भारत चौथे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान 12वें स्थान पर है। मिलिट्री वॉच मैगजीन के अनुसार, भारत टियर 2 मिलिट्री पावर वाले देश में आता है, जबकि पाकिस्तान टियर 3 मिलिट्री पावर में शामिल है। जहां तक भारत के मिसाइल शस्त्रागार की बात है तो यह ने केवल विशाल है बल्कि तकनीकी रूप से इतना उन्नत है कि पाकिस्तान के किसी भी हमले को चंद सेकंड में ध्वस्त कर सकता है। हालांकि, यहां हम सिर्फ उन मिसाइलों की बात करेंगे, जो पाकिस्तान की तरफ से टेस्ट की गई फतह और अब्दाली बैलिस्टिक मिसाइल को पूरी तरह टक्कर देती हो।
भारत की मिसाइलें
पृथ्वी मिसाइल को सतह से सतह पर मार करने की क्षमता वाली शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (एसआरबीएम) के तौर पर विकसित किया गया है। यह पहली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे भारत में विकसित करने के साथ सेवा में शामिल किया गया है। अब तक इसके 3 वर्जन बन चुके हैं और सबसे आधुनिक प्रारूप को नौसेना के लिए बनाया गया है। यह सबसे ताकतवर है। इस वर्जन को 750 किलोमीटर की रेंज तक लॉन्च किया जा सकता है।
पृथ्वी-II: इस मिसाइल की रेंज 250 किमी है। इसकी खासियत ये है कि यह शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल सटीक निशाने के लिए जानी जाती है। फतह-1 की तुलना में यह दोगुनी दूरी तक मार कर सकती है। यह परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है। इसके आगे पाकिस्तान की फतह मिसाइलें कहीं नहीं टिकती हैं।
प्रलय मिसाइल: भारत की प्रलय मिसाइलें शॉर्ट रेंज में तबाही मचाने की क्षमता रखती हैं। डीआरडीओ की तरफ से 2015 से विकसित की गईं इन मिसाइलों को 26 जनवरी 2025 की गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित किया गया था।
ब्रह्मोस: ब्रह्मोस मिसाइल 400-800 किमी रेंज वाली है। इसके नए संस्करणों में 1,500 किमी तक की रेंज शामिल है। यह दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में से एक है, जो जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च हो सकती है। फतह की तुलना में यह मिसाइल पाकिस्तान के किसी भी कोने को पलक झपकते तबाह कर सकती है। सटीकता और गति में इसका कोई जवाब नहीं। साथ ही दुश्मन के रडार को चकमा देने में माहिर है।
अग्नि-1: यह भारत के पास सतह से सतह पर छोटी दूरी तक मार करने वाली एक खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल है। यह मिसाइल कितनी खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके जरिए पूरे पाकिस्तान को निशाना बनाया जा सकता है। इसे सड़क और रेल मार्ग के किसी भी वाहन के जरिए लॉन्च किया जा सकता है।
अग्नि-V: इस मिसाइल की रेंज 5,000 किमी से ज्यादा है। इसकी खासियत की बात करें तो यह अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) न केवल पाकिस्तान बल्कि एशिया और यूरोप के बड़े हिस्से को अपने निशाने पर ले सकती है। यह मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस, जो कई लक्ष्यों को एक साथ नष्ट कर सकती है।
इसके साथ ही पाकिस्तान के फतह मिसाइल के मुकाबले भारत के पास पिनाका एमके-2 (120 किलोमीटर रेंज) जैसी मिसाइल भी है। फतह को लेकर पाकिस्तान कई तरह के दावे जरूर कर रहा है, लेकिन इसकी सीमित रेंज और टैक्टिकल नेचर इसे सिर्फ सीमावर्ती टकरावों तक सीमित रखती है। इसलिए भारत को इस मिसाइल से कोई खतरा नहीं है।
भारत के सख्त कदम से तिलमिलाया हुआ है पाकिस्तान
बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया है। इतना ही नहीं भारत ने चिनाब नदी का पानी भी रोक दिया है। इतना ही नहीं भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया है। पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा रद्द कर दिए हैं। पाकिस्तानी एयरलाइनों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही पाकिस्तान से आने वाले डाक-पार्सल पर भी रोक लगा दी गई है। भारत ने पाकिस्तान का झंडा लगे जहाजों को भी भारत के बंदरगाहों पर रुकने से प्रतिबंधित कर दिया है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान बुरी तरह से घबरा गया है और उसने युद्ध की धमकी दी है। पाकिस्तान की सेना बीते कुछ दिनों से लगातार सीमा पर गोलीबारी कर अपनी खीझ मिटाने की कोशिश कर रही है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। आतंकी हमले के बाद भारत ने कूटनीतिक और राजनयिक स्तर पर कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनसे पाकिस्तान डरा हुआ है। इस बीच भारत की तरफ से संभावित हमले के खतरे को देखते हुए पाकिस्तान ने परमाणु बम की गीदड़भभकी देने के साथ-साथ मिसाइल परीक्षण शुरू कर दिया है। आतंक को पनाह देने वाले इस पड़ोसी मुल्क ने तीन दिन के भीतर दूसरी बार मध्यम रेंज की मिसाइल के सफल परीक्षण की बात कही है। पाकिस्तान ने सोमवार को इंडस अभ्यास के तहत 120 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली फतह श्रृंखला की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण करने का दावा किया है। इससे पहले शनिवार को 450 किलोमीटर रेंज वाले ‘अब्दाली’ बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था। आइए जानते हैं पाकिस्तान की इन मिसाइलों की क्या है क्षमता और भारत के सामने कितना है कारगर।
क्या है फतह मिसाइल की क्षमता?
- पाकिस्तानी मिसाइल फतह की बात करें तो यह कम दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल है।
- यह ठोस ईंधन आधारित मिसाइल है, जिसकी वजह से इसकी लॉन्चिंग में कम समय लगता है।
- यह पारंपरिक और गैर-पारंपरिक (न्यूक्लियर) हथियारों को ले जाने में सक्षम मानी जाती है।
- पाकिस्तान का दावा है कि इसमें आधुनिक नेविगेशन प्रणाली लगी है, जो इसे ज्यादा सटीक बनाती है।
- इस मिसाइल की मारक क्षमता सिर्फ 120 किलोमीटर है।
- पाकिस्तान ने यह कदम ‘इंडस एक्सरसाइज’ के तहत उठाया है।
- यह मिसाइल खासकर शॉर्ट-रेंज, हाई-प्रिसीजन अटैक के लिए डिजाइन की गई है। फतह मिसाइल पाकिस्तान द्वारा विकसित की गई एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली है, जिसे हाल के वर्षों में बनाया गया है।
- फतह-1 को एलओसी या इंटरनेशनल बॉर्डर के पास तैनात भारतीय टुकड़ियों को टारगेट करने के लिए विकसित किया गया है।
क्या है अब्दाली बैलिस्टिक मिसाइल की रेंज और ताकत ?
- फतह से पहले पाकिस्तान ने 3 अप्रैल को अब्दाली मिसाइल (जो हत्व-2 के नाम से भी जानी जाती है) का परीक्षण किया था, यह एक सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल है।
- यह सतह से सतह तक मार करने वाली एक मिसाइल है। पाकिस्तान दावा कर रहा है कि इस मिसाइल की रेंज 450 किलोमीटर है, लेकिन यह न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम नहीं है।
- इसको पाकिस्तान के अंतरिक्ष अनुसंधान आयोग ने बनाया है। आधुनिक नैविगेशन सिस्टम से लैस यह मिसाइल सटीक निशाना लगाने में सक्षम बताई जा रही है।
- यह मिसाइल उच्च क्षमता वाले विस्फोटकों और पारंपरिक वॉरहेड को लॉन्च कर सकती है। यह मिसाइल 250 से 450 किलोग्राम तक के पेलोड को एक बार में ले जा सकती है। इसे छोटी दूरी तक मार करने वाली यानी शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल की श्रेणी में रखा गया है।
भारतीय मिसाइलों के आगे कहां ठहरती है पाकिस्तान बैलिस्टिक मिसाइल?
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग के अनुसार, सैन्य शक्ति और हथियार प्रणाली के मामले में दुनिया के 145 देशों में भारत चौथे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान 12वें स्थान पर है। मिलिट्री वॉच मैगजीन के अनुसार, भारत टियर 2 मिलिट्री पावर वाले देश में आता है, जबकि पाकिस्तान टियर 3 मिलिट्री पावर में शामिल है। जहां तक भारत के मिसाइल शस्त्रागार की बात है तो यह ने केवल विशाल है बल्कि तकनीकी रूप से इतना उन्नत है कि पाकिस्तान के किसी भी हमले को चंद सेकंड में ध्वस्त कर सकता है। हालांकि, यहां हम सिर्फ उन मिसाइलों की बात करेंगे, जो पाकिस्तान की तरफ से टेस्ट की गई फतह और अब्दाली बैलिस्टिक मिसाइल को पूरी तरह टक्कर देती हो।
भारत की मिसाइलें
पृथ्वी मिसाइल को सतह से सतह पर मार करने की क्षमता वाली शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (एसआरबीएम) के तौर पर विकसित किया गया है। यह पहली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे भारत में विकसित करने के साथ सेवा में शामिल किया गया है। अब तक इसके 3 वर्जन बन चुके हैं और सबसे आधुनिक प्रारूप को नौसेना के लिए बनाया गया है। यह सबसे ताकतवर है। इस वर्जन को 750 किलोमीटर की रेंज तक लॉन्च किया जा सकता है।
पृथ्वी-II: इस मिसाइल की रेंज 250 किमी है। इसकी खासियत ये है कि यह शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल सटीक निशाने के लिए जानी जाती है। फतह-1 की तुलना में यह दोगुनी दूरी तक मार कर सकती है। यह परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है। इसके आगे पाकिस्तान की फतह मिसाइलें कहीं नहीं टिकती हैं।
प्रलय मिसाइल: भारत की प्रलय मिसाइलें शॉर्ट रेंज में तबाही मचाने की क्षमता रखती हैं। डीआरडीओ की तरफ से 2015 से विकसित की गईं इन मिसाइलों को 26 जनवरी 2025 की गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित किया गया था।
ब्रह्मोस: ब्रह्मोस मिसाइल 400-800 किमी रेंज वाली है। इसके नए संस्करणों में 1,500 किमी तक की रेंज शामिल है। यह दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में से एक है, जो जमीन, समुद्र और हवा से लॉन्च हो सकती है। फतह की तुलना में यह मिसाइल पाकिस्तान के किसी भी कोने को पलक झपकते तबाह कर सकती है। सटीकता और गति में इसका कोई जवाब नहीं। साथ ही दुश्मन के रडार को चकमा देने में माहिर है।
अग्नि-1: यह भारत के पास सतह से सतह पर छोटी दूरी तक मार करने वाली एक खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल है। यह मिसाइल कितनी खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके जरिए पूरे पाकिस्तान को निशाना बनाया जा सकता है। इसे सड़क और रेल मार्ग के किसी भी वाहन के जरिए लॉन्च किया जा सकता है।
अग्नि-V: इस मिसाइल की रेंज 5,000 किमी से ज्यादा है। इसकी खासियत की बात करें तो यह अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) न केवल पाकिस्तान बल्कि एशिया और यूरोप के बड़े हिस्से को अपने निशाने पर ले सकती है। यह मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक से लैस, जो कई लक्ष्यों को एक साथ नष्ट कर सकती है।
इसके साथ ही पाकिस्तान के फतह मिसाइल के मुकाबले भारत के पास पिनाका एमके-2 (120 किलोमीटर रेंज) जैसी मिसाइल भी है। फतह को लेकर पाकिस्तान कई तरह के दावे जरूर कर रहा है, लेकिन इसकी सीमित रेंज और टैक्टिकल नेचर इसे सिर्फ सीमावर्ती टकरावों तक सीमित रखती है। इसलिए भारत को इस मिसाइल से कोई खतरा नहीं है।
भारत के सख्त कदम से तिलमिलाया हुआ है पाकिस्तान
बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया है। इतना ही नहीं भारत ने चिनाब नदी का पानी भी रोक दिया है। इतना ही नहीं भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया है। पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा रद्द कर दिए हैं। पाकिस्तानी एयरलाइनों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही पाकिस्तान से आने वाले डाक-पार्सल पर भी रोक लगा दी गई है। भारत ने पाकिस्तान का झंडा लगे जहाजों को भी भारत के बंदरगाहों पर रुकने से प्रतिबंधित कर दिया है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान बुरी तरह से घबरा गया है और उसने युद्ध की धमकी दी है। पाकिस्तान की सेना बीते कुछ दिनों से लगातार सीमा पर गोलीबारी कर अपनी खीझ मिटाने की कोशिश कर रही है।