---विज्ञापन---

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस मचाएगा कोहराम! अगले 48 घंटों में आपके शहर पर क्या होगा असर; जानिए- अप्रैल में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है, जो 3 से 5 अप्रैल 2026 के बीच कई राज्यों में भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि लेकर आएगा.

---विज्ञापन---

अगर आपको लग रहा था कि मार्च की विदाई के साथ ही चिलचिलाती गर्मियां शुरू हो जाएंगी, तो थोड़ा ठहरिए. कुदरत ने अप्रैल के लिए कुछ और ही प्लान बना रखा है. उत्तर भारत एक बार फिर मौसम के एक बड़े और चुनौतीपूर्ण बदलाव के लिए तैयार हो रहा है. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है, जो 3 से 5 अप्रैल 2026 के बीच कई राज्यों में भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि लेकर आएगा.

3 से 5 अप्रैल के बीच ‘पीक’ पर होगा मौसम

इस वीकेंड से ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो जाएगा. मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस गुजरात-राजस्थान सीमा के करीब से गुजरेगा और उत्तर-पश्चिम भारत को पार करते समय और भी तीव्र हो जाएगा.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहां है? गर्मियों की छुट्टियों में घूमने के लिए यह जगह है परफेक्ट, प्रकृति का अद्भुत नजारा दीवाना बना देगा

किन राज्यों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर?

पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ-साथ पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर फिर से शुरू हो सकता है. वहीं, मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-NCR में भयंकर गरज के साथ छींटे और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की उम्मीद है. वहीं, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी खराब मौसम का खतरा है. इसके बाद यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ सकता है.

---विज्ञापन---

गर्मियों में देरी

इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ेगा. बारिश के बाद पारे में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन 2026 की गर्मियों का आगाज और आगे खिसक जाएगा. जानकारों का मानना है कि 2026 की गर्मी भी 2024 के रिकॉर्ड तोड़ तापमान के बराबर रह सकती है, लेकिन इस बार शुरुआत में देरी हो रही है.

यह भी पढ़ें : स्वाद भी बदला और रंग भी! जानिए कैसे गायब हो रही ‘फलों के राजा’ की मिठास; क्या है इसके पीछे वजह

---विज्ञापन---

पकी फसलों पर खतरा

मौसम का यह मिजाज किसानों के लिए किसी झटके से कम नहीं है. इस समय रबी की फसलें (जैसे गेहूं और सरसों) पकने की कगार पर हैं या कटाई के दौर में हैं. ऐसे में भारी बारिश और ओलावृष्टि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है. हालांकि, मिट्टी में नमी बढ़ने से कुछ क्षेत्रों को लाभ भी होगा, लेकिन कुल मिलाकर यह खेती के लिए चुनौतीपूर्ण समय है.

यह भी पढ़ें : गर्मियों में कैसे रखें टॉप फ्लोर को ठंडा? अभी से करना शुरु कर दें ये आसान काम

---विज्ञापन---

क्या होते हैं वेस्टर्न डिस्टर्बेंस?

कैस्पियन या भूमध्य सागर में बनने वाले तूफानों को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कहा जाता है. इन तूफानों की वजह से उत्तर पश्चिम से ठंडी हवा चलती है. इसके चलते उत्तर पश्चिमी इलाकों में बिना मौसम की बारिश होती है.

First published on: Apr 02, 2026 09:25 PM

End of Article

About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola