Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

देश

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस मचाएगा कोहराम! अगले 48 घंटों में आपके शहर पर क्या होगा असर; जानिए- अप्रैल में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है, जो 3 से 5 अप्रैल 2026 के बीच कई राज्यों में भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि लेकर आएगा.

Author
Edited By : Arif Khan Updated: Apr 2, 2026 22:32

अगर आपको लग रहा था कि मार्च की विदाई के साथ ही चिलचिलाती गर्मियां शुरू हो जाएंगी, तो थोड़ा ठहरिए. कुदरत ने अप्रैल के लिए कुछ और ही प्लान बना रखा है. उत्तर भारत एक बार फिर मौसम के एक बड़े और चुनौतीपूर्ण बदलाव के लिए तैयार हो रहा है. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है, जो 3 से 5 अप्रैल 2026 के बीच कई राज्यों में भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि लेकर आएगा.

3 से 5 अप्रैल के बीच ‘पीक’ पर होगा मौसम

इस वीकेंड से ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो जाएगा. मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस गुजरात-राजस्थान सीमा के करीब से गुजरेगा और उत्तर-पश्चिम भारत को पार करते समय और भी तीव्र हो जाएगा.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहां है? गर्मियों की छुट्टियों में घूमने के लिए यह जगह है परफेक्ट, प्रकृति का अद्भुत नजारा दीवाना बना देगा

किन राज्यों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर?

पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ-साथ पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर फिर से शुरू हो सकता है. वहीं, मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-NCR में भयंकर गरज के साथ छींटे और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की उम्मीद है. वहीं, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी खराब मौसम का खतरा है. इसके बाद यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ सकता है.

---विज्ञापन---

गर्मियों में देरी

इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ेगा. बारिश के बाद पारे में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन 2026 की गर्मियों का आगाज और आगे खिसक जाएगा. जानकारों का मानना है कि 2026 की गर्मी भी 2024 के रिकॉर्ड तोड़ तापमान के बराबर रह सकती है, लेकिन इस बार शुरुआत में देरी हो रही है.

यह भी पढ़ें : स्वाद भी बदला और रंग भी! जानिए कैसे गायब हो रही ‘फलों के राजा’ की मिठास; क्या है इसके पीछे वजह

पकी फसलों पर खतरा

मौसम का यह मिजाज किसानों के लिए किसी झटके से कम नहीं है. इस समय रबी की फसलें (जैसे गेहूं और सरसों) पकने की कगार पर हैं या कटाई के दौर में हैं. ऐसे में भारी बारिश और ओलावृष्टि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है. हालांकि, मिट्टी में नमी बढ़ने से कुछ क्षेत्रों को लाभ भी होगा, लेकिन कुल मिलाकर यह खेती के लिए चुनौतीपूर्ण समय है.

यह भी पढ़ें : गर्मियों में कैसे रखें टॉप फ्लोर को ठंडा? अभी से करना शुरु कर दें ये आसान काम

क्या होते हैं वेस्टर्न डिस्टर्बेंस?

कैस्पियन या भूमध्य सागर में बनने वाले तूफानों को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कहा जाता है. इन तूफानों की वजह से उत्तर पश्चिम से ठंडी हवा चलती है. इसके चलते उत्तर पश्चिमी इलाकों में बिना मौसम की बारिश होती है.

First published on: Apr 02, 2026 09:25 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.