114 नए राफेल विमानों की मेगा डील, एयर चीफ मार्शल के बाद अब PM मोदी के फ्रांस दौरे पर टिकी निगाहें

India France Defence Deal: भारतीय वायुसेना को मजबूत करने के लिए 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की मेगा डील पर काम तेज हो गया है. एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के फ्रांस दौरे के बाद अब पीएम मोदी के दौरे पर टिकी हैं निगाहें. जानिए इस 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील से जुड़ी हर बड़ी बात.

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India France Defence Deal : इंडियन एयर चीफ मार्शल एपी सिंह तीन दिन के फ्रांस के दौरे पर थे. एयर चीफ का फ्रांस दौरे का मुख्य मकसद 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की मेगा डील को आगे बढ़ाने को लेकर था. रक्षा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी डील का अनुमानित बजट करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये है.
भारत की रणनीति इस बार बेहद साफ और दूरदर्शी है. भारत चाहता है कि फ्रांस से मिलने वाले इन फाइटर प्लेन्स में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में ही बनी मिसाइलें लगाई जाएं. ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भविष्य में यदि विमानों में कोई तकनीकी समस्या आती है तो भारत को स्पेयर पार्ट्स या हथियारों के लिए फ्रांस पर निर्भर न रहना पड़े.

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डील से जुड़ी 4 बड़ी बातें:

  • आधिकारिक प्रस्ताव भेजा गया: भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस मेगा डील को लेकर फ्रांस सरकार को अपना ऑफिशियल प्रपोजल (आधिकारिक प्रस्ताव) सौंप दिया है.
  • अगले 2-3 महीनों में आएगी रिपोर्ट: फ्रांस की तरफ से विमानों की कीमत, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (तकनीकी हस्तांतरण) और भारत में इसके निर्माण से जुड़ी जरूरी जानकारियां अगले दो से तीन महीनों में मिलने की उम्मीद है.
  • आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा: वायुसेना सूत्रों के अनुसार, इन 114 राफेल विमानों में से ज्यादातर का निर्माण भारत में ही स्वदेशी तरीके से किया जाएगा. कोशिश यही है कि इनमें ज्यादा से ज्यादा भारत में बने कल-पुर्जों (पार्स) का ही इस्तेमाल हो.
  • गोपनीय कोड पर नजर: इस डील का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट्स’ को लेकर है. यह एक बेहद गोपनीय तकनीकी ब्लूप्रिंट और सॉफ्टवेयर कोड होता है. इससे यह पता चलता है कि विमान का कंप्यूटर उसमें लगी मिसाइलों और हथियारों के साथ कैसे तालमेल बिठाएगा.

पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर टिकी नजरें

एयर चीफ मार्शल की इस यात्रा के बाद, इसी महीने यानी जून 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फ्रांस के दौरे पर जा रहे हैं, जहां वे G-सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. एक्सपर्ट्स का मानना है कि पीएम मोदी अपने इस दौरे में फ्रांस को इस बात के लिए राजी कर सकते हैं कि राफेल विमानों में भारत में बनी सस्ती और अचूक अस्त्र Mk1 और Mk2 मिसाइलों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए. इससे युद्ध जैसी स्थिति में देश के कीमती और महंगे हथियार सुरक्षित रहेंगे और भारत रक्षा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकेगा.

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